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तंग गलियों के मकानों में बनता है मौत का सामान
Fri, 03 May 2019 11:08 PM IST
NAVEEN GUPTA
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Fri, 03 May 2019 11:08 PM IST
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file photo
- फोटो : amarujala
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थानाभवन कस्बा ही नहीं बल्कि पूरा जिला बारूद के ढेर पर बैठा है। सरकारी दस्तावेजों में पूरे जिले में पटाखा बनाने के 27 लाइसेंस हैं, लेकिन ये काम सैकड़ों जगहों पर चल रहा है। लाइसेंस के मानकों और नियम शर्तों की भी जांच पड़ताल नहीं होती। पहले भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं, लेकिन कोई सबक नहीं लेता।
थानाभवन कस्बे में ही 13 लोगों पर पटाखा बनाने के लाइसेंस हैं। विस्फोट के बाद पुलिस ने जब सर्च अभियान चलाया तो एक के बाद एक घरों से पटाखा बनाने की सामग्री मिलनी शुरू हो गई। भारी मात्रा से घरों से विस्फोटक बरामद हुए। तंग गलियों में घरों में बन रही आतिशबाजी कितनी लोगों की जान की दुश्मन बनी है। ये हाल केवल थानाभवन का ही नहीं, पूरे जिले का है। डीएम कार्यालय के अनुसार जिले में पटाखा बनाने के लाइसेंस 27 लोगों पर हैं। इनमें कांधला, गढ़ीपुख्ता आदि जगहों पर हैं। लेकिन पटाखे बनाने का काम सैकड़ों जगहों पर हो रहा है। ये लोग लाइसेंस किसी ओर जगह का लेते हैं लेकिन पटाखे घरों में बनाते हैं। ऐसी तंग गलियों में ये काम होता है जहां भीषण अग्निकांड होने के बाद फायरब्रिगेड की गाड़ियां भी आसानी से नहीं जा सकती। इनके लिए कई नियम भी हैं, लेकिन उनका भी पालन नहीं होता। थानाभवन की 50 हजार की आबादी है। कस्बे में 13 लाइसेंसी लोग हैं, जबकि मोहल्ला छिपियान, रेत्ती, शाहविलायत, तिलग्रान और बंदागढ़ में सैकड़ों घरों में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम चल रहा है। इतना ही नहीं, पूर्व में हुए छह हादसों में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
पूर्व में थानाभवन में हुए हादसे
2018 : दीपावली से तीन दिन पहले मोहल्ला हाफिजदोस्त में कूड़ा उठाते समय विस्फोट होने से सफाई कर्मचारी राजेश कुमार झुलसा।
2016 : मोहल्ला छिपियान में एक घर के बाहर विस्फोट होने से हादसा बाल-बाल बचा।
2014 : मोहल्ला छिपियान के एक घर में विस्फोट होने से एक वृद्धा की मौत।
2013 : मोहल्ला छिपियान में घर में पटाखों में विस्फोट से दो लोगों की मौत, कई घायल।
2011 : नई घासमंडी के एक घर में डिबिया गिरने से पटाखों में विस्फोट, महिला व लड़की बुरी तरह झुलसी।
2007 : मोहल्ला छिपियान में एक फैक्टरी में विस्फोट होने से एक दर्जन लोग झुलसे, छत क्षतिग्रस्त।
आधे घंटे पहले तो विस्फोट तो गंभीर होते हालात
लोगों ने बताया कि कूड़े में विस्फोट सुबह पौने आठ बजे हुआ, जबकि, सुबह सवा सात बजे तक सामने स्थित सरस्वती पब्लिक जूनियर हाई स्कूल के बच्चे स्कूल में आते हैं। यदि ये हादसा उस वक्त होता तो बच्चों की जान पर भी आफत बन सकती थी। हादसे के बाद स्कूल के बच्चे भी काफी दहशत में थे। बच्चों ने बताया कि वे लोग प्रार्थना करके क्लास रूम में जाने ही वाले थे कि काफी तेज धमाका हुआ। ऐसा लगा कि कहीं कोई बम फटा हो। वे लोग तेजी से घरों के बाहर दौडे़ तो घटना पता चला।
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सामने आई चिकित्सकों की लापरवाही
हादसे के बाद महिला को उठाकर कस्बे के सामुदायिक चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। नौ बजे तक महिला को उपचार नहीं मिला। खुद चिकित्सा अधीक्षक साढ़े नौ बजे अस्पताल पहुंचे, जबकि अस्पताल का ड्यूटी टाइम आठ बजे से शुरू हो जाता है। इससे नाराज गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा के भाई नरेश राणा ने फोन कर सीएमओ से शिकायत की। इसके बाद दूसरे चिकित्सकों को बुलाकर महिला का उपचार किया गया।
नगर पंचायत भी कम जिम्मेदार नहीं
