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Shamli News: अजय के सपनों को पूरा करने की मुहिम चला रहा परिवार
Wed, 22 May 2024 02:42 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 22 May 2024 02:42 AM IST
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अजय पाठक के भाई डॉ. हरिओम पाठक और दिनेश मामले की जानकारी देते हुए। संवाद
शामली। पंजाबी कॉलोनी में रहने वाले प्रसिद्ध गायक अजय पाठक की हत्या के बाद उनके सपनों को पूरा करने के लिए अब उनके भाई जिलेभर में बेसहारा बेटियों की शादी और लावारिस शवों के अंतिम संस्कार की मुहिम को चला रहे हैं। अजय पाठक ने भी हत्यारोपी हिंमांशु और उसकी बहन की खुद के खर्च पर शादी कराई थी मगर इसके बाद भी हत्या करते समय हिमांशु का दिल नहीं पसीजा था और उसने एक के बाद एक चारों की हत्या कर दी।
चिकित्सक हरिओम पाठक ने बताया कि दिवंगत भाई अजय पाठक ने गरीब कन्याओं की शादी के लिए मुहिम चलाई हुई थी। जिसके तहत उन्होंने 40 से अधिक गरीब कन्याओं की शादी में खुद दहेज दिया। सामाजिक कार्यकर्ता अजय संगल के साथ मिलकर 200 से अधिक लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कराने में अहम भूमिका निभाई। बताया कि उनके सपने को पूरा करने के लिए सभी ने मिलकर बेसहारा, गरीब कन्याओं की शादी के लिए मुहिम चलाई हुई है। 20 से अधिक कन्याओं की शादी में सहयोग किया है। इसके अलावा लावारिस शवों के अंतिम संस्कार में भी सहयोग किया जा रहा है। हरिओम ने कहा कि जब तक जीवित रहेंगे, मुहिम जारी रहेंगी, ताकि भाई की आत्मा को शांति मिल सके।
हत्याकांड से पूर्व वर्ष 2017 में शिष्य हिमांशु सैनी की शादी में भी अजय ने योगदान दिया था। इसके बाद वर्ष 2018 में हिमांशु की बहन की झारखेड़ी गांव में शादी थी, जिसमें उन्होंने शादी में खुद दहेज देकर परिवार की मदद की थी।
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संगीत के भी निशुल्क दे रहे टिप्स
दिनेश और अजय के भतीजे रवि पाठक और निशांत पंजाबी कॉलोनी में ही युवाओं को निशुल्क संगीत के टिप्स भी दे रहे हैं ताकि संगीत के क्षेत्र में युवा आगे बढ़कर जिले का नाम रोशन कर सके।
अक्सर घर पर ही आकर सोता था हिमांशु
परिवार के सदस्यों ने बताया कि हिमांशु अक्सर घर पर ही आकर सोता था। परिवार के लोग भी उस पर पूरा भरोसा करते थे। अजय उसे अपने बेटे के समान मानते थे।
धमकियों से भी नहीं डरे, पैरवी जारी रखी
हरिओम ने बताया कि करीब तीन साल पूर्व ही जेल से छूटा हिमांशु का एक साथी घर पर पहुंचा और सुलह के लिए दबाव बनाने लगा। कहा कि यदि जल्द मामले में सुलह नहीं की थी तो हत्या कर दी जाएगी। मगर परिवार के लोग डरे नहीं थे। आरोपी को कोतवाली पुलिस के हवाले करा दिया था। मामले की पैरवी जारी रखी।
14 गवाह किए गए पेश
हरिओम ने बताया कि मामले में 14 गवाह पेश किए गए। मामले को अंजाम तक पहुंचाने में वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर दुष्यंत सिंह, संजय चौहान, जावेद, अनिल निर्वाल, सतेंद्र धिरयान का अहम योगदान रहा। मीडिया, वकीलों और कोर्ट का अहसान जिंदगीभर नहीं भूल सकेंगे। कहा कि कोर्ट जो भी फैसला देगी, उन्हें मान्य होगा। कोर्ट पर उन्हें पूरा भरोसा है।
जानिए... कौन थे अजय पाठक और उनके परिवार के सदस्य
