शामली। शहर के कई मोहल्लों में बंदरों ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है। कहीं से खुली जगह देखकर बंदर घर में घुसकर नुकसान करते हैं। विरोध करने पर हमला कर देते हैं। जिसके चलते लोग सर्दी में घर की छतों पर धूप में नहीं बैठ पाते। गलियों में भी बंदरों के आतंक के चलते निकलना मुश्किल हो गया है। छत पर कपडे सुखाने जाने वाली महिलाएं बंदरों के हमले में हादसों का शिकार हो चुकी है। शिकायतों के बाद भी नगर पालिका कोई समस्या का समाधान नहीं हुआ। जिससे लोगों में रोष व्याप्त है।
शहर के मोहल्ला अहमद नगर, गुलशन नगर, दयानंद नगर, शांति नगर, रेलपार में इन दिनों बंदरों के का आतंक है। मोहल्ले की सड़कों से लेकर छतों तक बंदरों का झुंड रहने से मोहल्लेवासी छत पर जाने और घर से बाहर निकलने से कतरा रहे है। रविवार को मोहल्लेवासियों ने नगर पालिका के खिलाफ प्रदर्शन किया। बताया कि मोहल्ले में बंदरों के आतंक से बच्चों से बाहर निकलना बंद कर दिया। मोहल्ला अहमदनगर के ही सदाकत खान की पुत्री गजाला छत पर कपड़े सुखाने के लिए गई थी, अचानक बंदरों के हमले से बचने के प्रयाय में वह छत से नीचे गिर गई। उसकी हाथ की हड्डी टूट गई। इसके अलावा नजाकत का पुत्र अनस घर के बाहर खड़ा था। इसी दौरान बंदरों ने हमला कर उसे घायल कर दिया। मोहल्ले के लोग कई बार नगर पालिका अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मोहल्ले के लोगों में दहशत व्याप्त है। सभासद हाजी खालिद ने मोहल्लेवासियों से जल्द की बंदरों को पकड़ने का आश्वासन दिया। मौके पर मास्टर जाकिर, प्रवेज खान, जरीफ अहमद, सदाकत, तंजीम आदि मौजूद रहे।