फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   The cause of the misery of anger creatures

क्रोध जीव के दुख का कारण

Sun, 12 Mar 2017 12:14 AM IST
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
शामली, अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 12 Mar 2017 12:14 AM IST
विज्ञापन
The cause of the misery of anger creatures
cultural - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली।  श्री 1008 सिद्ध चक्र महामंडल विधान के सातवें दिन जैन संत सौरभ सागर महाराज ने कहा कि जीव की काम-क्रोध, लोभ, मोह, माया की तीव्रता शांत नहीं होती। क्रोध जीव का दुख का  कारण है। लाचार, बेबस होना  जीव के भविष्य को बिगाड़ देना है।
विज्ञापन


शनिवार को तालाब रोड स्थित जैन धर्मशाला में श्री दिगंबर जैन साधु सेवा समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जैन संत सौरभ सागर के सानिध्य में हस्तिनापुर से आए पंडित संदीप जैन शास्त्री ने सौधर्म इंद्र, ललित जैन, नीरू जैन यज्ञनायक पंकज जैन, ईशान इंद्र सचिन जैन, प्रीति जैन, सुंदर लाल जैन, श्रीपाल जैन, राहुल जैन  को विधि विधान से पूजा अर्चना संपन्न कराई। 
विज्ञापन


जैन संत सौरभ सागर महाराज ने कहा कि  जीव को अपने बच्चों की गलती को अनदेखा न करें। गलती संज्ञान में आने के बाद उसे सुधारने का काम करना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


घर, परिवार और गृहस्थी में अनुशासन जरूरी है। माया के आने से जीव अहंकारी हो जाता है। माया आने के बाद अहंकार को छोड़ देना होगा, अगर किस्मत के भरोसे चलोगे, तो कुछ नहीं मिलेगा। पुरूषार्थ करोगे तो किस्मत को बदलने में समय नही लगेगा। इस मौके पर पंकज जैन, ललित जैन, मनोज जैन, अरविंद जैन, वीरेश जैन, बिजेंद्र जैन, महेशचंद जैन, जिनेद्र जैन, शरद जैन मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed