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Shamli: कैराना का शाहिद पाकिस्तान जाकर बना आईएसआई एजेंट... दुबई, मोरक्को, अफगानिस्तान तक जुड़ रहे तार
Fri, 04 Oct 2024 01:10 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Fri, 04 Oct 2024 01:10 AM IST
सार
पुलिस और खुफिया अधिकारियों की जांच में सामने आया है कि कलीम के नंबर पर अभी भी व्हाट्सएप पाकिस्तान में किसी एजेंट या हैंडलर द्वारा चलाया जा रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इसे पुलिस की बेबसी ही कहा जाएगा कि पाकिस्तान में बैठे शामली के कैराना के आईएसआई हैंडलर, एजेंट इकबाल काना, दिलशाद मिर्जा, हमीदा, शाहिद और अन्य कलीम की गिरफ्तारी के एक साल बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस और खुफिया अधिकारियों की जांच में सामने आया है कि कलीम के नंबर पर अभी भी व्हाट्सएप पाकिस्तान में किसी एजेंट या हैंडलर द्वारा चलाया जा रहा है, जो नंबर कलीम द्वारा ही उन्हें उपलब्ध कराया गया था।
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दरअसल, आईएसआई एजेंट कलीम की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ था कि पाकिस़्तान के आईएसआई एजेंट उसके संपर्क में थे। पुलिस ने इकबाल समेत चार को आरोपी भी बनाया था। जल्द सरगनाओं को पकड़ने की बात कही थी मगर पुलिस अभी तक पाकिस्तान के किसी भी एजेंट को नहीं पकड़ सकी है। इस कारण आशंका जताई जा रही है कि उक्त एजेंट फिर से भारत के लोगों से संपर्क साधकर उन्हें आतंकवाद का पाठ पढ़ा रहे हैं।
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असमंजस में पुलिस और एसटीएफ, हैंडलरों को पाकिस्तान से कैसे पकड़ें?
पुलिस और एसटीएफ आईएसआई से जुड़े एजेंटों को तो समय-समय पर पकड़ती रहती है। मगर पाकिस्तान और विदेशों में बैठे हैंडलरों तक उनके हाथ नहीं पहुंच पाते।
एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पाकिस्तान सरकार भारत का सहयोग नहीं करती है। इस कारण आशंका रहती है कि यदि पुलिस हैंडलरों को पकड़ने के लिए गई तो उन्हें वहां पर किसी झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल में डाल दिया जाएगा। इसलिए पाकिस्तान जाकर उन्हें गिरफ्तार करने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पाता।
पुलिस और एसटीएफ आईएसआई से जुड़े एजेंटों को तो समय-समय पर पकड़ती रहती है। मगर पाकिस्तान और विदेशों में बैठे हैंडलरों तक उनके हाथ नहीं पहुंच पाते।
एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पाकिस्तान सरकार भारत का सहयोग नहीं करती है। इस कारण आशंका रहती है कि यदि पुलिस हैंडलरों को पकड़ने के लिए गई तो उन्हें वहां पर किसी झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल में डाल दिया जाएगा। इसलिए पाकिस्तान जाकर उन्हें गिरफ्तार करने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पाता।
दाखिल की जा चुकी दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
आईएसआई एजेंट कलीम और उसके भाई तहसीम को आरोपी बनाते हुए पुलिस ने करीब डेढ माह पूर्व ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। दोनों को आरोपी बनाया था। कहा गया था कि कैराना के आईएसआई हैंडलर दोनों को आतंकवाद का पाठ पढ़ा रहे थे। व्हाटस्एप के माध्यम से ही एक दूसरे के संपर्क में रहते थे।
आईएसआई एजेंट कलीम और उसके भाई तहसीम को आरोपी बनाते हुए पुलिस ने करीब डेढ माह पूर्व ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। दोनों को आरोपी बनाया था। कहा गया था कि कैराना के आईएसआई हैंडलर दोनों को आतंकवाद का पाठ पढ़ा रहे थे। व्हाटस्एप के माध्यम से ही एक दूसरे के संपर्क में रहते थे।
आतंकी शाहिद विदेश से तैयार कर रहा आईएसआई एजेंट
पुलिस की जांच में सामने आया है कि कैराना का शाहिद अब पाकिस्तान में आईएसआई एजेंट बन बैठा है। आईएसआई से जुड़े हैंडलर और एजेंट उसकी अंगुलियों पर नाचते हैं। वह दुबई, मोरक्को, अफगानिस्तान आदि में रहकर भी आईएसआई एजेंट तैयार कर रहा है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि कैराना का शाहिद अब पाकिस्तान में आईएसआई एजेंट बन बैठा है। आईएसआई से जुड़े हैंडलर और एजेंट उसकी अंगुलियों पर नाचते हैं। वह दुबई, मोरक्को, अफगानिस्तान आदि में रहकर भी आईएसआई एजेंट तैयार कर रहा है।