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गन्ना भुगतान न करने पर ऊन शुगर मिल पर मुकदमा दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Mon, 03 Oct 2016 04:15 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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अमर उजाला ब्यूरो
ऊन। ऊन की सुपीरियर फूड ग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किसानों का गन्ना भुगतान न करने पर गन्ना समिति ऊन के प्रभारी सचिव ने मिल के अध्याशि समेत तीन के खिलाफ अमानत में ख्यानत के मामले में मुकदमा कायम कराया है। वहीं दूसरी और मिल गेट पर भुगतान की मांग को लेकर किसानों का धरना अभी भी जारी है।
ऊन की चीनी मिल पर किसानों का 59 करोड़ 73 लाख 51 हजार रुपये गन्ना भुगतान के बकाया है। मिल के द्वारा गन्ना किसानों के गन्ना भुगतान के लिए मिल के द्वारा 35 करोड़ रुपये की सीसी लिमिट चंडीगढ़ के यूनियन बैंक आफ इंडिया से बनवाई गई, लेकिन उस पैसे से किसानों का कोई भुगतान नहीं किया। इससे अलग मिल के द्वारा बेची गई चीनी से प्राप्त धन का डायवर्जन कर पांच करोड़ 58 लाख 21 हजार रुपये भी मिल मालिकों ने अन्य कार्यों में लगा लिए।
गन्ना समिति के प्रभारी सचिव विवेक चौधरी ने मिल के प्रबंध निदेशक राणा इंद्र प्रताप सिंह, अध्यासी वीर प्रताप, यूनिट हैड जीएस खेरा के खिलाफ अमानत में ख्यानत, धारा 420 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया है।
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वहीं, दूसरी और बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर सातवें दिन भी मिल गेट के बाहर क्षेत्र के किसानों का धरना जारी है। किसानों का कहना है कि जब तक पूर्ण भुगतान मिल के द्वारा नहीं कर दिया जाता तब तक धरना जारी रहेगा।
मिल के अंदर किसी भी तरह का कोई कार्य नहीं करने दिया जाएगा। किसानों ने सोमवार के दिन ऊन गन्ना समिति पर पहुंच कर अपना गन्ना दूसरी मिलों को आवंटन करने के लिए प्रस्ताव पास कराने के लिये अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। मौके पर राजबीर, संजीव पिंडोरा, राजीव, योगेश, रवि ढिंढाली, सनोज चौधरी आदि शामिल रहे।
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ऊन। ऊन की सुपीरियर फूड ग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किसानों का गन्ना भुगतान न करने पर गन्ना समिति ऊन के प्रभारी सचिव ने मिल के अध्याशि समेत तीन के खिलाफ अमानत में ख्यानत के मामले में मुकदमा कायम कराया है। वहीं दूसरी और मिल गेट पर भुगतान की मांग को लेकर किसानों का धरना अभी भी जारी है।
ऊन की चीनी मिल पर किसानों का 59 करोड़ 73 लाख 51 हजार रुपये गन्ना भुगतान के बकाया है। मिल के द्वारा गन्ना किसानों के गन्ना भुगतान के लिए मिल के द्वारा 35 करोड़ रुपये की सीसी लिमिट चंडीगढ़ के यूनियन बैंक आफ इंडिया से बनवाई गई, लेकिन उस पैसे से किसानों का कोई भुगतान नहीं किया। इससे अलग मिल के द्वारा बेची गई चीनी से प्राप्त धन का डायवर्जन कर पांच करोड़ 58 लाख 21 हजार रुपये भी मिल मालिकों ने अन्य कार्यों में लगा लिए।
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गन्ना समिति के प्रभारी सचिव विवेक चौधरी ने मिल के प्रबंध निदेशक राणा इंद्र प्रताप सिंह, अध्यासी वीर प्रताप, यूनिट हैड जीएस खेरा के खिलाफ अमानत में ख्यानत, धारा 420 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया है।
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वहीं, दूसरी और बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर सातवें दिन भी मिल गेट के बाहर क्षेत्र के किसानों का धरना जारी है। किसानों का कहना है कि जब तक पूर्ण भुगतान मिल के द्वारा नहीं कर दिया जाता तब तक धरना जारी रहेगा।
मिल के अंदर किसी भी तरह का कोई कार्य नहीं करने दिया जाएगा। किसानों ने सोमवार के दिन ऊन गन्ना समिति पर पहुंच कर अपना गन्ना दूसरी मिलों को आवंटन करने के लिए प्रस्ताव पास कराने के लिये अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। मौके पर राजबीर, संजीव पिंडोरा, राजीव, योगेश, रवि ढिंढाली, सनोज चौधरी आदि शामिल रहे।