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लॉकडाउन में सुधर जाती है जिले की हवा
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लॉकडाउन में सुधर जाती है जिले की हवा
शामली। प्रदूषण के मामले में भी जिले की स्थिति बेहद खराब रहती है। सर्दी के मौसम में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती है। एयर क्वालिटी इंडेक्स 350 से ऊपर तक चला जाता है, जबकि लॉकडाउन के दौरान एक्यूआई 100 से नीचे आ जाता है।
मुजफ्फरनगर प्रदेश के सबसे प्रदूषित शहरों में गिना जाता है। शामली जनपद मुजफ्फरनगर से सटा हुआ है। यहां पर वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ा हुआ रहता है। 22 दिसंबर 2020 को जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स 350 पर था, जबकि कई बार इससे ज्यादा भी हो जाता है। मई माह में आंधी आने तथा बारिश होने के साथ ही कोरोना कर्फ्यू के चलते हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। एक मई को एयर क्वालिटी इंडेक्स 80 पर रहा। जबकि दो मई को 90 और तीन मई को 95 पर रहा। औद्योगिक गतिविधियों के कम होने तथा वाहनों के कम चलने के कारण लॉकडाउन के दौरान हवा की गुणवत्ता में सुधार हो जाता है।
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शामली। प्रदूषण के मामले में भी जिले की स्थिति बेहद खराब रहती है। सर्दी के मौसम में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती है। एयर क्वालिटी इंडेक्स 350 से ऊपर तक चला जाता है, जबकि लॉकडाउन के दौरान एक्यूआई 100 से नीचे आ जाता है।
मुजफ्फरनगर प्रदेश के सबसे प्रदूषित शहरों में गिना जाता है। शामली जनपद मुजफ्फरनगर से सटा हुआ है। यहां पर वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ा हुआ रहता है। 22 दिसंबर 2020 को जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स 350 पर था, जबकि कई बार इससे ज्यादा भी हो जाता है। मई माह में आंधी आने तथा बारिश होने के साथ ही कोरोना कर्फ्यू के चलते हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। एक मई को एयर क्वालिटी इंडेक्स 80 पर रहा। जबकि दो मई को 90 और तीन मई को 95 पर रहा। औद्योगिक गतिविधियों के कम होने तथा वाहनों के कम चलने के कारण लॉकडाउन के दौरान हवा की गुणवत्ता में सुधार हो जाता है।
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