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ऐसे कर्म करो वैभव तुम्हारे पीछे आए
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Mon, 29 Feb 2016 01:06 AM IST
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कांधला। नगर में होने वाले पंच कल्याणक के लिए जैन समाज की ओर से चित्र अनावरण और तिलक समारोह कराया गया। इस दौरान जैन संत उपाध्याय 108 नयन सागर महाराज ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समाज के लोगों का आह्वान किया।
तीर्थकर भगवान ऋषभ देव के पंच कल्याणक के लिए महोत्सव पर जैन संत उपाध्याय 108 श्री नयन सागर जी महाराज ने कहा कि पूरा नगर जिस महोत्सव की तैयारी में लगा हुआ है, महोत्सव से निकलने वाली ऊर्जा नगर ही नहीं देश विदेश में शांति लाने वाली होगी। मानव जीवन बहुत महत्वपूर्ण मिला है। जिसको मनुष्य समझ नहीं पा रहा है। हमें अपने आप को समझना होगा। आज मनुष्य को दूसरों का पता है लेकिन अपने बारे में वह कुछ नहीं जानता। आज सब वैभव के पीछे भाग रहे हैं। ऐसा कर्म करो कि वैभव खुद तुम्हारे पीछे भागे, यही जीवन का लक्ष्य होना चाहिए।
पंच कल्याणक के पांच दिनों के उत्सव में पाषाण को परमात्मा बनते हुए देखोगे सोचों इंसान क्या बनेगा, इंसान का परमात्मा बनना आसान नहीं है। भगवान ऋषभदेव पंच कल्याणक पूरे विश्व की शांति के लिए होगा प्रत्येक घर में दया करुणा शांति की बात होनी चाहिए। अपने मन के पापों को पंच कल्याणक महोत्सव में सहभागी बनाकर धो डाले।
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दोपहर के समय पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ में बनने वाले पात्र माता पिता सौधर्म इंद्र, महाकुवा, यज्ञनायक, ईशान इंद्र, सानत इंद्र, महेंद्र इंद्र आदि पात्रों का तिलक धूमधाम से साथ धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ उल्लास पूर्वक संपन्न हुआ।
तिलक समारोह के बाद भगवान नेमिनाथ जी के चित्र का अनावरण खतौली निवासी अशोक जैन, विपिन जैन द्वारा, श्री निर्मल सागर जी महाराज के चित्र का अनावरण गुड़गांव से आए तरुण जैन द्वारा किया गया। दीप प्रज्वलित ऋषिकेश से आए प्रमोद जैन ने किया। प्रीतमपुरा दिल्ली से आए बिजेंद्र जैन ने जिनवाणी जैनशास्त्र गुरु चरणों में भेंट किया। इस दौरान अन्य धार्मिक कार्यक्रम संपन्न कराए गए।
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तीर्थकर भगवान ऋषभ देव के पंच कल्याणक के लिए महोत्सव पर जैन संत उपाध्याय 108 श्री नयन सागर जी महाराज ने कहा कि पूरा नगर जिस महोत्सव की तैयारी में लगा हुआ है, महोत्सव से निकलने वाली ऊर्जा नगर ही नहीं देश विदेश में शांति लाने वाली होगी। मानव जीवन बहुत महत्वपूर्ण मिला है। जिसको मनुष्य समझ नहीं पा रहा है। हमें अपने आप को समझना होगा। आज मनुष्य को दूसरों का पता है लेकिन अपने बारे में वह कुछ नहीं जानता। आज सब वैभव के पीछे भाग रहे हैं। ऐसा कर्म करो कि वैभव खुद तुम्हारे पीछे भागे, यही जीवन का लक्ष्य होना चाहिए।
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पंच कल्याणक के पांच दिनों के उत्सव में पाषाण को परमात्मा बनते हुए देखोगे सोचों इंसान क्या बनेगा, इंसान का परमात्मा बनना आसान नहीं है। भगवान ऋषभदेव पंच कल्याणक पूरे विश्व की शांति के लिए होगा प्रत्येक घर में दया करुणा शांति की बात होनी चाहिए। अपने मन के पापों को पंच कल्याणक महोत्सव में सहभागी बनाकर धो डाले।
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दोपहर के समय पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ में बनने वाले पात्र माता पिता सौधर्म इंद्र, महाकुवा, यज्ञनायक, ईशान इंद्र, सानत इंद्र, महेंद्र इंद्र आदि पात्रों का तिलक धूमधाम से साथ धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ उल्लास पूर्वक संपन्न हुआ।
तिलक समारोह के बाद भगवान नेमिनाथ जी के चित्र का अनावरण खतौली निवासी अशोक जैन, विपिन जैन द्वारा, श्री निर्मल सागर जी महाराज के चित्र का अनावरण गुड़गांव से आए तरुण जैन द्वारा किया गया। दीप प्रज्वलित ऋषिकेश से आए प्रमोद जैन ने किया। प्रीतमपुरा दिल्ली से आए बिजेंद्र जैन ने जिनवाणी जैनशास्त्र गुरु चरणों में भेंट किया। इस दौरान अन्य धार्मिक कार्यक्रम संपन्न कराए गए।