{"_id":"8f6031df1d40c27bb87371ceeb6aa820","slug":"shicshamitron-burst-of-anger-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षामित्रों का फूट रहा गुस्सा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षामित्रों का फूट रहा गुस्सा
ब्यूरो/ अमर उजाला/ शामली
Updated Thu, 17 Sep 2015 12:46 AM IST
विज्ञापन
शामली में हाईकोर्ट के फैसले से आहत शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन कर जुलूस निकाला। कलक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन दिया।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले मंगलवार को शिक्षामित्रों ने बनत में बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। धरने को संबोधित करते संघ के जिलाध्यक्ष चैनपाल चौधरी ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश से शिक्षामित्र मानसिक और आर्थिक परेशानी से घिर गए हैं।
एनसीटीई की ओर से हाईकोर्ट में ठोस तथ्य पेश नहीं करने की वजह से एक लाख 72 हजार शिक्षामित्रों का समायोजन रद कर दिया गया। धरना के बाद जुलूस के रूप में शिक्षामित्र नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां पर एसडीएम सदर श्याम अवध चौहान को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में 14 वर्षों से कार्यरत शिक्षामित्रों को एनसीटीई द्वारा टेट से छूट दी जाए। शिक्षामित्रों का समायोजन बहाल कराया जाए, क्योंकि सभी शिक्षामित्रों के पास परिवार पालने का कोई दूसरा जरिया नहीं है।
विज्ञापन
इस दौरान मुनशाद अली चौहान, लताफत खां, जिया उल हक, शहजाद, प्रमोद, नरेंद्र, प्रीति, सविता, सोनाली, कर्मवीर, जगत सिंह, उपकार, इरफान खान, तनसीफ, दीपक, रीता शर्मा, शबाना, प्रतिभा, रेणुका, रामनरेश, आदित्य, नीरज, इकराम, संदीप, बिलेंद्र और अनुज शर्मा आदि मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान जाम भी लगाया
बनत से कलक्ट्रेट जाते वक्त शिक्षामित्रों ने मुजफ्फरनगर-शामली मार्ग पर जाम भी लगाया। बाद में शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों ने सभी को वहां से हटाया और कलक्ट्रेट पहुंचे।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले मंगलवार को शिक्षामित्रों ने बनत में बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। धरने को संबोधित करते संघ के जिलाध्यक्ष चैनपाल चौधरी ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश से शिक्षामित्र मानसिक और आर्थिक परेशानी से घिर गए हैं।
एनसीटीई की ओर से हाईकोर्ट में ठोस तथ्य पेश नहीं करने की वजह से एक लाख 72 हजार शिक्षामित्रों का समायोजन रद कर दिया गया। धरना के बाद जुलूस के रूप में शिक्षामित्र नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां पर एसडीएम सदर श्याम अवध चौहान को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
ज्ञापन में मांग की गई कि उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में 14 वर्षों से कार्यरत शिक्षामित्रों को एनसीटीई द्वारा टेट से छूट दी जाए। शिक्षामित्रों का समायोजन बहाल कराया जाए, क्योंकि सभी शिक्षामित्रों के पास परिवार पालने का कोई दूसरा जरिया नहीं है।
विज्ञापन
इस दौरान मुनशाद अली चौहान, लताफत खां, जिया उल हक, शहजाद, प्रमोद, नरेंद्र, प्रीति, सविता, सोनाली, कर्मवीर, जगत सिंह, उपकार, इरफान खान, तनसीफ, दीपक, रीता शर्मा, शबाना, प्रतिभा, रेणुका, रामनरेश, आदित्य, नीरज, इकराम, संदीप, बिलेंद्र और अनुज शर्मा आदि मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान जाम भी लगाया
बनत से कलक्ट्रेट जाते वक्त शिक्षामित्रों ने मुजफ्फरनगर-शामली मार्ग पर जाम भी लगाया। बाद में शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों ने सभी को वहां से हटाया और कलक्ट्रेट पहुंचे।