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Shamli News: शामली ने लिखी तरक्की की नई इबारत
Sat, 28 Sep 2024 03:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 28 Sep 2024 03:19 AM IST
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शामली करनाल मार्ग ।
शामली। जिला बनने के बाद 14 साल बाद शामली ने तरक्की की नई इबारत लिखी गई। 2011 में शामली को जिले का दर्जा मिला तो इसकी रफ्तार ओर तेज हुई। नगर पालिका की सीमा बढ़ी। कई सरकारी दफ्तर खुले और आज शामली तरक्की की ओर दौड़ रहा है। चारों और हाईवे का जाल है। शामली की यदि बात की जाए तो इसका क्षेत्रफल ही केवल अजंता चौक, विजय चौक और रेलवे फाटक था, लेकिन धीरे-धीरे शहर का विस्तार किया गया और दायरा बढ़ा। मुजफ्फरनगर जिले का ही हिस्सा होने के कारण पूर्व में शामली काफी उपेक्षित रहा। सड़कों और हाईवे ही हालत भी बेहद खराब थी लेकिन 2011 में जिला बनने के बाद शहर भी बदला। शहर की सड़कों पर हाईटेक हाईमास्क एलईडी की रोशनी है।
पहले यहां पर सिर्फ 160 के करीब औद्योगिक इकाइयां थीं। मगर अब 300 से अधिक इकाइयां संचालित हो रहीं हैं। विदेशों में रिम धुरा, पेपर, डिस्पोजल और फूड कंटेनर, माचिस, बर्तन आदि की विदेशों तक में मांग है। उद्यमी आशीष जैन, अंकित गोयल, अशोक गोयल, व्यापारी पंकज जैन आदि का कहना है कि जिला बनने के बाद सुविधाएं भी लोगों को मिली है।
- कई विभाग अभी भी मुजफ्फरनगर से संचालित
जिला घोषित होने के बाद ड्रेनेज खंड कार्यालय, जिला उद्योग केंद्र, जिला सेवा योजन कार्यालय, दुग्ध विकास विभाग, पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, रेशम, मत्स्य, समेत कई विभाग मुजफ्फरनगर से संचालित हैं। मुजफ्फरनगर जिला मुख्यालय से अफसर आकर अपने विभाग की गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।
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- हाईवे और एक्सप्रेस वे की मिली सौगात
जिले में तीन पानीपत-खटीमा, मेरठ-करनाल और दिल्ली- शामली, सहारनपुर का निर्माण, दिल्ली-देहरादून और अंबाला- शामली ग्रीन फील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर चल रहा है। दूसरी ओर पानीपत-खटीमा हाईवे का बलवा बाईपास का निर्माण पूरा हो चुका है। दिल्ली-शामली सहारनपुर हाईवे का शामली बाईपास का निर्माण पूरा होने और बलवा रेलवे का पुल चालू होने के बाद यातायात चालू होगा।
- जिले में विकास कार्यों को लेकर कार्य किया जा रहा है। जल्द ही अधूरे पड़े कार्य भी पूरे कराए जायेंगे। प्रयास रहेगा कि जिले के लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो दी जाए। - अरविंद चौहान, जिलाधिकारी, शामली
- ये हुए अहम काम
- मेरठ-करनाल हाईवे का निर्माण
- पानीपत -नगीना कोटद्वार मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को हस्तांतरित
- जिला विकास भवन का निर्माण, दफ्तर शिफ्ट हुए।
- सीएमओ कार्यालय निर्माण
- खोडसमा में 400 केवीए के बिजलीघर को मंजूरी, बजट जारी।
- जिला अस्पताल के लिए 15 करोड मिले।
- मेरठ-पानीपत हाईवे पर कृष्णा नदी पर सेतू निमार्ण।
- जलालपुर में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना।
- गढ़ीपुख्ता से थानाभवन सहित कई मार्ग
- कई राजकीय कन्या इंटर कालेजों को मंजूरी
- तत्कालीन मुख्यमंत्री ने दिया था जिले का दर्जा
28 सितंबर 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने शामली को प्रबुद्धनगर नाम देते हुए जिला घोषित किया था। वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसका नाम फिर शामली कर दिया था। जिले का नवीन मुख्यालय पूर्वी यमुना नहर के किनारे मुंडेट कलां, गोहरनी, भैंसवाल, बधेव की 265 एकड़ भूमि में निर्धारित किया था।
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पहले यहां पर सिर्फ 160 के करीब औद्योगिक इकाइयां थीं। मगर अब 300 से अधिक इकाइयां संचालित हो रहीं हैं। विदेशों में रिम धुरा, पेपर, डिस्पोजल और फूड कंटेनर, माचिस, बर्तन आदि की विदेशों तक में मांग है। उद्यमी आशीष जैन, अंकित गोयल, अशोक गोयल, व्यापारी पंकज जैन आदि का कहना है कि जिला बनने के बाद सुविधाएं भी लोगों को मिली है।
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- कई विभाग अभी भी मुजफ्फरनगर से संचालित
जिला घोषित होने के बाद ड्रेनेज खंड कार्यालय, जिला उद्योग केंद्र, जिला सेवा योजन कार्यालय, दुग्ध विकास विभाग, पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, रेशम, मत्स्य, समेत कई विभाग मुजफ्फरनगर से संचालित हैं। मुजफ्फरनगर जिला मुख्यालय से अफसर आकर अपने विभाग की गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।
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- हाईवे और एक्सप्रेस वे की मिली सौगात
जिले में तीन पानीपत-खटीमा, मेरठ-करनाल और दिल्ली- शामली, सहारनपुर का निर्माण, दिल्ली-देहरादून और अंबाला- शामली ग्रीन फील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर चल रहा है। दूसरी ओर पानीपत-खटीमा हाईवे का बलवा बाईपास का निर्माण पूरा हो चुका है। दिल्ली-शामली सहारनपुर हाईवे का शामली बाईपास का निर्माण पूरा होने और बलवा रेलवे का पुल चालू होने के बाद यातायात चालू होगा।
- जिले में विकास कार्यों को लेकर कार्य किया जा रहा है। जल्द ही अधूरे पड़े कार्य भी पूरे कराए जायेंगे। प्रयास रहेगा कि जिले के लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो दी जाए। - अरविंद चौहान, जिलाधिकारी, शामली
- ये हुए अहम काम
- मेरठ-करनाल हाईवे का निर्माण
- पानीपत -नगीना कोटद्वार मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को हस्तांतरित
- जिला विकास भवन का निर्माण, दफ्तर शिफ्ट हुए।
- सीएमओ कार्यालय निर्माण
- खोडसमा में 400 केवीए के बिजलीघर को मंजूरी, बजट जारी।
- जिला अस्पताल के लिए 15 करोड मिले।
- मेरठ-पानीपत हाईवे पर कृष्णा नदी पर सेतू निमार्ण।
- जलालपुर में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना।
- गढ़ीपुख्ता से थानाभवन सहित कई मार्ग
- कई राजकीय कन्या इंटर कालेजों को मंजूरी
- तत्कालीन मुख्यमंत्री ने दिया था जिले का दर्जा
28 सितंबर 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने शामली को प्रबुद्धनगर नाम देते हुए जिला घोषित किया था। वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसका नाम फिर शामली कर दिया था। जिले का नवीन मुख्यालय पूर्वी यमुना नहर के किनारे मुंडेट कलां, गोहरनी, भैंसवाल, बधेव की 265 एकड़ भूमि में निर्धारित किया था।

शामली करनाल मार्ग ।