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स्कूल में शिक्षक आए पर बच्चे नहीं
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Thu, 12 Oct 2017 12:15 AM IST
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Gasoline in Shamli
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। गैस रिसाव से होने से बच्चों में दहशत का आलम है। दूसरे दिन सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका विद्या इंटर कॉलेज में बच्चे नहीं पहुंचे। दोनों स्कूल खुले रहे, शिक्षक भी आए, लेकिन बच्चे नहीं आए। कक्ष मेें बैठे शिक्षक भी बच्चों का इंतजार करते रहे। वहीं, हादसे के बाद हुई
अफरातफरी के कारण कुछ बच्चे अपना बैग और साइकिल भी स्कूल में ही छोड़ गए, जो बुधवार को स्कूल में रखे मिले।
मंगलवार को गैस रिसाव के कारण बुढ़ाना रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका इंटर कॉलेज के करीब 300 बच्चों की हालत बिगड़ गई थी। प्राथमिक उपचार के बाद अधिकांश बच्चों को घर भेज दिया गया था, लेकिन आठ बच्चे अस्पताल में ही भर्ती रहे थे। हादसे की वजह से बच्चों में दहशत व्याप्त हो गई थी।
इसका असर बुधवार को सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका विद्या इंटर कॉलेज में देखने को मिला। स्कूल में सभी शिक्षक और शिक्षिका पहुंचे, लेकिन दोनों स्कूलों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं ने स्कूल जाने की इच्छा नहीं जताई। अभिभावकों ने भी बच्चों को स्कूल भेजने से किनारा कर दिया। इसके चलते शिक्षक और शिक्षिकाओं को कक्ष में बैठकर ही समय बिताना पड़ा। कुछ शिक्षक प्रधानाचार्य के कार्यालय में बैैठकर सीसीटीवी से मंगलवार की घटना को देखते मिले।
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प्रधानाचार्य उमेश कुमार और रवींद्र सिंह का कहना है कि बुधवार सुबह सिर्फ दस बच्चे ही स्कूल आए थे। उन बच्चों को घर भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को स्कूल में बच्चों के आने की उम्मीद है। अभी बच्चों के मन में घटना की दहशत बनी हुई है। वहीं परिजन भी बच्चों को लेकर अभी तक गंभीर है।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के पदाधिकारी पहुंचे स्कूल
बुधवार दोपहर माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के पदाधिकारी भी घटना की जानकारी लेने सरस्वती शिशु मंदिर पहुंचे। उन्होंने प्रधानाचार्य से बातचीत कर घटना की जानकारी ली और हर संभव मदद करने का भरोसा दिया।
इस दौरान एमएलसी उमेश द्विवेदी और संजय कुमार, प्रदेश महिला अध्यक्ष रेणू, सहारनपुर मंडल अध्यक्ष राजबीरी चौहान, प्रदेश संगठन मंत्री रामपाल जांगडा, शामली जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार भार्गव और प्रवीण शर्मा आदि मौजूद रहे।
वहीं, बायोगैस प्लांट के नजदीक मोहल्ला दयानंदनगर की गलियों में बुधवार को सन्नाटा पसरा नजर आया। मंगलवार की घटना से लोग काफी आशंकित थे। रोज की तरह चहल पहल नहीं होने से गलियां वीरान नजर आई। इसी मोहल्ले के हुकुम चंद और भीम सिंह का कहना है कि वह काफी समय से यहां रह रहे हैं। इन लोगों ने कहा कि इस तरह का हादसा पहली बार हुआ।
शुगर मिल प्रबंधन को बदनाम करने की साजिश
शामली। अपर दोआब शुगर मिल के अधिकारियों ने गैस रिसाव होने से इंकार किया है। अधिकारियों ने कहा कि शुगर मिल प्रबंधन को बदनाम करने की साजिश हो रही है, जिससे पर्दा उठना चाहिए।
बुधवार दोपहर करीब एक बजे अपर दोआब शुगर मिल शामली के महाप्रबंधक (केन) डाक्टर कुलदीप पिलानिया, सीनियर मैनेजर (लीगल) बिशंबर दाहुजा, अतिरिक्त महाप्रबंधक (केन) नरेश कुमार, उपमहाप्रबंधक करणपाल सिंह और सीनियर मैनेजर दीपक राणा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि अभी तक शुगर मिल से ऐसा कोई पदार्थ, द्रव्य अथवा गैस नहीं निकलती है, जिससे मानव शरीर को हानि पहुंचे। डाक्टर कुलदीप पिलानिया ने बताया कि सर शादीलाल एंटरप्राइजेज के मैनेजिंग डायरेक्टर रजतलाल और प्रबंधन के खिलाफ साजिश के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
उधर, अतिरिक्त महाप्रबंधक (केन) नरेश कुमार, उपमहाप्रबंधक (केन) करणपाल सिंह सरोहा, अनिल कुमार, दीपक कुमार, रमेश वाधवा, वीपी सिंह, कमल किशोर, दीपक राणा, अमित कुमार कौशिक, सीआर गौतम, विनय कुमार, रोशनलाल जांगड़ा, पंकज कुमार अग्रवाल, विनीत जैन, राकेश कुमार शर्मा, महेश कुमार गुप्ता, विजीत जैन, अशोक गर्ग और शुभम गर्ग ने इस्तीफे की पेशकश की है। ब्यूरो
गंभीरता से हो रही जांच ः डीएम
