{"_id":"680a83d4a936af1a20007d0e","slug":"terrorist-attack-snatched-away-the-happiness-of-pakistani-sehrish-shamli-news-c-26-1-sal1002-140838-2025-04-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: आतंकी हमले ने छीनीं पाकिस्तानी सेहरिश की खुशियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: आतंकी हमले ने छीनीं पाकिस्तानी सेहरिश की खुशियां
विज्ञापन
पाकिस्तान की सेहरिश अपने पति वाजिद के साथ। संवाद
शामली। पाकिस्तान के मुल्तान शहर की रहने वाली सेहरिश बानो का भारत आने का सपना तीन साल बाद पूरा हुआ। वीजा के लिए दस्तावेज और कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण दुल्हन भारत नहीं आ पा रही थी, लेकिन सात दिन पूर्व ही वह पाकिस्तान से अपनी ससुराल कांधला के मोहल्ला खैल में पहुंची। ससुराल में परिवार के साथ हंसी खुशी से रह रही सेहरिश की दो दिन पूर्व पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने खुशियां छीन लीं।
प्रशासन की ओर से आतंकी हमले का हवाला देते हुए मात्र सात दिन बाद ही सेहरिश को वापस अपने मायके पाकिस्तान भेजने का आदेश जारी कर दिया। सेहरिश को बृहस्पतिवार को अटारी बॉर्डर पर छोड़ा गया। 45 दिन का वीजा होने के बावजूद सरकार के नियमों में उलझकर सेहरिश सिर्फ सात दिन बाद ही मायके को रवाना हुई। जिसको लेकर दंपती और परिवार के सदस्य दुखी हैं।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। भारत में आने वाले सभी पाकिस्तानियों को वापस भेजा जा रहा है। इसी आदेश के बाद जब शामली में पाकिस्तानियों की तलाश शुरू हुई तो पता चला कि यहां पर सात दिन पूर्व 17 अप्रैल को ही शामली के कांधला कस्बे के खैल मोहल्ले में मुल्तान शहर से सेहरिश आईं थीं।
विज्ञापन
सेहरिश बानो की शादी तीन साल पूर्व ही कांधला के वाजिद के साथ हुई थी। सेहरिश वाजिद की बुआ की लड़की है। निकाह के बाद से वीजा और अन्य कागजातों में खामियों के कारण वह अपनी ससुराल कांधला नहीं आ पा रही थी। निकाह के तीन साल बाद सात दिन पहले ही वह 45 दिन के वीजा पर अपनी ससुराल आई थी।
- सेहरिश की उड़ीं खुशियां, रो-रोकर बुरा हाल
सेहरिश ने रोते हुए बताया कि सात दिन पूर्व वह 45 दिन के शाॅर्ट टर्म वीजा पर शामली आई थी। वह पूरे 45 दिन ससुराल में रहकर ससुरालियों के साथ व्यतीत करना चाहती थी। कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले की घटना के बाद उसे 48 घंटे के अंदर भारत छोड़ने के बारे में प्रशासन ने जानकारी दी। वह पति वाजिद के साथ खुफिया विभाग के कार्यालय पहुंची। जहां पर उन्हें भारत छोड़ने की जानकारी दी गई।
- वाजिद बोला, हालात सामान्य होने पर फिर पत्नी को लाने की करेगा कोशिश
दंपती और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। वाजिद ने बताया कि उसने पत्नी को बाॅर्डर पर छोड़ दिया हैए जहां से वह पाकिस्तान चली गई है। कहा कि पुलिस से पत्नी को कम से कम 45 दिन तक रहने दिए जाने की गुहार लगाई थी मगर उनकी नहीं सुनी गई। भविष्य में मामला शांत होने पर फिर से पत्नी को पाकिस्तान से बुलाया जाएगा। एसपी रामसेवक गौतम का कहना है कि पाकिस्तान से आने वालों को 48 घंटे के अंदर वापस जाने के आदेश दिया गया है।
- मैं चाहती हूं जिंदगीभर पति के साथ रहूं, प्रधानमंत्री से लगाएंगे गुहार
सेहरिश बानो का कहना है कि उसका सपना है कि वह जिंदगीभर अपने पति के साथ ही रहे। सात दिनों में जो खुशी ससुराल में मिली, उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती। वाजिद भी पत्नी को भारत में ही रखना चाहता है। कहा कि मामले को लेकर वह पीएम को भी पत्र भेजेगा, ताकि पत्नी को भारत की नागरिकता दिलाई जा सके।
- पाकिस्तानी बहू के आने पर पूरे मोहल्ले में मनाया गया था जश्न
वाजिद कस्बे में ही वैल्डिंग की दुकान करता है। बताया कि पत्नी के पाकिस्तान से आने पर 17 अप्रैल को पूरे मोहल्ले में खुशी का माहौल था। मोहल्ले के लोगों की दावत की थी। पत्नी को परिवार में होने वाली अन्य शादियों में भी शामिल होना था।
