बयान पर गरमाई सियासत: इकरा हसन और पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी आमने-सामने, अब बोले-पहले अपना आचरण देखें सपा सांसद
शामली के कुराली-छापुर मंदिर तोड़फोड़ व विवादित बयान मामले को लेकर सपा सांसद इकरा हसन और भाजपा के पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी के बीच सियासी टकराव बढ़ गया है। दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप किए और क्षेत्र में माहौल गरमा गया।
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शामली के कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन और भाजपा के पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी के बीच सियासी तनाव बढ़ गया है। दोनों नेता आमने सामने आ गए हैं। बुधवार को जहां सपा सांसद इकरा हसन ने आरोप लगाया था कि पूर्व सांसद उनके खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल उनका नहीं, बल्कि पूरे समाज की महिलाओं का अपमान है।
वहीं गुरुवार को भाजपा के पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सपा सांसद को पहले अपने आचरण पर ध्यान देना चाहिए और बेबुनियाद आरोप लगाना बंद करना चाहिए।
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इकरा हसन बुधवार को सहारनपुर के कुराली-छापुर स्थित शिव-लक्ष्मी मंदिर पहुंचीं थी, जहां कुछ दिन पहले क्रिकेट खेलने को लेकर हुए विवाद के बाद मंदिर में तोड़फोड़ की गई थी। सांसद ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा इस मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है।
यहीं पर सांसद इकरा ने कोमल गुर्जर के विवादित बयान की निंदा करते हुए कहा कि क्या पूर्व सांसद ऐसे अपशब्दों का विरोध करेंगे? उन्होंने ग्रामीणों से संयम बनाए रखने की अपील की।
सुरक्षा की दृष्टि से एसपी देहात सागर जैन, सीओ अशोक सिसोदिया और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। ग्रामीणों ने सांसद से निष्पक्ष जांच की मांग की।
वहीं गुरुवार को पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी ने पत्रकार वार्ता का आयोजन कर इस मामले में कहा कि इकरा हसन अनावश्यक रूप से विवाद खड़ा कर रही हैं और भाजपा को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। उन्हें पहले अपने आचरण पर ध्यान देना चाहिए इस तरह बेबुनियाद आरोप लगाना सही नहीं है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम से क्षेत्र का सियासी माहौल और गरम हो गया है।