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भगवान श्रीकृष्ण ने निभाई अपनी मित्रता
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Feb 2017 11:54 PM IST
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जलालाबाद में प्रवचन करते कथा वाचक।
- फोटो : अमर उजाला
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जलालाबाद। जलालाबाद के प्राचीन सिद्ध पीठ दुर्गा देवी मंदिर के विशाल प्रांगण में हो रही भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास पंडित आचार्य वेद प्रकाश शुक्ल महाराज ने श्रीकृष्ण और सुदामा चरित्र की कथा सुनाई। बताया कि द्वापरयुग में और कलयुग में मित्रता में बड़ा फर्क आ गया है। आज के युग में अच्छे मित्रों की कमी आ गई है।
उन्होंने बताया कि सुदामा को द्वारिकाधीश भगवान ने छाती से लगाकर उसके दुखों को दूर कर दिया। सुदामा को पता भी नहीं चला कि कृष्ण ने उन पर कितनी बड़ी कृपा कर दी। कथा व्यास ने भगवत भक्ति का वर्णन करते हुए कहा जब यह मानव भगवान की भक्ति में आकर डूब जाता है उसे बस प्रभु ही केवल दिखाई देता है तो यह मन मानव शरीर प्रभु मंच बन जाता है बस उसको पूरा संसार ही प्रभुमय दिखाई देने लगता है।
उन्होंने भक्त विठ्ठल, मीरा, सूर, रसखान और धन्ना जट आदि भक्तों के विषय में बताकर समझाया कि स्वयं भगवान भी आकर कूप में पड़े सुर को अमृत समझकर जहर पीने वाली मीरा को स्वयं उबारा करते हैं। परंतु भक्त के अंदर निश्चित भाव होना चाहिए। मनुष्य का मन कर्म वचन व भक्ति में होना चाहिए। पंडित चंद्र मोहन शास्त्री पंडित त्रिलोचन शास्त्री ने कथा व्यास गद्दी का पूजन कराया व बीच में भगवत भजन पर श्रद्धालु झूमे। मौके पर अवनीश, राजेंद्र भक्त, चरण लाल बजाज, ओमप्रकाश, बोधराज, नारंग, ब्रजमोहन, राकेश उपाध्याय, जयमल मिस्त्री, सुरेंद्र धीमान, इंदू, राखी, वंदना, दपूनम, नीलम, मनीष शर्मा, ममता, मंजू, सुभाषचंद्र आदि रहे।
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उन्होंने बताया कि सुदामा को द्वारिकाधीश भगवान ने छाती से लगाकर उसके दुखों को दूर कर दिया। सुदामा को पता भी नहीं चला कि कृष्ण ने उन पर कितनी बड़ी कृपा कर दी। कथा व्यास ने भगवत भक्ति का वर्णन करते हुए कहा जब यह मानव भगवान की भक्ति में आकर डूब जाता है उसे बस प्रभु ही केवल दिखाई देता है तो यह मन मानव शरीर प्रभु मंच बन जाता है बस उसको पूरा संसार ही प्रभुमय दिखाई देने लगता है।
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उन्होंने भक्त विठ्ठल, मीरा, सूर, रसखान और धन्ना जट आदि भक्तों के विषय में बताकर समझाया कि स्वयं भगवान भी आकर कूप में पड़े सुर को अमृत समझकर जहर पीने वाली मीरा को स्वयं उबारा करते हैं। परंतु भक्त के अंदर निश्चित भाव होना चाहिए। मनुष्य का मन कर्म वचन व भक्ति में होना चाहिए। पंडित चंद्र मोहन शास्त्री पंडित त्रिलोचन शास्त्री ने कथा व्यास गद्दी का पूजन कराया व बीच में भगवत भजन पर श्रद्धालु झूमे। मौके पर अवनीश, राजेंद्र भक्त, चरण लाल बजाज, ओमप्रकाश, बोधराज, नारंग, ब्रजमोहन, राकेश उपाध्याय, जयमल मिस्त्री, सुरेंद्र धीमान, इंदू, राखी, वंदना, दपूनम, नीलम, मनीष शर्मा, ममता, मंजू, सुभाषचंद्र आदि रहे।
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