कस्बेवासियों ने बताया कि वह काफी समय से नगर पंचायत को शिकायत कर रहे हैं कि स्कूल के सामने से कूड़े के ढेर को हटाया जाए। वजह ये है कि इससे स्कूल में बदबू फैलती है और बच्चों की सेहत को भी कूड़े से खतरा है। बावजूद इसके आज भी उक्त जगह पर कूड़ा डाला जा रहा है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी रवि यादव ने बताया कि शीघ्र इस जगह से कूूड़ा प्वाइंट हटा दिया जाएगा। ईओ के अनुसार घटना में घायल महिला सफाई कर्मी की पत्नी है जो उसके काम में हाथ बटाने चली गई थी। उन्होंने भी घटना पर अफसोस जताया।
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थानाभवन कस्बे में ही 13 लोगों पर पटाखा बनाने के लाइसेंस हैं। विस्फोट के बाद पुलिस ने जब सर्च अभियान चलाया तो एक के बाद एक घरों से पटाखा बनाने की सामग्री मिलनी शुरू हो गई। भारी मात्रा से घरों से विस्फोटक बरामद हुए। तंग गलियों में घरों में बन रही आतिशबाजी कितनी लोगों की जान की दुश्मन बनी है। ये हाल केवल थानाभवन का ही नहीं, पूरे जिले का है। डीएम कार्यालय के अनुसार जिले में पटाखा बनाने के लाइसेंस 27 लोगों पर हैं। इनमें कांधला, गढ़ीपुख्ता आदि जगहों पर हैं। लेकिन पटाखे बनाने का काम सैकड़ों जगहों पर हो रहा है। ये लोग लाइसेंस किसी ओर जगह का लेते हैं लेकिन पटाखे घरों में बनाते हैं। ऐसी तंग गलियों में ये काम होता है जहां भीषण अग्निकांड होने के बाद फायरब्रिगेड की गाड़ियां भी आसानी से नहीं जा सकती। इनके लिए कई नियम भी हैं, लेकिन उनका भी पालन नहीं होता। थानाभवन की 50 हजार की आबादी है। कस्बे में 13 लाइसेंसी लोग हैं, जबकि मोहल्ला छिपियान, रेत्ती, शाहविलायत, तिलग्रान और बंदागढ़ में सैकड़ों घरों में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम चल रहा है। इतना ही नहीं, पूर्व में हुए छह हादसों में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
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पूर्व में थानाभवन में हुए हादसे
2018 : दीपावली से तीन दिन पहले मोहल्ला हाफिजदोस्त में कूड़ा उठाते समय विस्फोट होने से सफाई कर्मचारी राजेश कुमार झुलसा।
2016 : मोहल्ला छिपियान में एक घर के बाहर विस्फोट होने से हादसा बाल-बाल बचा।
2014 : मोहल्ला छिपियान के एक घर में विस्फोट होने से एक वृद्धा की मौत।
2013 : मोहल्ला छिपियान में घर में पटाखों में विस्फोट से दो लोगों की मौत, कई घायल।
2011 : नई घासमंडी के एक घर में डिबिया गिरने से पटाखों में विस्फोट, महिला व लड़की बुरी तरह झुलसी।
2007 : मोहल्ला छिपियान में एक फैक्टरी में विस्फोट होने से एक दर्जन लोग झुलसे, छत क्षतिग्रस्त।
आधे घंटे पहले तो विस्फोट तो गंभीर होते हालात
लोगों ने बताया कि कूड़े में विस्फोट सुबह पौने आठ बजे हुआ, जबकि, सुबह सवा सात बजे तक सामने स्थित सरस्वती पब्लिक जूनियर हाई स्कूल के बच्चे स्कूल में आते हैं। यदि ये हादसा उस वक्त होता तो बच्चों की जान पर भी आफत बन सकती थी। हादसे के बाद स्कूल के बच्चे भी काफी दहशत में थे। बच्चों ने बताया कि वे लोग प्रार्थना करके क्लास रूम में जाने ही वाले थे कि काफी तेज धमाका हुआ। ऐसा लगा कि कहीं कोई बम फटा हो। वे लोग तेजी से घरों के बाहर दौडे़ तो घटना पता चला।
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सामने आई चिकित्सकों की लापरवाही
हादसे के बाद महिला को उठाकर कस्बे के सामुदायिक चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। नौ बजे तक महिला को उपचार नहीं मिला। खुद चिकित्सा अधीक्षक साढ़े नौ बजे अस्पताल पहुंचे, जबकि अस्पताल का ड्यूटी टाइम आठ बजे से शुरू हो जाता है। इससे नाराज गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा के भाई नरेश राणा ने फोन कर सीएमओ से शिकायत की। इसके बाद दूसरे चिकित्सकों को बुलाकर महिला का उपचार किया गया।
नगर पंचायत भी कम जिम्मेदार नहीं
कस्बेवासियों ने बताया कि वह काफी समय से नगर पंचायत को शिकायत कर रहे हैं कि स्कूल के सामने से कूड़े के ढेर को हटाया जाए। वजह ये है कि इससे स्कूल में बदबू फैलती है और बच्चों की सेहत को भी कूड़े से खतरा है। बावजूद इसके आज भी उक्त जगह पर कूड़ा डाला जा रहा है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी रवि यादव ने बताया कि शीघ्र इस जगह से कूूड़ा प्वाइंट हटा दिया जाएगा। ईओ के अनुसार घटना में घायल महिला सफाई कर्मी की पत्नी है जो उसके काम में हाथ बटाने चली गई थी। उन्होंने भी घटना पर अफसोस जताया।