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Shamli News: 55 करोड़ रुपये की लागत से 204 किमी लंबी पूर्वी यमुना नहर की होगी पुनर्स्थापना

Mon, 16 Jun 2025 12:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 16 Jun 2025 12:30 AM IST
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The 204 km long Eastern Yamuna Canal will be restored at a cost of Rs 55 crore
शामली की पूर्वी यमुना नहर । - फोटो : reasi
शामली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए जीवन रेखा कही जाने वाली 204 किमी लंबाई की पूर्वी यमुना नहर की 55 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्स्थापना की उम्मीद जगी है। शासन से धनराशि अवमुक्त होने के बाद जनपदवार निर्माण एजेंसी काम कराएंगी।
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हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से निकलने वाली पूर्वी यमुना नहर का निर्माण अंग्रेजों ने 1830 में कराया था। सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद होकर दिल्ली तक 204 किमी लंबाई की पूर्वी यमुना नहर की 4400 क्यूसेक पानी की क्षमता थी। मौजूदा समय में नहर की 50 फीसदी पानी की क्षमता रह गई है। 195 साल बाद पूर्वी यमुना नहर का स्वरूप बदल गया। नहर के किनारे कमजोर होने से पानी की क्षमता घटती चली गई है।
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छपरौली के विधायक एवं आश्वासन समिति के चेयरमैन डाॅक्टर अजय कुमार सिंह के प्रयास से पूर्वी यमुना नहर को पुराने स्वरूप से बदलकर नए स्वरूप में लाने के लिए पुनर्स्थापना से पहले सर्वेक्षण कराया गया। बाद में सहारनपुर, शामली, बागपत और गाजियाबाद जिले तक 204 किमी पूर्वी यमुना नहर का पुनर्स्थापना का मामला आश्वासन समिति की बैठक में रखा गया। पुनर्स्थापना की रिपोर्ट आश्वासन समिति से स्वीकृत होकर शासन को भेजी गई है। सिंचाई विभाग से 55 करोड़ रुपये की लागत का एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा गया है।
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पूर्वी यमुना नहर खंड शामली के अधिशासी अभियंता विवेक कुमार वाष्र्णेय ने बताया कि 55 करोड़ रुपये की लागत से एस्टीमेट बनाकर सिंचाई विभाग को भेजा गया है। पुनर्स्थापना की शासन में वित्तीय स्वीकृति के बाद धनराशि अवमुक्त होगी। इसके बाद सहारनपुर, शामली, बागपत में बड़ौत खंड और गाजियाबाद में निर्माण एजेंसी कार्य कराया जाएगा। छपरौली विधायक अजय कुमार ने बताया कि इसी माह शासन से पूर्वी यमुना नहर का पुनर्स्थापना के कार्य के लिए वित्तीय धनराशि स्वीकृति होने की उम्मीद है।

- पुनर्स्थापना में ये होंगे कार्य
नए पुलों का निर्माण के साथ पूर्वी यमुना नहर के भनेड़ा, भैंसवाल, करमूखेड़ी, भूड़पुर, किशनपुर बिराल में नए रेगुलेटर बनाए जाएंगे। 204 किमी लंबाई वाली पूर्वी यमुना नहर सहारनपुर जिले में 90 किमी, शामली जिले में 50 किमी, 100 किमी लंबाई में बागपत और गाजियाबाद जिला शामिल है।

- पानी की क्षमता बढ़ाने के लिए नहर की होगी सिल्ट सफाई

पूर्वी यमुना नहर के अधीक्षण अभियंता सहारनपुर ओपी वर्मा ने बताया कि पुनर्स्थापना की धनराशि अवमुक्त होने के बाद पानी की क्षमता बढ़ाने के लिए सिल्ट सफाई कराई जाएगी। नए रेगुलेटर गेट लगाए जाएंगे।
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