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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   The eyes of the devotees became moist after hearing the incident of Shri Ram's departure to the forest.

Shamli News: श्रीराम के वन गमन का प्रसंग सुन श्रद्धालुओं की आंखें हुईं नम

Tue, 05 Nov 2024 01:09 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Tue, 05 Nov 2024 01:09 AM IST
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The eyes of the devotees became moist after hearing the incident of Shri Ram's departure to the forest.
शामली में कैराना रोड पर जेजे फार्म में चल रही श्री राम कथा करते विजय कौशल महाराज । संवाद
शामली। संत प्रवर विजय कौशल महाराज ने श्रीराम कथा के दूसरे दिन मर्यादा पुरुषोत्तम राम, लक्ष्मण और सीता के वन गमन का भावपूर्ण प्रसंग प्रस्तुत किया। इसे सुनकर श्रद्धालुओं की आखें नम हो गई।
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कैराना रोड स्थित जेजे फार्म में श्रीराम कथा के दूसरे दिन विजय कौशल महाराज ने राम कथा की महिमा बताते हुए कहा कि राम कथा संशय से समाधान तक की यात्रा का नाम है। राम के जीवन में जो विघ्न उपस्थित हुआ, वह हम सब के जीवन में नित्य प्रति उपस्थित है। राम ने सारे झंझाबतो में कैसे रास्ता निकाला और कैसे उन पर विजय प्राप्त की यही राम कथा है। उन्होंने कहा राम ने जो करके दिखाया उस पर अमल करना चाहिए। राम ने जो कहा उसे पर नहीं। जबकि श्रीकृष्ण ने जो कहा उसे पर अमल करना चाहिए।
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उन्होंने जो किया उस पर नहीं। अयोध्या प्रसंग में देवताओं द्वारा विघ्न उपस्थित कर राम को 14 वर्ष के लिए वनवास भेजे जाने पर उन्होंने कहा कि मनुष्य जो चाहता है वह नहीं होता। जो देवता चाहते हैं वह होता है।
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उन्होंने कहा पत्नी वही है जो पति को पतन से या संकोच से बचा ले। उर्मिला के चरित्र का वर्णन करते हुए संत प्रवर ने कहा मेघनाथ के साथ हुए युद्ध में लक्ष्मण की विजय के पीछे उर्मिला की तपस्या और तेज था। मेघनाथ उर्मिला की तपस्या के तेज से मारा गया हालांकि मेघनाथ के पीछे भी उनकी पत्नी सती सुलोचना खड़ी थी लेकिन उर्मिला और सुलोचना में यही अंतर था कि सुलोचना पाप के साथ खड़ी थी और उर्मिला का सतीत्व परमात्मा के साथ खड़ा था।
उन्होंने आगे कहा राम, लक्ष्मण और सीता अवधवासियो को तमसा नदी के किनारे सोते हुए छोड़कर चुपचाप वन में चले गए और सिद्धांत यह है कि भगवान जागृत को मिलते हैं। इसके बाद उन्होंने राम के पूर्वजों शिवि, दधीचि, रतिदेव, बली, राम केवट संवाद प्रसंग का सुंदर वर्णन किया।

कथा के मुख्य यजमान अखिल बंसल व यजमान अशोक बंसल एवं सुधीर बंसल रहे। कथा के आयोजन में पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल, विनय बंसल, डॉ. अनुराग शर्मा, रोबिन गर्ग, प्रदीप, अंजना बंसल आदि मौजूद रहे।
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