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बकाया भुगतान पर अधिकारियों से वार्ता विफल

Sun, 20 Jan 2019 10:54 PM IST
Deepak Sharma शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो Published by: Deepak Sharma Updated Sun, 20 Jan 2019 10:54 PM IST
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Talks with officials over outstanding payment failed
farmer - फोटो : अमर उजाला
शामली। बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर शामली चीनी मिल परिसर में चल रहा किसानों का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। रविवार को धरनास्थल पर सांसद तबस्सुम हसन और विधायक नाहिद हसन भी पहुंचे। उन्होंने भी किसानों के धरने को अपना समर्थन दिया। इस दौरान कुछ किसानों ने बकाया भुगतान नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी दे डाली। शाम को डीसीओ और मिल के जीएम केन के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रही। किसानों ने साफ कह दिया कि पूरा भुगतान होने के बाद ही धरना समाप्त किया जाएगा।
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बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर शामली चीनी मिल बंद कराकर परिसर में किसानों का धरना चल रहा है। रविवार को पांचवें दिन देशपाल राणा की अध्यक्षता और प्रमोद राणा बनत के संचालन में धरने जारी रहा। दोपहर में सांसद तबस्सुम हसन और विधायक नाहिद हसन, पूर्व विधायक पंकज मलिक, रालोद जिलाध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन ने धरने पर पहुंचकर किसानों को समर्थन दिया।
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दोपहर में सात किसानों ने बकाया भुगतान नहीं होने से क्षुब्ध होकर आत्मदाह की चेतावनी दे दी। जिससे पुलिस-प्रशासन में अफरातफरी मच गई। सोमवार शाम चार बजे तक अगर बकाया भुगतान नहीं होता है तो उसके बाद किसान आगे की रणनीति तय करेंगे। मौके पर हरपाल ठेकेदार, जितेंद्र निर्वाल, पप्पू टिटौली, सुधीर निर्वाल, विक्की भैंसवाल, शैली रेलपार, जित्ता रेलपार, पिंटू कसेरवा, टिवंकल टिटौली, अरविंद सिलावर आदि मौजूद रहे।
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हम सांसद-विधायक नहीं किसान बनकर आए हैं
रालोद सांसद तबस्सुम हसन और विधायक नाहिद हसन ने धरने पर किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वे यहां पर न तो सांसद हैं और न ही विधायक। वे किसी राजनीतिक दल की तरफ से नहीं आए हैं। वे भी किसान परिवार से हैं और किसानों का दुुख-दर्द अच्छी तरह समझते हैं।

किसानों की मांग जायज : पंकज मलिक
पूर्व विधायक पंकज मलिक ने कहा कि सबसे पहले वे किसान है। किसानों के इस आंदोलन में वे पूरी तरह से उनके साथ है। किसानों की मांग जायज है। सरकार को किसानों का गन्ना भुगतान दिलाने के बारे में सोचना चाहिए।  

विफल हो गई वार्ता  
 शाम करीब चार बजे डीसीओ डॉक्टर अनिल कुमार भारती और शामली मिल के जीएम केन कुलदीप पिलानिया धरने पर पहुंचे। करीब एक घंटे तक किसानों के साथ चली बातचीत में कोई हल नहीं निकल सका। जीएम केन ने सोमवार को 11 बजे तक कुछ व्यवस्था करने की बात कही। किसानों ने उन्हें सोमवार शाम चार बजे तक का समय देते हुए कहा कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती तो इसके बाद आंदोलन की अगली रणनीति तय करेंगे।  

रात में 51 किसान संभालेंगे धरने की कमान
मिल परिसर में किसानों का धरना दिन-रात चल रहा है। धरने पर 51 किसान मौजूद रहकर विधिवत धरने को चलाएंगे। रात में धरना चलाने के लिए व्यवस्था बनाकर गांववार किसानों को जिम्मेदारी दी गई है।

बंद कमरे में नहीं होगी वार्ता
देशपाल राणा ने बताया कि किसानों ने तय किया है कि मिल अधिकारियों या प्रशासन के अधिकारियों से जो भी बातचीत होगी, वह बंद कमरे में नहीं होगी। सभी बातचीत किसानों के सामने होगी। जो भी बातचीत हो, वह माइक से होगी ताकि किसानों को पूरी जानकारी मिलती रहे।

अब शामली चीनी मिल की चीनी होगी कुर्क
शामली। डीएम ने कहा कि गन्ना आंदोलन के शामली चीनी मिल प्रबंधन किसानों का बकाया भुगतान अदा  करने में विफल रहा है। वार्ता विफल हो जाने के बाद जिला प्रशासन ने मिल के खिलाफ सख्ती से कदम उठाने का निर्णय लिया गया है। जिला प्रशासन शामली चीनी मिल  की चीनी स्टाक की कुर्की करके नीलामी कराएगा। रविवार शाम डीएम ने बताया कि प्रदेश के गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा के निर्देश पर मिल के खिलाफ सख्ती से कदम उठाने का निर्णय लिया है। किसानों के खाते में दस करोड़ का भुगतान सीधे जाएगा। उनका बकाया भुगतान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।


धरने को समर्थन देने का निर्णय लिया
शामली। क्रांतिकारी किसान संगठन की लिलौन में हुई बैठक में कलक्ट्रेट में चल रहे किसान यूनियन कार्यकर्ताओं के बेमियादी धरने को समर्थन देने का निर्णय लिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत चौधरी ने कहा कि सोमवार को कलक्ट्रेट में होने वाली पंचायत में उनके कार्यकर्ता  हरियाणा, राजस्थान से शामली पहुंचेंगे। राष्ट्रीय महासचिव राजस्थान प्रभारी समे सिंह एडवोकेट ने स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने कृषि को उद्योग का दर्जा दिलाने, किसानों का कर्ज माफ करने, बिजली बिलों को आधा करने की मांग की है। किसान संगठन युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र पाल, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रजनी चौधरी, हरेंद्र प्रधान, मौजूद रहेंगे।
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