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Shamli News: बकाया वेतन एरियर को लेकर शिक्षक नेता ने अधिकारियों को भिजवाया नोटिस
Mon, 11 Mar 2024 01:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 11 Mar 2024 01:13 AM IST
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शामली। शिक्षक नेता ने कई वर्षों से लंबित सभी प्रकार के बकाया वेतन एरियर को लेकर हाईकोर्ट में वाद दायर करने के लिए वकील के माध्यम से कानूनी नोटिस समस्त जवाबदेह अधिकारियों को भिजवाया। 15 दिन में निस्तारण न होने पर हाईकोर्ट में वाद दायर कराए जाने की बात कही।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश शाखा शामली के जिलाध्यक्ष नितिन कुमार ने बताया कि कई वर्षों से जनपद के सैकड़ों परिषदीय शिक्षकों के वर्षों से लंबित अवशेष देयकों वेतन का भुगतान कराने की मांग कर रहा है। आरोप है कि वर्षों से उपरोक्त मांग पर होने वाली कार्रवाई केवल संबंधित अधिकारियों के बीच पत्राचार बैठक करने आदि तक ही सीमित रही। उन्होंने कहा शिक्षकों को अवशेष वेतन से वंचित रख उनका मानसिक एवं आर्थिक शोषण करना शिक्षकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। जिससे परेशान होकर संगठन ने शिक्षक हित में उक्त गंभीर प्रकरण में न्याय हेतु माननीय उच्च न्यायालय में वाद दायर करने के विकल्प पर विचार किया है। सभी जवाबदेह अधिकारियों को कानूनी नोटिस भिजवाया गया है। यदि नोटिस उपरांत भी शिक्षकों के वर्षों से लंबित अवशेष वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, तो संगठन माननीय उच्च न्यायालय में शिक्षकों को ब्याज सहित अवशेष वेतन का भुगतान कराने और निजी स्वार्थ के वशीभूत अवशेष वेतन को जानबूझकर वर्षों लंबित रखने हेतु दोषियों के विरुद्ध विधि सम्मत दंडात्मक कार्रवाई कराने को वाद दायर कराने हेतु महासंघ बाध्य होगा। सभी शिक्षा अधिकारियोें को एडवोकेट विनोद कुमार पुंडीर द्वारा दिए गए नोटिस में 15 दिन का समय दिया गया है।
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राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश शाखा शामली के जिलाध्यक्ष नितिन कुमार ने बताया कि कई वर्षों से जनपद के सैकड़ों परिषदीय शिक्षकों के वर्षों से लंबित अवशेष देयकों वेतन का भुगतान कराने की मांग कर रहा है। आरोप है कि वर्षों से उपरोक्त मांग पर होने वाली कार्रवाई केवल संबंधित अधिकारियों के बीच पत्राचार बैठक करने आदि तक ही सीमित रही। उन्होंने कहा शिक्षकों को अवशेष वेतन से वंचित रख उनका मानसिक एवं आर्थिक शोषण करना शिक्षकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। जिससे परेशान होकर संगठन ने शिक्षक हित में उक्त गंभीर प्रकरण में न्याय हेतु माननीय उच्च न्यायालय में वाद दायर करने के विकल्प पर विचार किया है। सभी जवाबदेह अधिकारियों को कानूनी नोटिस भिजवाया गया है। यदि नोटिस उपरांत भी शिक्षकों के वर्षों से लंबित अवशेष वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, तो संगठन माननीय उच्च न्यायालय में शिक्षकों को ब्याज सहित अवशेष वेतन का भुगतान कराने और निजी स्वार्थ के वशीभूत अवशेष वेतन को जानबूझकर वर्षों लंबित रखने हेतु दोषियों के विरुद्ध विधि सम्मत दंडात्मक कार्रवाई कराने को वाद दायर कराने हेतु महासंघ बाध्य होगा। सभी शिक्षा अधिकारियोें को एडवोकेट विनोद कुमार पुंडीर द्वारा दिए गए नोटिस में 15 दिन का समय दिया गया है।
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