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Shamli News: शिक्षकों को भी चल-अचल संपत्ति का देना होगा ब्योरा
Wed, 06 Mar 2024 12:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 06 Mar 2024 12:47 AM IST
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शामली। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को अब अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देना होगा। कहां-कहां जमीन खरीदी और कौन-कौन गाड़ी रखे हैं। सबकुछ मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। महानिदेशक के पत्र के बाद विभाग पोर्टल पर ब्योरा अपलोड कराने में जुट गया है।
जनपद में 596 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित है। सभी में तीन हजार के लगभग शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक है। महानिदेशक ने बेसिक शिक्षा विभाग के सभी शिक्षकों को चल- अचल संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया था। आदेश में कहा कि विभाग में तैनात सभी शिक्षकों के पास कितनी चल- अचल संपत्ति है, उसकी डिटेल विभाग को उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद विभाग के माध्यम से उसे मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि अगर, किसी शिक्षक का नाम घोटाला या घपलेबाजी प्रकरण में आया तो उसकी संपत्ति आदि का आसानी से जांच हो पाएगी। शिक्षा अधिकारियों ने सभी शिक्षकों को संपत्ति का ब्योरा विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए है। बीएसए कुमारी कोमल ने कहा कि निदेशालय का पत्र आने पर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मार्च में सभी शिक्षकों को मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना है।
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जनपद में 596 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित है। सभी में तीन हजार के लगभग शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक है। महानिदेशक ने बेसिक शिक्षा विभाग के सभी शिक्षकों को चल- अचल संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया था। आदेश में कहा कि विभाग में तैनात सभी शिक्षकों के पास कितनी चल- अचल संपत्ति है, उसकी डिटेल विभाग को उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद विभाग के माध्यम से उसे मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि अगर, किसी शिक्षक का नाम घोटाला या घपलेबाजी प्रकरण में आया तो उसकी संपत्ति आदि का आसानी से जांच हो पाएगी। शिक्षा अधिकारियों ने सभी शिक्षकों को संपत्ति का ब्योरा विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए है। बीएसए कुमारी कोमल ने कहा कि निदेशालय का पत्र आने पर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मार्च में सभी शिक्षकों को मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना है।
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