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किसानों ने पड़ी फूट, नई संघर्ष समिति का गठन
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शामली कलक्ट्रेट सभागार में हाईवे के संबंध में आयोजित बैठक में भाग लेते अधिकारी।
- फोटो : SHAMLI
किसानों में पड़ी फूट, नई संघर्ष समिति का गठन
शामली, बाबरी। भाकियू के चक्का जाम और कलक्ट्रेट के धरने के समाप्त होने के बाद किसान संघर्ष समिति में फूट पड़ गई। नई समिति का बुधवार को गठन कर दिया गया। जिसके बाद नई समिति के पदाधिकारियों ने निर्माण एजेंसी का कार्य रूकवा दिया। बुटराड़ा-करौदा स्टैंड के निकट धरने पर बैठ गए।
धरना स्थल पर नव नियुक्त किसान संघर्ष समिति ने एक प्रोजेक्ट एक मुआवजे की मांग को लेकर दूसरी किसान संघर्ष समिति ने बुधवार को दो बजे से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। नई किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष वीरपाल आर्य लांक ने बताया कि पहली किसान संघर्ष समिति ने किसानों की सलाह नहीं की। जिससे किसानों की मुख्य मांग एक प्रोजेक्ट एक मुआवजा वाली मांग पूरी नहीं हुई। इस पर किसानों में पूर्व की संघर्ष समिति के प्रति रोष व्याप्त भी है। जिसके बाद धरना दिन-रात जारी रखने का निर्णय लिया गया। किसानों का कहना है कि एक प्रोजेक्ट एक मुआवजा के हिसाब से मुआवजे की धनराशि का वितरण होना चाहिए। जब तक इसका समाधान नहीं होगा, भूमि पर कब्जा लेने नहीं दिया जाएगा। विरोध करने वालों में वीरपाल आर्य, वीरपाल आर्य, प्रमोद बंतीखेड़ा, मुकेश, श्यामपाल, महावीर सिंह, इंद्रपाल सिंह, कृष्णपाल, मनोज कुमार, राजेंद्र सिंह आदि शामिल रहे। उधर, किसानों के दूसरे गुट ने एक बार फिर बुटराडा करौदा स्टैंड के पास धरना शुरू कर दिया है। बुटराडा धरना स्थल के समीप ओमपाल सिंह निवासी करौदा हाथी के खेत में निर्माण कंपनी के कर्मचारी मशीन लेकर कार्य करने के लिए पहुंचे तो धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने विरोध जताते हुए उन्हें वापस लौटा दिया।
किसानों ने निर्माण कंपनी के कर्मचारियों का विरोध कर बैरंग लौटाया, खाप चौधरी से मांगा समर्थन
नई संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुबह गठवाला खाप के चौधरी बाबा राजेंद्र सिंह मलिक के आवास पर पहुंचे और उनसे समर्थन मांगा। काफी देर तक बैठक में इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया गया। जिस पर राजेंद्र सिंह ने समिति को समर्थन देने का आश्वासन किया।
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डीएम ने पानीपत-खटीमा हाईवे का किया निरीक्षण
शामली। डीएम जसजीत कौर ने बुधवार को पानीपत-खटीमा हाईवे का निरीक्षण करके निर्माण कार्य तेजी से कराने के निर्देश दिए। इसके बाद अफसरों के साथ कलक्ट्रेट सभागार में बैठक की।
बैठक में डीएम ने कहा कि अधिकारी संयुक्त सर्वेक्षण करें। राजस्व विभाग और एनएचएआई के अधिकारी मौके पर उपस्थित रहकर सावधानीपूर्वक फसलों की संपूर्ण जांच करें। जिससे भविष्य में प्रभावित भू-स्वामियों को रकबे की परिसंपत्ति के संबंध में कोई शिकायत का मौका न मिले। उन्होंने जनपद में चल रहे सभी राष्ट्रीय राजमार्गों की निलंबित पत्रावली की समीक्षा की। संबंधित अफसरों को समय से निस्तारण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम संतोष कुमार सिंह समेत एनएचएआई के अधिकारी मौजूद रहे।
एक बार ठगा गया किसान: सवित मलिक
शामली। किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक ने भाकियू कार्यकर्ताओं के धरना समाप्त करने पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करते हुए कहा कि उद्योगपतियों के दबाव में एक बार फिर भोले भाले किसान को ठगने का काम किया है। जारी बयान में कहा कि शामली में 9 दिन से चल रहे किसान आंदोलन को उद्योगपतियों के प्रभाव में आकर सरकार ने किसानों से झूठे वादे कर आंदोलन समाप्त करा लिया है। किसानों की मांग एक प्रोजेक्ट एक मुआवजा पूरी नहीं की गई। बगैर मीटर के कनेक्शन देने पर कोई गारंटी दी गई। गन्ना भुगतान का भी निश्चित शेड्यूल तय नहीं किया गया।
