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आस्था और अद्भुत निर्माण कला का प्रतीक मां बाला सुंदरी मंदिर

Tue, 13 Apr 2021 11:55 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Apr 2021 11:55 PM IST
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The center of faith is Maa Bala Sundari Temple
कैराना में मराठा कालीन सिद्घपीठ बाला सुन्दरी मन्दिर - फोटो : SHAMLI
आस्था का केंद्र है मां बाला सुंदरी मंदिर
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कैराना। कस्बे के उत्तर में स्थित सिद्धपीठ बाला सुंदरी मंदिर अद्भुत भवन निर्माण कला व आस्था का प्रतीक है। यह मंदिर करीब 400 वर्ष पुराना मराठा कालीन बताया गया है, जहां दूसरे प्रदेशों से भी श्रद्धालु आकर मन्नतें मांगते हैं। नवरात्र में मंदिर को सुंदर तरीके से सजाया जाता है तथा महाआरती के बाद प्रसाद वितरित होता है। चतुर्दशी पर पर विशाल भंडारे का भी आयोजन होता है।
मंदिर के अंदर मां बाला सुंदरी की आकर्षक प्रतिमा है। मान्यता है कि मां सच्चे मन से मांगी गई मुरादों को पूरा करती है। मंदिर में पहली मंजिल पर एक खिड़की है। इससे अंदर जाने के बाद सात मंजिला घुमावदार सीढ़ियां हैं। मंदिर की चोटी सातवीं मंजिल पर पहुंचने के बाद श्रद्धालु वहां बैठ कर ठंडी हवा का आनंद ले सकते हैं तथा वहां से छह किलोमीटर दूर बह रही यमुना के दर्शन भी हो जाते हैं।
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मंदिर में घुमावदार सीढ़ियां चढ़ने के दौरान मां शेरावाली की मूर्ति के ऊपर किसी का पैर नहीं आता। करोड़ों सीपियों को पीसकर उससे मंदिर की दीवारों का प्लास्टर किया गया है। इसी कारण 400 साल बीत जाने के बाद भी मंदिर की दीवारों में विशेष चमक दिखती है। 40 साल पहले तक यहां एक कुआं होता था, लेकिन वह अब बंद हो गया है। बाला सुंदरी मंदिर के बराबर में शिव मंदिर, हनुमान मंदिर, श्रीगणेश मंदिर, राम दरबार व राधा कृष्ण मंदिर हैं। मंदिर के सामने विशाल प्राचीन तालाब मंदिर के सौंदर्य को बढ़ाता है। इसके अलावा बनखंडी महादेव मंदिर, मां काली मंदिर, बालाजी धाम पूरे वातावरण को भक्तिमय बना देते हैं। मंदिर के पुजारी सुभाष शर्मा ने बताया कि नवरात्रों में मंदिर को सुंदर तरीके से सजाया जाता है। प्रतिदिन शाम को महाआरती में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
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मंदिर का इतिहास...
श्री देवी मंदिर तालाब सेवा समिति के सचिव सुभाष सिंघल ने बताया कि 400 साल पहले लाला रंगी लाल राजस्थान की एक रियासत में मुनीम थे। रंगीलाल के कोई संतान नहीं थी। लाला रंगी लाल ने 168 बीघा जमीन मारूफ रंगीलाल ट्रस्ट के नाम दान दे दी, जिसका बाद में नाम देवी मंदिर तालाब सेवा समिति पड़ गया। यहां पर लाला रंगीलाल ने मां बाला सुंदरी मंदिर के साथ ही शिव मंदिर व हनुमान मंदिर को निर्माण कराया था।

कैराना में मराठा कालीन सिद्घपीठ बाला सुन्दरी मन्दिर

कैराना में मराठा कालीन सिद्घपीठ बाला सुन्दरी मन्दिर- फोटो : SHAMLI

कैराना में मराठा कालीन सिद्घपीठ मा बाला सुन्दरी की प्रतिमा

कैराना में मराठा कालीन सिद्घपीठ मा बाला सुन्दरी की प्रतिमा- फोटो : SHAMLI

कैराना में मराठा कालीन सिद्घपीठ मा बाला सुन्दरी की प्रतिमा

कैराना में मराठा कालीन सिद्घपीठ मा बाला सुन्दरी की प्रतिमा- फोटो : SHAMLI

कैराना में प्राचीन देवी मन्दिर तालाब व उसके पीछे मा बाला सुन्दरी का भव्य मन्दिर

कैराना में प्राचीन देवी मन्दिर तालाब व उसके पीछे मा बाला सुन्दरी का भव्य मन्दिर- फोटो : SHAMLI

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