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किसान सभा में गन्ना भुगतान का मुद्दा उठा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 06 Nov 2016 12:16 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। सोने की चिड़िया फेडरेशन के तत्वावधान में आयोजित किसान सभा में किसानों की कई समस्याएं उठाई गई। इसमें किसानों की समस्याएं दूर करने के लिए एक सही संगठन की जरूरत पर जोर दिया गया। इसके अलावा गन्ना मूल्य बकाया भुगतान सहित अन्य मुद्दों को उठाया गया।
मुख्य अतिथि पूर्व कंट्रोलर जनरल डिफेंस एकाउंट्स प्रेम सभ्लोक ने कहा कि किसान मिलों में गन्ना डाल रहे हैं। लेकिन दो वर्षों तक इसका भुगतान नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार भी मिलों का ध्यान तो रख रही है। मगर किसानों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने कहा कि किसानों का करीब 1180 करोड़ गन्ना मूल्य पर ब्याज भुगतान बाकी है। मगर उसे माफ कर मिलों का ही साथ दिया जा रहा है। यदि जल्द ही इसका भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
सप्लायर्स केन फेडरेशन के पूर्व डायरेक्टर प्रीतम सिंह ने कहा कि गन्ना नियंत्रण अधिनियम 1966 के तहत यदि गन्ने के भुगतान में 14 दिन से ज्यादा देरी होती है तो 15 प्रतिशत ब्याज का प्रावधान है। लेकिन किसानों को आज तक कोई ब्याज नहीं मिला। वहीं, फेडरेशन के मुख्य संयोजक आलोक कुमार ने कहा कि गन्ना उद्योग को सरकारी नियंत्रण से मुक्त होना चाहिए। इससे मिलों को अपने उत्पादों की बेहतर कीमत मिलेगी।
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अध्यक्षता श्याम सिंह और संचालन सुधीर मास्टर ने किया। इस दौरान राष्ट्रीय युवा क्रांति मोर्चा अध्यक्ष नलिन सिंह, रणधीर सिंह, सेमवीर, यशपाल सिंह वकील, दिनेश स्वरुप, उमेश कुमार, सत्यबीर, रालोद जिलाध्यक्ष ऋषिपाल राझड, देशराज भनेडा, आजाद सिंह, सतपाल पहलवान, बालेंद्र प्रधान, रामसुख रणधावा आदि रहे।
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मुख्य अतिथि पूर्व कंट्रोलर जनरल डिफेंस एकाउंट्स प्रेम सभ्लोक ने कहा कि किसान मिलों में गन्ना डाल रहे हैं। लेकिन दो वर्षों तक इसका भुगतान नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार भी मिलों का ध्यान तो रख रही है। मगर किसानों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने कहा कि किसानों का करीब 1180 करोड़ गन्ना मूल्य पर ब्याज भुगतान बाकी है। मगर उसे माफ कर मिलों का ही साथ दिया जा रहा है। यदि जल्द ही इसका भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
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सप्लायर्स केन फेडरेशन के पूर्व डायरेक्टर प्रीतम सिंह ने कहा कि गन्ना नियंत्रण अधिनियम 1966 के तहत यदि गन्ने के भुगतान में 14 दिन से ज्यादा देरी होती है तो 15 प्रतिशत ब्याज का प्रावधान है। लेकिन किसानों को आज तक कोई ब्याज नहीं मिला। वहीं, फेडरेशन के मुख्य संयोजक आलोक कुमार ने कहा कि गन्ना उद्योग को सरकारी नियंत्रण से मुक्त होना चाहिए। इससे मिलों को अपने उत्पादों की बेहतर कीमत मिलेगी।
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अध्यक्षता श्याम सिंह और संचालन सुधीर मास्टर ने किया। इस दौरान राष्ट्रीय युवा क्रांति मोर्चा अध्यक्ष नलिन सिंह, रणधीर सिंह, सेमवीर, यशपाल सिंह वकील, दिनेश स्वरुप, उमेश कुमार, सत्यबीर, रालोद जिलाध्यक्ष ऋषिपाल राझड, देशराज भनेडा, आजाद सिंह, सतपाल पहलवान, बालेंद्र प्रधान, रामसुख रणधावा आदि रहे।