- 30 दिन के वीजा पर पाकिस्तान गया था वाजिद, तब हुई थी शादी
वाजिद ने बताया कि तीन साल पूर्व परिवार के सदस्यों ने उसकी शादी सेहरिश से तय कर दी थी। वह 30 दिन के वीजा पर पाकिस्तान गया था। पाकिस्तान में ही उसकी शादी हुई थी। पत्नी को भारत के लिए चार बार वीजा बनवाने को आवेदन किया मगर चारों बार कैंसिल कर दिया गया। इस बार पत्नी आई मगर सात दिन बाद ही जाना पड़ा।
विज्ञापन
प्रशासन की ओर से आतंकी हमले का हवाला देते हुए मात्र सात दिन बाद ही सेहरिश को वापस अपने मायके पाकिस्तान भेजने का आदेश जारी कर दिया। सेहरिश को बृहस्पतिवार को अटारी बॉर्डर पर छोड़ा गया। 45 दिन का वीजा होने के बावजूद सरकार के नियमों में उलझकर सेहरिश सिर्फ सात दिन बाद ही मायके को रवाना हुई। जिसको लेकर दंपती और परिवार के सदस्य दुखी हैं।
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। भारत में आने वाले सभी पाकिस्तानियों को वापस भेजा जा रहा है। इसी आदेश के बाद जब शामली में पाकिस्तानियों की तलाश शुरू हुई तो पता चला कि यहां पर सात दिन पूर्व 17 अप्रैल को ही शामली के कांधला कस्बे के खैल मोहल्ले में मुल्तान शहर से सेहरिश आईं थीं।
विज्ञापन
सेहरिश बानो की शादी तीन साल पूर्व ही कांधला के वाजिद के साथ हुई थी। सेहरिश वाजिद की बुआ की लड़की है। निकाह के बाद से वीजा और अन्य कागजातों में खामियों के कारण वह अपनी ससुराल कांधला नहीं आ पा रही थी। निकाह के तीन साल बाद सात दिन पहले ही वह 45 दिन के वीजा पर अपनी ससुराल आई थी।
- सेहरिश की उड़ीं खुशियां, रो-रोकर बुरा हाल
सेहरिश ने रोते हुए बताया कि सात दिन पूर्व वह 45 दिन के शाॅर्ट टर्म वीजा पर शामली आई थी। वह पूरे 45 दिन ससुराल में रहकर ससुरालियों के साथ व्यतीत करना चाहती थी। कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले की घटना के बाद उसे 48 घंटे के अंदर भारत छोड़ने के बारे में प्रशासन ने जानकारी दी। वह पति वाजिद के साथ खुफिया विभाग के कार्यालय पहुंची। जहां पर उन्हें भारत छोड़ने की जानकारी दी गई।
- वाजिद बोला, हालात सामान्य होने पर फिर पत्नी को लाने की करेगा कोशिश
दंपती और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। वाजिद ने बताया कि उसने पत्नी को बाॅर्डर पर छोड़ दिया हैए जहां से वह पाकिस्तान चली गई है। कहा कि पुलिस से पत्नी को कम से कम 45 दिन तक रहने दिए जाने की गुहार लगाई थी मगर उनकी नहीं सुनी गई। भविष्य में मामला शांत होने पर फिर से पत्नी को पाकिस्तान से बुलाया जाएगा। एसपी रामसेवक गौतम का कहना है कि पाकिस्तान से आने वालों को 48 घंटे के अंदर वापस जाने के आदेश दिया गया है।
- मैं चाहती हूं जिंदगीभर पति के साथ रहूं, प्रधानमंत्री से लगाएंगे गुहार
सेहरिश बानो का कहना है कि उसका सपना है कि वह जिंदगीभर अपने पति के साथ ही रहे। सात दिनों में जो खुशी ससुराल में मिली, उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती। वाजिद भी पत्नी को भारत में ही रखना चाहता है। कहा कि मामले को लेकर वह पीएम को भी पत्र भेजेगा, ताकि पत्नी को भारत की नागरिकता दिलाई जा सके।
- पाकिस्तानी बहू के आने पर पूरे मोहल्ले में मनाया गया था जश्न
वाजिद कस्बे में ही वैल्डिंग की दुकान करता है। बताया कि पत्नी के पाकिस्तान से आने पर 17 अप्रैल को पूरे मोहल्ले में खुशी का माहौल था। मोहल्ले के लोगों की दावत की थी। पत्नी को परिवार में होने वाली अन्य शादियों में भी शामिल होना था।
- 30 दिन के वीजा पर पाकिस्तान गया था वाजिद, तब हुई थी शादी
वाजिद ने बताया कि तीन साल पूर्व परिवार के सदस्यों ने उसकी शादी सेहरिश से तय कर दी थी। वह 30 दिन के वीजा पर पाकिस्तान गया था। पाकिस्तान में ही उसकी शादी हुई थी। पत्नी को भारत के लिए चार बार वीजा बनवाने को आवेदन किया मगर चारों बार कैंसिल कर दिया गया। इस बार पत्नी आई मगर सात दिन बाद ही जाना पड़ा।