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मौसम की मार ने रोकी हाईवे निर्माण की रफ्तार
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शामली बलवा से सिम्भालका निर्माणाधीन बाईपास
- फोटो : SHAMLI
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शामली। मौसम की मार से जिले में दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे निर्माण कार्य पिछले एक महीने से प्रभावित है। ठंड के कारण तारकोल का काम रुका हुआ है जबकि हाईवे और शामली में बाईपास निर्माण में मिट्टी-रोड़ी डालने का काम चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एक सप्ताह या दस दिन में हाईवे निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो जाएगा।
जिले में दिल्ली-शामली-सहारनपुर, पानीपत-खटीमा हाईवे के अलावा शामली में बाईपास का निर्माण कार्य चल रहा है। दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे का पहले चरण में एलम बाईपास समेत बलवा गांव के पास तक हाईवे निर्माण का कार्य पूरा चुका है।
दूसरे चरण में शामली से सहारनपुर मार्ग पर मिट्टी-रोड़ी और शामली बाईपास निर्माण में मिट्टी कार्य चल रहा है। एक माह से सर्दी और खराब मौसम के चलते तारकोल डालने का कार्य बंद है। हाइवे की निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर दिनेश सिंघल ने बताया कि दिल्ली-शामली-सहारनपुर मार्ग पर शामली जिले में थानाभवन, हरड़ फतेेहपुर, सिक्का, सहारनपुर जिले में ननौता-रामपुर के बीच और सहारनपुर के आसपास रोड़ी डालने का कार्य किया जा रहा है।
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जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित शामली बाईपास में बलवा से लेकर सिंभालका, सेहटा और शामली तहसील से लेकर सहारनपुर रोड पर साईंधाम के पास तक मिट्टी कार्य तेजी से चल रहा है। निर्माण एजेंसी एक सप्ताह या 10 दिन में शामली से लेकर सहारनपुर के बीच में हाईवे का निर्माण कार्य तेजी से शुरू करेगी।
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तारकोल से हाईवे का दिन में हो सकता है निर्माण शुरू
शामली। सर्दी के मौसम में पहले नवंबर से फरवरी तक सड़क निर्माण कार्य बंद रहता है। दिन का तापमान 10 डिग्री तक रहने पर कार्य बंद कर दिया जाता था। मोडीफाइड तारकोल से किसी भी मौसम में सड़क बना सकते हैं। निर्माण प्लांट के तीन-चार किमी तक आसपास रात में कम तापमान में भी सड़क निर्माण कर सकते हैं। सर्दी के मौसम में रात के तापमान में 25 से 30 किमी दूरी तक सड़क के निर्माण पर प्रतिबंध है। लंबी दूरी तक तारकोल ले जाने से उसकी पकड़ कमजोर हो जाती है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के अभियंता अवनीश पाराशर का कहना है कि दिल्ली-शामली-सहारनपुर मार्ग के शामली बाईपास में मिट्टी डालकर लेयर बनाने का कार्य चल रहा है। बनत में भूमि का अवार्ड घोषित हो चुका है। किसानों को मुआवजा बांटा जा चुका है।
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जिले में दिल्ली-शामली-सहारनपुर, पानीपत-खटीमा हाईवे के अलावा शामली में बाईपास का निर्माण कार्य चल रहा है। दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे का पहले चरण में एलम बाईपास समेत बलवा गांव के पास तक हाईवे निर्माण का कार्य पूरा चुका है।
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दूसरे चरण में शामली से सहारनपुर मार्ग पर मिट्टी-रोड़ी और शामली बाईपास निर्माण में मिट्टी कार्य चल रहा है। एक माह से सर्दी और खराब मौसम के चलते तारकोल डालने का कार्य बंद है। हाइवे की निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर दिनेश सिंघल ने बताया कि दिल्ली-शामली-सहारनपुर मार्ग पर शामली जिले में थानाभवन, हरड़ फतेेहपुर, सिक्का, सहारनपुर जिले में ननौता-रामपुर के बीच और सहारनपुर के आसपास रोड़ी डालने का कार्य किया जा रहा है।
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जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित शामली बाईपास में बलवा से लेकर सिंभालका, सेहटा और शामली तहसील से लेकर सहारनपुर रोड पर साईंधाम के पास तक मिट्टी कार्य तेजी से चल रहा है। निर्माण एजेंसी एक सप्ताह या 10 दिन में शामली से लेकर सहारनपुर के बीच में हाईवे का निर्माण कार्य तेजी से शुरू करेगी।
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तारकोल से हाईवे का दिन में हो सकता है निर्माण शुरू
शामली। सर्दी के मौसम में पहले नवंबर से फरवरी तक सड़क निर्माण कार्य बंद रहता है। दिन का तापमान 10 डिग्री तक रहने पर कार्य बंद कर दिया जाता था। मोडीफाइड तारकोल से किसी भी मौसम में सड़क बना सकते हैं। निर्माण प्लांट के तीन-चार किमी तक आसपास रात में कम तापमान में भी सड़क निर्माण कर सकते हैं। सर्दी के मौसम में रात के तापमान में 25 से 30 किमी दूरी तक सड़क के निर्माण पर प्रतिबंध है। लंबी दूरी तक तारकोल ले जाने से उसकी पकड़ कमजोर हो जाती है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के अभियंता अवनीश पाराशर का कहना है कि दिल्ली-शामली-सहारनपुर मार्ग के शामली बाईपास में मिट्टी डालकर लेयर बनाने का कार्य चल रहा है। बनत में भूमि का अवार्ड घोषित हो चुका है। किसानों को मुआवजा बांटा जा चुका है।