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Shamli News: ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी, 77 शिक्षक नहीं कर सकेंगे भरपाई
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- जनपद में अन्य जनपदों से आए 77 शिक्षकों को भेजा जाएगा ग्रामीण क्षेत्रों में, शामली से गए नौ शिक्षक
- जनपद में 2772 शिक्षक, 45 बेसिक व 603 सर्व शिक्षा अभियान के है शिक्षा मित्र, बच्चों की पढ़ाई है बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। यहां बाहर से आए 77 शिक्षकों के बाद भी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी पूरी नहीं होगी और छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए परेशानी उठानी पड़ेगी। अन्य जनपदों से मिले 77 शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जाएगा, लेकिन उसके बाद भी कमी पूरी नहीं हो जाएगी। शहरी व कस्बों के स्कूलों में शिक्षकों के अभाव में छात्रों को पढ़ाई करनी पड़ेगी। ऐसे में उनकी शिक्षा बाधित होती नजर आएगी।
जनपद में 596 परिषदीय स्कूल हैं और इनमें कक्षा एक से कक्षा आठ तक की पढ़ाई होती है। इन स्कूलों में करीब 73 हजार छात्र-छात्राओं को नामांकन किया गया है। इनको शिक्षा का ज्ञान देने के लिए 2772 शिक्षकों, 45 बेसिक व 603 सर्व शिक्षा अभियान के शिक्षा मित्र शामिल है। इन सभी पर छात्रों को पढ़ाई कराने की जिम्मेदारी है। जनपद में करीब तीन हजार शिक्षकों की कमी है और इनके सापेक्ष शासन से मात्र 77 शिक्षक ही मिल सकें हैं और यहां से नौ शिक्षकों को अन्य जनपदों में भेजा गया है।
शामली के प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन में 80 छात्र-छात्राओं पर मात्र ही एक शिक्षा मित्र हैं और उसी पर बच्चोें की पढ़ाई की जिम्मेदारी है। बाहर से आने वाले 77 शिक्षक भी जनपद में स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा नहीं कर सकेंगे। इस सत्र में भी छात्र-छात्राओं को शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई में परेशानी उठानी पड़ेगी। क्योंकि अलग-अलग कक्षा के लिए अलग-अलग शिक्षक होते है, लेकिन यहां एक ही शिक्षक या शिक्षा मित्र को ही बच्चों की दो-दो कक्षा को संभालना पड़ रहा है।
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- जनपद में 2772 शिक्षक, 45 बेसिक व 603 सर्व शिक्षा अभियान के है शिक्षा मित्र, बच्चों की पढ़ाई है बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। यहां बाहर से आए 77 शिक्षकों के बाद भी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी पूरी नहीं होगी और छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए परेशानी उठानी पड़ेगी। अन्य जनपदों से मिले 77 शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जाएगा, लेकिन उसके बाद भी कमी पूरी नहीं हो जाएगी। शहरी व कस्बों के स्कूलों में शिक्षकों के अभाव में छात्रों को पढ़ाई करनी पड़ेगी। ऐसे में उनकी शिक्षा बाधित होती नजर आएगी।
जनपद में 596 परिषदीय स्कूल हैं और इनमें कक्षा एक से कक्षा आठ तक की पढ़ाई होती है। इन स्कूलों में करीब 73 हजार छात्र-छात्राओं को नामांकन किया गया है। इनको शिक्षा का ज्ञान देने के लिए 2772 शिक्षकों, 45 बेसिक व 603 सर्व शिक्षा अभियान के शिक्षा मित्र शामिल है। इन सभी पर छात्रों को पढ़ाई कराने की जिम्मेदारी है। जनपद में करीब तीन हजार शिक्षकों की कमी है और इनके सापेक्ष शासन से मात्र 77 शिक्षक ही मिल सकें हैं और यहां से नौ शिक्षकों को अन्य जनपदों में भेजा गया है।
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शामली के प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन में 80 छात्र-छात्राओं पर मात्र ही एक शिक्षा मित्र हैं और उसी पर बच्चोें की पढ़ाई की जिम्मेदारी है। बाहर से आने वाले 77 शिक्षक भी जनपद में स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा नहीं कर सकेंगे। इस सत्र में भी छात्र-छात्राओं को शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई में परेशानी उठानी पड़ेगी। क्योंकि अलग-अलग कक्षा के लिए अलग-अलग शिक्षक होते है, लेकिन यहां एक ही शिक्षक या शिक्षा मित्र को ही बच्चों की दो-दो कक्षा को संभालना पड़ रहा है।
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