अजय पाठक प्रसिद्ध गायक और सामाजिक कार्यकर्ता थे। वे शामली के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और अन्य स्थानों पर जागरण और माता का जगराता करते थे। वह प्रसिद्ध गायक अनुराधा पोडवाल, पंजाब के गायक मास्टर सलीम, भजन गायक लखवीर सिंह लक्खा के साथ भी काम कर चुके हैं। परिवार में पांच भाई हैं। उनके बड़े भाई सूर्यपाठक पुरोहित हैं। जबकि विजय पाठक व्यापारी, दिनेश कुमार पाठक कथावाचक, हरिओम पाठक चिकित्सक और कपिल व्यवसायी हैं।
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चिकित्सक हरिओम पाठक ने बताया कि दिवंगत भाई अजय पाठक ने गरीब कन्याओं की शादी के लिए मुहिम चलाई हुई थी। जिसके तहत उन्होंने 40 से अधिक गरीब कन्याओं की शादी में खुद दहेज दिया। सामाजिक कार्यकर्ता अजय संगल के साथ मिलकर 200 से अधिक लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कराने में अहम भूमिका निभाई। बताया कि उनके सपने को पूरा करने के लिए सभी ने मिलकर बेसहारा, गरीब कन्याओं की शादी के लिए मुहिम चलाई हुई है। 20 से अधिक कन्याओं की शादी में सहयोग किया है। इसके अलावा लावारिस शवों के अंतिम संस्कार में भी सहयोग किया जा रहा है। हरिओम ने कहा कि जब तक जीवित रहेंगे, मुहिम जारी रहेंगी, ताकि भाई की आत्मा को शांति मिल सके।
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हत्याकांड से पूर्व वर्ष 2017 में शिष्य हिमांशु सैनी की शादी में भी अजय ने योगदान दिया था। इसके बाद वर्ष 2018 में हिमांशु की बहन की झारखेड़ी गांव में शादी थी, जिसमें उन्होंने शादी में खुद दहेज देकर परिवार की मदद की थी।
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संगीत के भी निशुल्क दे रहे टिप्स
दिनेश और अजय के भतीजे रवि पाठक और निशांत पंजाबी कॉलोनी में ही युवाओं को निशुल्क संगीत के टिप्स भी दे रहे हैं ताकि संगीत के क्षेत्र में युवा आगे बढ़कर जिले का नाम रोशन कर सके।
अक्सर घर पर ही आकर सोता था हिमांशु
परिवार के सदस्यों ने बताया कि हिमांशु अक्सर घर पर ही आकर सोता था। परिवार के लोग भी उस पर पूरा भरोसा करते थे। अजय उसे अपने बेटे के समान मानते थे।
धमकियों से भी नहीं डरे, पैरवी जारी रखी
हरिओम ने बताया कि करीब तीन साल पूर्व ही जेल से छूटा हिमांशु का एक साथी घर पर पहुंचा और सुलह के लिए दबाव बनाने लगा। कहा कि यदि जल्द मामले में सुलह नहीं की थी तो हत्या कर दी जाएगी। मगर परिवार के लोग डरे नहीं थे। आरोपी को कोतवाली पुलिस के हवाले करा दिया था। मामले की पैरवी जारी रखी।
14 गवाह किए गए पेश
हरिओम ने बताया कि मामले में 14 गवाह पेश किए गए। मामले को अंजाम तक पहुंचाने में वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर दुष्यंत सिंह, संजय चौहान, जावेद, अनिल निर्वाल, सतेंद्र धिरयान का अहम योगदान रहा। मीडिया, वकीलों और कोर्ट का अहसान जिंदगीभर नहीं भूल सकेंगे। कहा कि कोर्ट जो भी फैसला देगी, उन्हें मान्य होगा। कोर्ट पर उन्हें पूरा भरोसा है।
जानिए... कौन थे अजय पाठक और उनके परिवार के सदस्य
अजय पाठक प्रसिद्ध गायक और सामाजिक कार्यकर्ता थे। वे शामली के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और अन्य स्थानों पर जागरण और माता का जगराता करते थे। वह प्रसिद्ध गायक अनुराधा पोडवाल, पंजाब के गायक मास्टर सलीम, भजन गायक लखवीर सिंह लक्खा के साथ भी काम कर चुके हैं। परिवार में पांच भाई हैं। उनके बड़े भाई सूर्यपाठक पुरोहित हैं। जबकि विजय पाठक व्यापारी, दिनेश कुमार पाठक कथावाचक, हरिओम पाठक चिकित्सक और कपिल व्यवसायी हैं।