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कदम-कदम पर निगरानी, फिर भी कालाबाजारी

Sun, 26 Jul 2020 11:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jul 2020 11:42 PM IST
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Step by step monitoring, yet black marketing
शामली। सरकारी राशन की दुकानों से मिलने वाले सस्ते राशन की कालाबाजारी के मामले हमेशा से सुर्खियों में रहे हैं। शासन ने इसे रोकने के लिए कदम भी उठाए, लेकिन ये सब नाकाफी रहे। जो-जो व्यवस्थाएं की गईं, उनकी धार समय के साथ कुंद होती गईं। गोदाम से राशन उठने से लेकर वितरण तक निगरानी होती है, इसके बावजूद कालाबाजारी नहीं रुक पाई।
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सार्वजनिक वितरण प्रणाली शुरुआत से ही सवालों के घेरे में रही है। उपभोक्ताओं को राशन नहीं देना या घटतौली की शिकायतें आम हैं। पूर्व में होने वाले मैनुअली वितरण के दौरान कालाबाजारी आम हो गई थी। इस पर लगाम लगाने के लिए शासन ने ई-पॉश मशीन से वितरण शुरू करा दिया है, लेकिन शिकायतों पर अब भी लगाम नहीं लग रही। आए दिन राशन की कालाबाजारी के सामने आ रहे हैं।
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इस तरह रखी जाती है निगाह
खाद्यान्न गोदाम से राशन उठते ही गांव के पांच लोगों को खाद्यान्न के उठान का मेसेज भेजने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन इसमें डीलरों ने अपने ही खास लोगों के नंबर दर्ज करा दिए थे। इसके साथ ही वितरण के समय पर्यवेक्षण के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाती थी। ई-पॉश मशीन से वितरण शुरू किया गया। बायोमैट्रिक पहचान होने के बाद ही उपभोक्ता को राशन दिया जाता है तथा पूरी व्यवस्था ऑनलाइन रहती है। खाद्यान्न वितरण और उठान का पूरा ब्योरा ऑनलाइन है। लॉकडाउन में वितरण के दौरान शिक्षा विभाग के शिक्षकों और शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगाई गई है।
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राशन वितरण व्यवस्था एक नजर
जनपद में दो लाख 20 हजार 186 राशन कार्ड धारक और नौ लाख 20 हजार यूनिट हैं। लॉकडाउन से पहले पांच किलो प्रति यूनिट प्रतिमाह खाद्यान्न मिलता था, लेकिन लॉकडाउन से पांच किलो खाद्यान्न और प्रतिमाह निशुल्क दिया जा रहा है। जनपद में प्रतिमाह करीब 92 हजार क्विंटल राशन की आवश्यकता होती है। शहरी और ग्रामीण मिलाकर राशन की कुल 25 दुकानें हैं।
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कहीं से भी ले सकते हैं राशन
केंद्र सरकार ने राशन वितरण की व्यवस्था को ऑनलाइन कर दिया है। कोई राशन कार्ड धारक देश में कहीं से भी राशन ले सकता है। ई-पॉश मशीन पर बायोमैट्रिक पहचान होने के बाद उसे राशन दिया जा सकता है।

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इन्होंने कहा...
लॉकडाउन के दौरान राशन वितरण व्यवस्था में शिक्षकों और शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगाई गई है। बिना ई-पॉश मशीन के खाद्यान्न के वितरण की पूरी तरह मनाही है। वितरण का पूरा ब्योरा ऑनलाइन रहता है। - ओम हरि उपाध्याय, जिला पूर्ति अधिकारी।
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