शामली। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि गैस प्रकरण को लेकर गंभीरता से जांच चल रही है। अभी तक जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। हर बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।
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अफरातफरी के कारण कुछ बच्चे अपना बैग और साइकिल भी स्कूल में ही छोड़ गए, जो बुधवार को स्कूल में रखे मिले।
मंगलवार को गैस रिसाव के कारण बुढ़ाना रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका इंटर कॉलेज के करीब 300 बच्चों की हालत बिगड़ गई थी। प्राथमिक उपचार के बाद अधिकांश बच्चों को घर भेज दिया गया था, लेकिन आठ बच्चे अस्पताल में ही भर्ती रहे थे। हादसे की वजह से बच्चों में दहशत व्याप्त हो गई थी।
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इसका असर बुधवार को सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका विद्या इंटर कॉलेज में देखने को मिला। स्कूल में सभी शिक्षक और शिक्षिका पहुंचे, लेकिन दोनों स्कूलों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं ने स्कूल जाने की इच्छा नहीं जताई। अभिभावकों ने भी बच्चों को स्कूल भेजने से किनारा कर दिया। इसके चलते शिक्षक और शिक्षिकाओं को कक्ष में बैठकर ही समय बिताना पड़ा। कुछ शिक्षक प्रधानाचार्य के कार्यालय में बैैठकर सीसीटीवी से मंगलवार की घटना को देखते मिले।
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प्रधानाचार्य उमेश कुमार और रवींद्र सिंह का कहना है कि बुधवार सुबह सिर्फ दस बच्चे ही स्कूल आए थे। उन बच्चों को घर भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को स्कूल में बच्चों के आने की उम्मीद है। अभी बच्चों के मन में घटना की दहशत बनी हुई है। वहीं परिजन भी बच्चों को लेकर अभी तक गंभीर है।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के पदाधिकारी पहुंचे स्कूल
बुधवार दोपहर माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के पदाधिकारी भी घटना की जानकारी लेने सरस्वती शिशु मंदिर पहुंचे। उन्होंने प्रधानाचार्य से बातचीत कर घटना की जानकारी ली और हर संभव मदद करने का भरोसा दिया।
इस दौरान एमएलसी उमेश द्विवेदी और संजय कुमार, प्रदेश महिला अध्यक्ष रेणू, सहारनपुर मंडल अध्यक्ष राजबीरी चौहान, प्रदेश संगठन मंत्री रामपाल जांगडा, शामली जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार भार्गव और प्रवीण शर्मा आदि मौजूद रहे।
वहीं, बायोगैस प्लांट के नजदीक मोहल्ला दयानंदनगर की गलियों में बुधवार को सन्नाटा पसरा नजर आया। मंगलवार की घटना से लोग काफी आशंकित थे। रोज की तरह चहल पहल नहीं होने से गलियां वीरान नजर आई। इसी मोहल्ले के हुकुम चंद और भीम सिंह का कहना है कि वह काफी समय से यहां रह रहे हैं। इन लोगों ने कहा कि इस तरह का हादसा पहली बार हुआ।
शुगर मिल प्रबंधन को बदनाम करने की साजिश
शामली। अपर दोआब शुगर मिल के अधिकारियों ने गैस रिसाव होने से इंकार किया है। अधिकारियों ने कहा कि शुगर मिल प्रबंधन को बदनाम करने की साजिश हो रही है, जिससे पर्दा उठना चाहिए।
बुधवार दोपहर करीब एक बजे अपर दोआब शुगर मिल शामली के महाप्रबंधक (केन) डाक्टर कुलदीप पिलानिया, सीनियर मैनेजर (लीगल) बिशंबर दाहुजा, अतिरिक्त महाप्रबंधक (केन) नरेश कुमार, उपमहाप्रबंधक करणपाल सिंह और सीनियर मैनेजर दीपक राणा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि अभी तक शुगर मिल से ऐसा कोई पदार्थ, द्रव्य अथवा गैस नहीं निकलती है, जिससे मानव शरीर को हानि पहुंचे। डाक्टर कुलदीप पिलानिया ने बताया कि सर शादीलाल एंटरप्राइजेज के मैनेजिंग डायरेक्टर रजतलाल और प्रबंधन के खिलाफ साजिश के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
उधर, अतिरिक्त महाप्रबंधक (केन) नरेश कुमार, उपमहाप्रबंधक (केन) करणपाल सिंह सरोहा, अनिल कुमार, दीपक कुमार, रमेश वाधवा, वीपी सिंह, कमल किशोर, दीपक राणा, अमित कुमार कौशिक, सीआर गौतम, विनय कुमार, रोशनलाल जांगड़ा, पंकज कुमार अग्रवाल, विनीत जैन, राकेश कुमार शर्मा, महेश कुमार गुप्ता, विजीत जैन, अशोक गर्ग और शुभम गर्ग ने इस्तीफे की पेशकश की है। ब्यूरो
गंभीरता से हो रही जांच ः डीएम
शामली। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि गैस प्रकरण को लेकर गंभीरता से जांच चल रही है। अभी तक जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। हर बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।