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Shamli: इंग्लैंड में ली अंतिम सांस, पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार... विदेश से शव लेकर आए तीनों पुत्र
Fri, 17 Jan 2025 09:28 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Fri, 17 Jan 2025 09:28 PM IST
सार
मजरा पठानपुरा निवासी 100 वर्षीय ब्रह्मदत्त शर्मा ने इंग्लैंड में तीन जनवरी को अंतिम सांस ली। उनकी अंतिम इच्छा थी कि अपनों के बीच उनका अंतिम संस्कार किया जाए।
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ब्रह्मदत्त शर्मा की युवावस्था का फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गढ़ीपुख़्ता क्षेत्र के गांव राझड़ के मजरा पठानपुरा निवासी ब्रह्मदत्त शर्मा ने इंग्लैंड में तीन जनवरी को अंतिम सांस ली। वे करीब 100 वर्ष के थे और अपने पुत्रों के साथ वहीं रहते थे। अपने पिता की इच्छा पूरी करने के लिए तीनों पुत्र व परिवार के सदस्य उनके शव को लेकर पैतृक गांव पहुंचे और अंतिम संस्कार किया।
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ब्रह्मदत्त शर्मा का कुछ दिन पहले का फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
गांव निवासी प्रभात शर्मा ने बताया उनके ताऊ ब्रह्मदत्त शर्मा करीब 20 साल की उम्र में गांव से परिवार समेत गाजियाबाद के मुरादनगर में रहने लगे थे। वहां पर उनका सिनेमा हॉल का बिजनेस था। उनके तीनों पुत्र विनोद शर्मा, प्रमोद शर्मा और संजीव शर्मा इंग्लैंड चले गए और वहां पर ट्रांसपोर्ट का बिजनेस कर रहे हैं। वे अपने पिता ब्रह्मदत्त शर्मा को अपने साथ ले गए थे। वहीं पर तीन जनवरी को उनका निधन हो गया। शुक्रवार सुबह तीनों पुत्र अपने पिता का शव लेकर पैतृक गांव पठानपुरा पहुंचे और गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया। मुखाग्नि बड़े बेटे विनोद शर्मा ने दी। प्रभात ने बताया कि उनका पूरा परिवार गांव में रहता है। मृतक की पत्नी, तीनों पुत्र और अन्य परिवार के सदस्य भी गांव में पहुंचे। परिवार के सभी सदस्य रस्म तेरहवीं तक गांव में ही रहेंगे।
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लतीफन का फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला