{"_id":"58b1cead4f1c1b2b69b27c24","slug":"the-autopsy-report-also-uncovered-the-secret-of-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी नहीं खुला मौत का राज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी नहीं खुला मौत का राज
ब्यूराो /अमर उजाला, शामली
Updated Sun, 26 Feb 2017 12:06 AM IST
विज्ञापन
accident
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
शामली। पांच महीने से वेतन नहीं मिला, परिवार से लंबी दूरी और कलह का घेरा। वीडी मिश्रा के कमरे का हाल बयां कर रहा था कि वेतन न मिलने पर सरकारी कर्मचारियों पर क्या बीतती है। मौत की वजह चाहे जो रही, मगर वीडी मिश्रा की मौत कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर क्यों कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलता। उनकी पारिवारिक जरूरतें क्या हैं, कैसे उन्हें निभा रहे हैं, इसकी कोई चिंता क्यों नहीं करता।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के कार्यालय अधीक्षक/प्रशासनिक अधिकारी वीडी मिश्रा के कमरे में एक बेड था, जिस पर कुछ जोड़ी पहनने के कपड़े गंदे हाल में इधर उधर पड़े थे, तो रजाई भी सिमटी पड़ी थी।
सामने रखी टेबल पर टीवी रखा था, तो बराबर में कलाई घड़ी, नमकीन का पैकेट और शराब की बोतल। इसी टेबिल के नीचे शराब की तीन खाली बोतलें और रखी थीं, तो उसके बराबर में खाली प्लेट और एक चप्पल पड़ी हुई थी। कमरे में नमकीन के पाउच का ढेर लगा हुआ था, जिसे देखकर अंदाज लगाया जा सकता है कि वीडी मिश्र अपनी गुजर कैसे कर रहे होंगे।
विज्ञापन
पांच महीने से वेतन न मिलने के कारण वह भी इसी उधेड़बुन में रहते होंगे कि आखिर क्या किया जाए। डीआरडीए के कर्मचारियों को अक्तूबर महीने से अब तक करीब पांच महीने का वेतन तक नहीं मिला। समझा जा सकता है कि पांच महीने से वेतन न मिलने पर सरकारी कर्मचारी के दिल पर क्या गुजरती होगी। परिवार की जरूरतों को कैसे पूरा किया जाए और किस तरह कार्य में मन लगाया जाए।
विसरा रिपोर्ट से आएगी सच्चाई सामने
प्रशासनिक अधिकारी वीडी मिश्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। देर शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों के पास पहुंची, जिसमें डाक्टरों ने विसरा प्रिजर्व (सुरक्षित) कर दिया है। अब आगरा स्थित प्रयोगशाला से विसरा की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि वीडी मिश्र की मौत किस वजह से हुई।
तनाव के कारण
1. डीआरडीए के कर्मियों को पांच महीने से वेतन नहीं मिला। परिवार से दूर रहने वाले कर्मियों को एक तरफ अपने खर्च की चिंता रहती है, तो दूसरी ओर परिवार के लिए भी पैसा भेजना पड़ता है। यदि वेतन ही नहीं मिलेगा, तो परेशानी बढ़नी लाजिमी है।
2. सरकारी दफ्तरों में काम का बोझ भी कर्मचारियों के तनाव का कारण है। एक तरफ कर्मचारियों की कमी रहती है, तो समय पर फाइलें पूरी करके उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजने की जद्दोजहद रहती है। यदि समय पर काम पूरा नहीं हुआ, तो अफसरों की फटकार अलग से झेलनी पड़ती है।
3. परिवार से दूर अलग रहने के कारण भी तनाव बन सकता है। अधिकांश लोग ऐसी परिस्थितियों में समझौता कर अपना काम चलाते हैं, तो काफी लोग टेंशन में भी आ जाते हैं। परिवार से फोन पर बातें होती हैं, तो कई दिक्कतें सामने आती हैं, मगर सरकारी नौकरी होने के कारण आसानी से अवकाश मिलना मुश्किल हो जाता है।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के कार्यालय अधीक्षक/प्रशासनिक अधिकारी वीडी मिश्रा के कमरे में एक बेड था, जिस पर कुछ जोड़ी पहनने के कपड़े गंदे हाल में इधर उधर पड़े थे, तो रजाई भी सिमटी पड़ी थी।
विज्ञापन
सामने रखी टेबल पर टीवी रखा था, तो बराबर में कलाई घड़ी, नमकीन का पैकेट और शराब की बोतल। इसी टेबिल के नीचे शराब की तीन खाली बोतलें और रखी थीं, तो उसके बराबर में खाली प्लेट और एक चप्पल पड़ी हुई थी। कमरे में नमकीन के पाउच का ढेर लगा हुआ था, जिसे देखकर अंदाज लगाया जा सकता है कि वीडी मिश्र अपनी गुजर कैसे कर रहे होंगे।
विज्ञापन
पांच महीने से वेतन न मिलने के कारण वह भी इसी उधेड़बुन में रहते होंगे कि आखिर क्या किया जाए। डीआरडीए के कर्मचारियों को अक्तूबर महीने से अब तक करीब पांच महीने का वेतन तक नहीं मिला। समझा जा सकता है कि पांच महीने से वेतन न मिलने पर सरकारी कर्मचारी के दिल पर क्या गुजरती होगी। परिवार की जरूरतों को कैसे पूरा किया जाए और किस तरह कार्य में मन लगाया जाए।
विसरा रिपोर्ट से आएगी सच्चाई सामने
प्रशासनिक अधिकारी वीडी मिश्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। देर शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों के पास पहुंची, जिसमें डाक्टरों ने विसरा प्रिजर्व (सुरक्षित) कर दिया है। अब आगरा स्थित प्रयोगशाला से विसरा की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि वीडी मिश्र की मौत किस वजह से हुई।
तनाव के कारण
1. डीआरडीए के कर्मियों को पांच महीने से वेतन नहीं मिला। परिवार से दूर रहने वाले कर्मियों को एक तरफ अपने खर्च की चिंता रहती है, तो दूसरी ओर परिवार के लिए भी पैसा भेजना पड़ता है। यदि वेतन ही नहीं मिलेगा, तो परेशानी बढ़नी लाजिमी है।
2. सरकारी दफ्तरों में काम का बोझ भी कर्मचारियों के तनाव का कारण है। एक तरफ कर्मचारियों की कमी रहती है, तो समय पर फाइलें पूरी करके उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजने की जद्दोजहद रहती है। यदि समय पर काम पूरा नहीं हुआ, तो अफसरों की फटकार अलग से झेलनी पड़ती है।
3. परिवार से दूर अलग रहने के कारण भी तनाव बन सकता है। अधिकांश लोग ऐसी परिस्थितियों में समझौता कर अपना काम चलाते हैं, तो काफी लोग टेंशन में भी आ जाते हैं। परिवार से फोन पर बातें होती हैं, तो कई दिक्कतें सामने आती हैं, मगर सरकारी नौकरी होने के कारण आसानी से अवकाश मिलना मुश्किल हो जाता है।