{"_id":"617ada0f3cbbe9248372d9b5","slug":"singhu-board-choudhary-of-gathwala-khap-says-that-atrocities-will-not-be-tolerated","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: किसानों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध, गठवाला खाप के चौधरी बोले- अत्याचार नहीं करेंगे बर्दाश्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: किसानों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध, गठवाला खाप के चौधरी बोले- अत्याचार नहीं करेंगे बर्दाश्त
Thu, 28 Oct 2021 10:42 PM IST
कपिल kapil
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Published by: कपिल kapil
Updated Thu, 28 Oct 2021 10:42 PM IST
सार
गठवाला खाप के चौधरी बाबा राजेंद्र मलिक ने कहा कि किसानों पर अत्याचार कतई बर्बास्त नहीं गया। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज करने वालों पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
विज्ञापन
गठवाला के खाप चौधरी बाबा राजेंद्र मलिक
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सिंघु बॉर्डर पर बुधवार शाम हिंद मजदूर किसान समिति के बैनर तले हवन करने जा रहे किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर गठवाला खाप चौधरी बाबा राजेंद्र मलिक ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
विज्ञापन
शामली में नगर पालिका सभागार में गुरुवार को प्रेस वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हिंद मजदूर किसान समिति शांतिपूर्वक हवन करना चाहती थी। जिस पर पुलिस ने बर्बर तरीके से लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज करने वालों पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि समिति पिछले दिनों सिंघु बॉर्डर पर मारे गए किसान लखविंदर के परिवार को इंसाफ दिलाना चाहती है। उसके परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता और एक परिजन को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। गठवाला खाप किसानों के साथ खड़ी है। सरकार का रवैया किसानों के पक्ष में नहीं है। किसानों की बात सरकार को सुननी पड़ेगी।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: मेरठ : दो लाख रुपये की रिश्वत लेता विद्युत निगम का अधीक्षण अभियंता गिरफ्तार, निलंबित, विभागीय जांच के आदेश
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत के बयान पर उन्होंने कहा कि यदि ये लोग भाजपा या आरएसएस के कार्यकर्ता होते तो पुलिस उन पर लाठीचार्ज क्यों करती। हमने किसी का विरोध नहीं किया। किसान आंदोलन में हम शुरुआत में साथ रहे। लेकिन 26 जनवरी की घटना के बाद हम घर आ गए।
यह भी पढ़ें: पति का मर्डर: करवाचौथ के दिन उजाड़ा अपना घर, कत्ल के जुर्म में पत्नी गई जेल, खौफनाक है पूरी वारदात
वहीं पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर की पंचायत में किसानों की मांग नहीं उठाई गई थी। जिसके बाद हमने 26 सितंबर को पंचायत की थी। सरकार की ओर से गन्ना मूल्य में 25 रुपये की वृद्घि काफी कम है। किसानों की अन्य मांगों को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। इस दौरान लांक थांबेदार राजबीर सिंह भी मौजूद रहे।