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शामली, बाबरी। भाकियू के चक्का जाम और कलक्ट्रेट के धरने के समाप्त होने के बाद किसान संघर्ष समिति में फूट पड़ गई। नई समिति का बुधवार को गठन कर दिया गया। जिसके बाद नई समिति के पदाधिकारियों ने निर्माण एजेंसी का कार्य रूकवा दिया। बुटराड़ा-करौदा स्टैंड के निकट धरने पर बैठ गए।
धरना स्थल पर नव नियुक्त किसान संघर्ष समिति ने एक प्रोजेक्ट एक मुआवजे की मांग को लेकर दूसरी किसान संघर्ष समिति ने बुधवार को दो बजे से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। नई किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष वीरपाल आर्य लांक ने बताया कि पहली किसान संघर्ष समिति ने किसानों की सलाह नहीं की। जिससे किसानों की मुख्य मांग एक प्रोजेक्ट एक मुआवजा वाली मांग पूरी नहीं हुई। इस पर किसानों में पूर्व की संघर्ष समिति के प्रति रोष व्याप्त भी है। जिसके बाद धरना दिन-रात जारी रखने का निर्णय लिया गया। किसानों का कहना है कि एक प्रोजेक्ट एक मुआवजा के हिसाब से मुआवजे की धनराशि का वितरण होना चाहिए। जब तक इसका समाधान नहीं होगा, भूमि पर कब्जा लेने नहीं दिया जाएगा। विरोध करने वालों में वीरपाल आर्य, वीरपाल आर्य, प्रमोद बंतीखेड़ा, मुकेश, श्यामपाल, महावीर सिंह, इंद्रपाल सिंह, कृष्णपाल, मनोज कुमार, राजेंद्र सिंह आदि शामिल रहे। उधर, किसानों के दूसरे गुट ने एक बार फिर बुटराडा करौदा स्टैंड के पास धरना शुरू कर दिया है। बुटराडा धरना स्थल के समीप ओमपाल सिंह निवासी करौदा हाथी के खेत में निर्माण कंपनी के कर्मचारी मशीन लेकर कार्य करने के लिए पहुंचे तो धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने विरोध जताते हुए उन्हें वापस लौटा दिया।
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किसानों ने निर्माण कंपनी के कर्मचारियों का विरोध कर बैरंग लौटाया, खाप चौधरी से मांगा समर्थन
नई संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुबह गठवाला खाप के चौधरी बाबा राजेंद्र सिंह मलिक के आवास पर पहुंचे और उनसे समर्थन मांगा। काफी देर तक बैठक में इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया गया। जिस पर राजेंद्र सिंह ने समिति को समर्थन देने का आश्वासन किया।
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डीएम ने पानीपत-खटीमा हाईवे का किया निरीक्षण
शामली। डीएम जसजीत कौर ने बुधवार को पानीपत-खटीमा हाईवे का निरीक्षण करके निर्माण कार्य तेजी से कराने के निर्देश दिए। इसके बाद अफसरों के साथ कलक्ट्रेट सभागार में बैठक की।
बैठक में डीएम ने कहा कि अधिकारी संयुक्त सर्वेक्षण करें। राजस्व विभाग और एनएचएआई के अधिकारी मौके पर उपस्थित रहकर सावधानीपूर्वक फसलों की संपूर्ण जांच करें। जिससे भविष्य में प्रभावित भू-स्वामियों को रकबे की परिसंपत्ति के संबंध में कोई शिकायत का मौका न मिले। उन्होंने जनपद में चल रहे सभी राष्ट्रीय राजमार्गों की निलंबित पत्रावली की समीक्षा की। संबंधित अफसरों को समय से निस्तारण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम संतोष कुमार सिंह समेत एनएचएआई के अधिकारी मौजूद रहे।
एक बार ठगा गया किसान: सवित मलिक
शामली। किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक ने भाकियू कार्यकर्ताओं के धरना समाप्त करने पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करते हुए कहा कि उद्योगपतियों के दबाव में एक बार फिर भोले भाले किसान को ठगने का काम किया है। जारी बयान में कहा कि शामली में 9 दिन से चल रहे किसान आंदोलन को उद्योगपतियों के प्रभाव में आकर सरकार ने किसानों से झूठे वादे कर आंदोलन समाप्त करा लिया है। किसानों की मांग एक प्रोजेक्ट एक मुआवजा पूरी नहीं की गई। बगैर मीटर के कनेक्शन देने पर कोई गारंटी दी गई। गन्ना भुगतान का भी निश्चित शेड्यूल तय नहीं किया गया।

शामली कलक्ट्रेट सभागार में हाईवे के संबंध में बैठक लेते डीएम जसजीत कौर व एडीएम संतोष कुमार सिंह।- फोटो : SHAMLI

बाबरी क्षेत्र के गांव बुटराड़ा में निर्माण कंपनी के कर्मचारियों को रोकने के लिए धरने पर बैठे किस?- फोटो : SHAMLI