{"_id":"62c48c5560a076151c600707","slug":"sit-officer-camped-for-investigation-of-mining-leases-shamli-news-mrt595793539","type":"story","status":"publish","title_hn":"फन पट्टों की जाच के लिए लखनऊ से एसआईटी के अधिकारी ने डेरा डाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फन पट्टों की जाच के लिए लखनऊ से एसआईटी के अधिकारी ने डेरा डाला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खनन पट्टों की जांच को एसआईटी के अधिकारी ने डेरा डाला
कैराना। खादर क्षेत्र में खुरगान, मंडावर, नंगला राई, मामौर आदि में प्रशासन ने रेत खनन का पट्टा आवंटित किया है। खनन पट्टा धारकों पर आरोप भी लगते रहते है। वहीं लखनऊ से एसआईटी के एक अधिकारी ने कैराना पहुंचकर खनन पट्टों के बारे में जानकारी जुटाई।
खादर क्षेत्र के सभी रेत खनन पट्टे बरसात के कारण तीन महीने जुलाई, अगस्त व सितंबर में बंद रहेंगे। मंगलवार को लखनऊ से एसआईटी (स्टेट इंवेस्टिगेशन टीम) के एक अधिकारी कैराना कोतवाली पहुंचे। एसआईटी के अधिकारी ने कोतवाली में रेत खनन से जुड़े मुकदमों के बारे में जानकारी इकट्ठा की। इसके अलावा रेत खनन पट्टे के हलका दरोगाओं से भी बंद कमरे में गोपनीय जानकारी ली गई। सूत्रों के अनुसार एसआईटी के अधिकारी एक दिन पहले सोमवार को ही शामली जिले में आ गए थे और सभी रेत खनन पट्टो की गोपनीय जांच की। इस मामले में जब अधिकारी से बात करनी चाही तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। बाद में अधिकारी शामली के लिए रवाना हो गये। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि लखनऊ से एक अधिकारी आये थे।
विज्ञापन
कैराना। खादर क्षेत्र में खुरगान, मंडावर, नंगला राई, मामौर आदि में प्रशासन ने रेत खनन का पट्टा आवंटित किया है। खनन पट्टा धारकों पर आरोप भी लगते रहते है। वहीं लखनऊ से एसआईटी के एक अधिकारी ने कैराना पहुंचकर खनन पट्टों के बारे में जानकारी जुटाई।
खादर क्षेत्र के सभी रेत खनन पट्टे बरसात के कारण तीन महीने जुलाई, अगस्त व सितंबर में बंद रहेंगे। मंगलवार को लखनऊ से एसआईटी (स्टेट इंवेस्टिगेशन टीम) के एक अधिकारी कैराना कोतवाली पहुंचे। एसआईटी के अधिकारी ने कोतवाली में रेत खनन से जुड़े मुकदमों के बारे में जानकारी इकट्ठा की। इसके अलावा रेत खनन पट्टे के हलका दरोगाओं से भी बंद कमरे में गोपनीय जानकारी ली गई। सूत्रों के अनुसार एसआईटी के अधिकारी एक दिन पहले सोमवार को ही शामली जिले में आ गए थे और सभी रेत खनन पट्टो की गोपनीय जांच की। इस मामले में जब अधिकारी से बात करनी चाही तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। बाद में अधिकारी शामली के लिए रवाना हो गये। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि लखनऊ से एक अधिकारी आये थे।
विज्ञापन