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Shamli News: भ्रांतियों से रहें दूर, कुष्ठ रोग का उपचार पूरा करें जरूर

Mon, 30 Jan 2023 01:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 30 Jan 2023 01:57 PM IST
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Stay away from misconceptions, definitely complete the treatment of leprosy
विश्व कुष्ठ रोग उन्मूलन दिवस :
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- जनपद में स्वास्थ्य विभाग ने चिह्नित कर रखे है आठ कुष्ठ रोगी, 13 फरवरी तक चलेगा अभियान
- स्वास्थ्य व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री को सौंपी अभियान की जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। कुष्ठ रोग एक ऐसी बीमारी है, जिसे लेकर लोगों में कई तरह की भ्रांतियां हैं। कोई इसे आनुवंशिक मानता है तो कोई टोना-टोटका खान-पान की गड़बड़ी व अन्य कारण भी लोगों के मन में रहते हैं। लेकिन नियमित उपचार से इस रोग से निजात पाई जा सकती है।
चिकित्सकों के मुताबिक यह बीमारी माइक्रो बैक्टीरियन लेपरी के चलते होती है। यह बीमारी सांस के माध्यम से फैलती है। एमडीटी (मल्टी ड्रग थेरेपी) से यह बीमारी ठीक भी हो जाती है। इसका कोर्स बीमारी के लक्षण के अनुसार छह से 12 महीने चलाया जाता है। एसीएमओ डॉ. विनोद कुमार का कहना है कि यदि कुष्ठ रोग का समय पर पता चल जाए है, तो अधिकांश मामलों को 6 से 12 महीनों के बीच ठीक किया जा सकता है।
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कुष्ठ रोगियों को मिलती है पेंशन
कुष्ठ रोग से दिव्यांग हुए लोगों को तीन हजार रुपये पेंशन दी जाती है। इसके लिए शहरी क्षेत्र के मरीज की वार्षिक आय 54 हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्र के मरीज की 48 हजार रुपये निर्धारित है। इस बीमारी से उंगलियां टेढ़ी होने या लकवा मार जाने पर मरीज की रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी (आरसीएस) कराई जाती है। सर्जरी के बाद मरीज को 12 हजार रुपये भी दिए जाते हैं।
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आठ कुष्ठ रोगियों का चल रहा उपचार
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से हर साल कुष्ठ रोगियों का सर्वे कराया जाता है। जनपद में 8 कुष्ठ रोगियों का उपचार चल रहा है। इस बीमारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 30 जनवरी के दिन से 13 फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें कुष्ठ रोगियों के संपर्क में आए मरीजों की पहचान की जाएगी। अभियान की जिम्मेदारी आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। जो कुष्ठ रोगियों के संपर्क में आए मरीजों की पहचान की जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य व प्राथमिक केंद्र अधीक्षकों को निर्देश दिए गए है कि वह केंद्र पर आने वाले लोगों को भी बीमारी के प्रति जागरूक करें।

वर्जन......
जनपद में अभी तक आठ कुष्ठ रोगी मिले है और उनका उपचार किया जा रहा है। चार से कम धब्बे होने पर छह माह व अधिक होने पर एक साल तक उपचार किया जाता है। सोमवार से लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। - डॉ. विनोद कुमार, एसीएमओ शामली।
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कुष्ठ रोग के लक्षण
त्वचा के धब्बे, आमतौर यह सुन्न हो सकते हैं और त्वचा के रंग से हल्के दिखाई देते हैं।
त्वचा पर वृद्धि (गांठ)मोटी, सख्त या सूखी त्वचा
पैरों के तलवों में दर्द रहित छाले
त्वचा के प्रभावित क्षेत्रों का सुन्न होना
मांसपेशियों में कमजोरी या लकवा (विशेषकर हाथों और पैरों में)
नसों का बढ़ना (विशेषकर कोहनी और घुटने के आसपास और गर्दन के किनारों में)
आंखों की समस्याएं, जिससे अंधापन हो सकता है (जब चेहरे की नसें प्रभावित होती हैं)।
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