{"_id":"6994c16925e99531d209fad6","slug":"sp-workers-met-dm-adm-demanding-action-against-bl-supervisor-shamli-news-c-26-1-sal1002-159785-2026-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: बीएल, सुपरवाइजर पर कार्रवाई की मांग को लेकर डीएम-एडीएम से मिले सपा कार्यकर्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: बीएल, सुपरवाइजर पर कार्रवाई की मांग को लेकर डीएम-एडीएम से मिले सपा कार्यकर्ता
Wed, 18 Feb 2026 12:58 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 18 Feb 2026 12:58 AM IST
विज्ञापन
शामली। मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान कांधला के बूथ संख्या 334 पर राजबीर सिंह के नाम से 205 बार वोट कटवाने के लिए आपत्ति डालने के मामले में जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने मामले की जांच एसडीएम को सौंप दी है।
उधर, मामले को लेकर सपा जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी और अन्य पार्टी कार्यकर्ता सोमवार को डीएम और एडीएम सत्येंद्र सिंह से मिले। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 के जरिए सुनियोजित तरीके से फर्जी आपत्तियां डाली गई हैं।
जिलाध्यक्ष के अनुसार कांधला में बूथ संख्या 330, 331, 333 और 334 पर कुल एक हजार से अधिक आपत्तियां वोट कटवाने के लिए मिली थीं। पार्टी का आरोप है कि कई फॉर्मों पर आवेदक का नाम एक ही व्यक्ति के नाम से भरा मिला, जबकि संबंधित मतदाताओं ने इस पर आपत्ति जताई। विरोध के बाद कुछ फॉर्म वापस भी ले लिए गए। कार्यकर्ताओं ने बीएलओ, सुपरवाइजर समेत जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
वहीं बीएलओ लोकेंद्र का कहना है कि सुपरवाइजर ने फॉर्म दिए थे, जिन्हें बाद में वापस कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन स्तर पर मामले की जांच जारी है। जिलाधिकारी का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
उधर, मामले को लेकर सपा जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी और अन्य पार्टी कार्यकर्ता सोमवार को डीएम और एडीएम सत्येंद्र सिंह से मिले। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 के जरिए सुनियोजित तरीके से फर्जी आपत्तियां डाली गई हैं।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष के अनुसार कांधला में बूथ संख्या 330, 331, 333 और 334 पर कुल एक हजार से अधिक आपत्तियां वोट कटवाने के लिए मिली थीं। पार्टी का आरोप है कि कई फॉर्मों पर आवेदक का नाम एक ही व्यक्ति के नाम से भरा मिला, जबकि संबंधित मतदाताओं ने इस पर आपत्ति जताई। विरोध के बाद कुछ फॉर्म वापस भी ले लिए गए। कार्यकर्ताओं ने बीएलओ, सुपरवाइजर समेत जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
वहीं बीएलओ लोकेंद्र का कहना है कि सुपरवाइजर ने फॉर्म दिए थे, जिन्हें बाद में वापस कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन स्तर पर मामले की जांच जारी है। जिलाधिकारी का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है।