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Shamli News: नेपाल से समझौते के बाद अस्तित्व में आएगी शारदा यमुना, साबरमती लिंक नहर परियोजना

Fri, 21 Jul 2023 12:55 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jul 2023 12:55 AM IST
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Sharda Yamuna, Sabarmati Link Canal Project will come into existence after agreement with Nepal
शारदा यमुना साबरमती का नक्शा
- पहले चरण में उत्तराखंड के टनकपुर से कैराना यमुना नदी के पुल तक 384 किमी लंबाई का सर्वे हुआ पूरा
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- नहर परियोजना में कंडेला औद्योगिक क्षेत्र की 15 औद्योगिक इकाई आने से उद्यमियों और किसानों में बेचैनी
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। भारत सरकार का नेपाल से समझौते के बाद शारदा- यमुना, साबरमती लिंक 1835 किमी नहर परियोजना अस्तित्व में आएगी। शारदा- यमुना, साबरमती नहर लिंक परियोजना के लिए 100 मीटर भूमि अधिग्रहण की जाएगी। 50-60 मीटर चौड़ाई नहर की होगी। 40-50 मीटर चौड़ाई भूमि नहर के दोनों ओर पटरी के उपयोग में होगी। उत्तराखंड के टनकपुर बैराज से लेकर कैराना यमुना नदी तक 384 किमी लंबाई शारदा- यमुना, साबरमती लिंक नहर परियोजना का प्रथम चरण का ड्रोन सर्वेक्षण का ज्यादातर कार्य पूरा हो चुका है।
नदियों के पानी के अधिकतम उपयोग के लिए 1980 में राष्ट्रीय नदी जोड़ों परियोजना के अंतर्गत 37 भारतीय नदियों को जोड़ने के लिए 30 परियोजनाओं की पहचान की गई। भीम राव आंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के पर्यावरण विज्ञान के प्रोफेसर अंजली वर्मा और नरेंद्र कुमार ने शारदा-यमुना लिंक नहर परियोजना का 11 फरवरी 2015 के शोध के आधार पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय नई दिल्ली की ओर से शारदा-यमुना नदी जोड़ो परियोजना पर काम प्रारंभ हो गया है। राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण के पत्र पर उत्तराखंड सरकार ने नन्धौर वन्यजीव अभ्यारण्य में ड्रोन से सर्वे की अनुमति दे दी है।
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राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण के लखनऊ की ओर से उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली जिले में कैराना यमुना नदी का प्रथम चरण में ड्रोन सर्वेक्षण और पिलर लगाने का ज्यादातर कार्य पूरा हो चुका है। शामली जिले में ड्रोन सर्वेक्षण में कंडेला औद्योगिक क्षेत्र की 15-16 औद्योगिक इकाइयां आ जाने से जिले के उद्यमियों और किसानों में बेचैनी है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन आशीष जैन, पूर्व चेयरमैन अनुज गर्ग, साइमा के चेयरमैन अंकित गोयल ने बताया कि शारदा -यमुना लिंक नहर परियोजना की ड्रोन सर्वे की जद में शामली जिले की कंडेला औद्योगिक क्षेत्र की 15- 16 औद्योगिक इकाई आ जाने से जिले का औद्योगिक क्षेत्र बर्बाद हो जाएगा। इस संबंध में जिला उद्योग केंद्र की डिप्टी कमिश्नर जस्मिन फौजदार और असिस्टेंट कमिश्नर इस्मिता मित्तल को शारदा-यमुना लिंक नहर परियोजना की औद्योगिक क्षेत्र में जानकारी देकर नहर परियोजना का रूट बदलने का अनुरोध किया है।
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डीएम रविंद्र सिंह का कहना है कि लखनऊ से शारदा यमुना, साबरमती लिंक नहर परियोजना का ड्रोन सर्वेक्षण में सहयोग करने का पत्र मिला था। ड्रोन सर्वेक्षण टीम उनसे नहीं मिली है। दूसरी ओर प्रदेश के पूर्व गन्ना कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने बताया कि शारदा -यमुना लिंक नहर परियोजना के संबंध में औद्योगिक क्षेत्र को बचाने के लिए डीएम रविंद्र सिंह से नहर परियोजना के ड्रोन सर्वे के प्रभारी से बैठक आयोजित करने का अनुरोध किया है।
हाईवे-एक्सप्रेसवे और गांवों को छोड़कर बनाया जाए प्रोजेक्ट
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर सुधीर पंवार, विदेश मलिक, सवित मलिक का कहना है कि सरकार को इस योजना पर पुनर्विचार करना चाहिए। यदि निर्माण आवश्यक ही हो तो एलाइनमेंट ऐसे करना चाहिए, जिससे पहले से स्थापित रिहायशी, औद्योगिक व उपजाऊ ज़मीन को बचाया जा सके। शामली में पहले से ही काफी उपजाऊ जमीन एनएचएआई की सड़कों में जा चुकी है। इसका एलाइनमेंट सहारनपुर या बागपत जिले से होना आवश्यक है।

दूसरे चरण का ड्रोन सर्वेक्षण जयपुर राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण शुरू कराएगा
राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण लखनऊ के अधिशासी अभियंता राजीव कन्नौजिया ने बताया कि शारदा यमुना, साबरमती लिंक नहर परियोजना 1835 किमी की है। शारदा यमुना लिंक 384 किमी, यमुना राजस्थान लिंक 786 किमी,राजस्थान साबरमती लिंक 725 किमी है। नेपाल से संग्रहित पानी लिंक नहर परियोजना में लाया जाएगा। कैराना से गुजरात में साबरमती नदी तक ड्रोन सर्वेक्षण और पिलर लगाने का कार्य राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण जयपुर इकाई की ओर से शुरू होगा। इस सर्वे के बाद परियोजना को धरातल पर लाने के लिए नेपाल और भारत के साथ समझौता होगा। परियोजना का लागू करने के लिए एक बार सर्वे होगा। सर्वे के बाद औद्योगिक क्षेत्र और आवासीय कालोनियों को निकालकर प्रोजेक्ट तैयार होगा।

शारदा यमुना साबरमती का नक्शा

शारदा यमुना साबरमती का नक्शा

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