{"_id":"57b74d134f1c1b29156ec21d","slug":"sit-in-protest-mothers-kitchen","type":"story","status":"publish","title_hn":"धरने पर बैठीं रसोई माताएं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धरने पर बैठीं रसोई माताएं
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Fri, 19 Aug 2016 11:46 PM IST
विज्ञापन
revel
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया एकता संघ के नेतृत्व जिले की रसोई माताओं ने शुक्रवार को विभिन्न मांगो को लेकर कलक्ट्रेट में धरना दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों का भोजन का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। प्रधानों द्वारा जबरन भोजन बनवाने का विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
संघ की जिला महासचिव काजल कटारिया, अनीता देवी नेतृत्व कलक्ट्रेट पहुंची रसोई माताओं ने सीएम के नाम एक ज्ञापन डीएम को सौंपा। जिसमें बताया कि प्राथमिक उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों की स्थिति मजदूरों जैसी है। न ही इनके काम की कोई सुरक्षा है और नहीं जीने लायक पारिश्रमिक दिया जाता है।
महंगाई को देखते हुए कम से कम पांच हजार प्रति माह मानदेय दिए जाने, मानदेय का भुगतान माह के प्रति सप्ताह उनके खाते जमा कराए जाने, कार्यरत रसोई माता की हर वर्ष चयन प्रक्रिया को समाप्त करने व रसोईमाताओं को एक बार चयन करने और उनके बच्चों को संबधित विद्यालयों में पढ़ने की अनिवार्यता समाप्त करने आदि की मांग की।
विज्ञापन
धरने में आंगनबाड़ी केंद्रों का भोजन बनाने का रसोई माताओं ने बहिष्कार किया। मौके पर बीएसए चंद्रशेखर ने धरनास्थल पर पहुंचकर उनकी मांगो का समर्थन किया। मौके पर रूबी, कोमल, साक्षी, ओमवती, सरोज, अनीता, रेखा, पुष्पा, पायल, काजल, पूनम, आशा, शशि बाला, सुनीता, बबली, राखी, संगीता, पार्वती, रानी, पूनम, मालती, राजवती, हसीना खुशनुबा, सुमन, पुष्पा, पूजा खातून, जलधारा आदि मौजूद रही।
विज्ञापन
संघ की जिला महासचिव काजल कटारिया, अनीता देवी नेतृत्व कलक्ट्रेट पहुंची रसोई माताओं ने सीएम के नाम एक ज्ञापन डीएम को सौंपा। जिसमें बताया कि प्राथमिक उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों की स्थिति मजदूरों जैसी है। न ही इनके काम की कोई सुरक्षा है और नहीं जीने लायक पारिश्रमिक दिया जाता है।
विज्ञापन
महंगाई को देखते हुए कम से कम पांच हजार प्रति माह मानदेय दिए जाने, मानदेय का भुगतान माह के प्रति सप्ताह उनके खाते जमा कराए जाने, कार्यरत रसोई माता की हर वर्ष चयन प्रक्रिया को समाप्त करने व रसोईमाताओं को एक बार चयन करने और उनके बच्चों को संबधित विद्यालयों में पढ़ने की अनिवार्यता समाप्त करने आदि की मांग की।
विज्ञापन
धरने में आंगनबाड़ी केंद्रों का भोजन बनाने का रसोई माताओं ने बहिष्कार किया। मौके पर बीएसए चंद्रशेखर ने धरनास्थल पर पहुंचकर उनकी मांगो का समर्थन किया। मौके पर रूबी, कोमल, साक्षी, ओमवती, सरोज, अनीता, रेखा, पुष्पा, पायल, काजल, पूनम, आशा, शशि बाला, सुनीता, बबली, राखी, संगीता, पार्वती, रानी, पूनम, मालती, राजवती, हसीना खुशनुबा, सुमन, पुष्पा, पूजा खातून, जलधारा आदि मौजूद रही।