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छाए रहे बादल, नहीं दिखा सूर्य ग्रहण
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शामली में हनुमान धाम पर बंद पडे मन्दिर के कपाट
- फोटो : SHAMLI
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नहीं दिखा सूर्य ग्रहण, बंद रहे मंदिरों के कपाट
शामली। आकाश मेेें बादल छाए रहने के कारण लोग सूर्य ग्रहण को नहीं देख सके। सूर्यग्रहण के चलते सूतक काल करीब 20 घंटे रहा। सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद रहे। बृहस्पतिवार को शाम चार बजे के बाद मंदिरों के कपाट खोले गए और पूजा अर्चना की गई।
बुधवार रात आठ बजे से सूतक काल शुरू हो जाने के बाद मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए थे। बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे के बाद सूर्य ग्रहण शुरू होने से मंदिरों के कपाट 20 घंटे बंद रहे। सूर्य ग्रहण संपन्न होने के बाद करीब चार बजे मंदिरों के कपाट खोले गए। शहर के शिवचौक पर पंडित संजय शास्त्री ने मंदिर की धुलाई करा भगवान आशुतोष को गंगा जल से स्नान कराया। श्रीहनुमान धाम के सभी मंदिरों के कपाट शाम चार बजे खोले गए। धाम के प्रधान सलील द्विवेदी और कोषाध्यक्ष जोगेंद्र पाल सेठी ने बताया कि मंदिरों में प्रतिमाओं को गंगा जल से स्नान करा नए वस्त्र धारण कराए गए। इसके बाद पूजा अर्चना और आरती की गई। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर प्रसाद वितरण किया। कैराना रोड स्थित गुलजारी वाला शिव मंदिर के महंत शैलेंद्र गिरि ने बताया कि सूर्य ग्रहण का असर सुबह 8.10 बजे से शुरू होकर दोपहर 1.10 बजे तक रहा। शहर के काकानगर हनुमान मंदिर के पंडित संजय शास्त्री ने बताया कि मंदिर के कपाट शाम सात बजे खोले गए। इसके बाद पूजा अर्चना की गई।
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शामली। आकाश मेेें बादल छाए रहने के कारण लोग सूर्य ग्रहण को नहीं देख सके। सूर्यग्रहण के चलते सूतक काल करीब 20 घंटे रहा। सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद रहे। बृहस्पतिवार को शाम चार बजे के बाद मंदिरों के कपाट खोले गए और पूजा अर्चना की गई।
बुधवार रात आठ बजे से सूतक काल शुरू हो जाने के बाद मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए थे। बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे के बाद सूर्य ग्रहण शुरू होने से मंदिरों के कपाट 20 घंटे बंद रहे। सूर्य ग्रहण संपन्न होने के बाद करीब चार बजे मंदिरों के कपाट खोले गए। शहर के शिवचौक पर पंडित संजय शास्त्री ने मंदिर की धुलाई करा भगवान आशुतोष को गंगा जल से स्नान कराया। श्रीहनुमान धाम के सभी मंदिरों के कपाट शाम चार बजे खोले गए। धाम के प्रधान सलील द्विवेदी और कोषाध्यक्ष जोगेंद्र पाल सेठी ने बताया कि मंदिरों में प्रतिमाओं को गंगा जल से स्नान करा नए वस्त्र धारण कराए गए। इसके बाद पूजा अर्चना और आरती की गई। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर प्रसाद वितरण किया। कैराना रोड स्थित गुलजारी वाला शिव मंदिर के महंत शैलेंद्र गिरि ने बताया कि सूर्य ग्रहण का असर सुबह 8.10 बजे से शुरू होकर दोपहर 1.10 बजे तक रहा। शहर के काकानगर हनुमान मंदिर के पंडित संजय शास्त्री ने बताया कि मंदिर के कपाट शाम सात बजे खोले गए। इसके बाद पूजा अर्चना की गई।

शामली में हनुमान धाम पर बंद पडे मन्दिर के कपाट- फोटो : SHAMLI

शामली में हनुमान धाम पर शनि मन्दिर में मुर्ति पर ढका कपडा- फोटो : SHAMLI
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