{"_id":"68a46560d6d2862e480342ee","slug":"shamli-earned-money-sitting-at-home-some-amount-came-into-the-accounts-then-cheated-the-businessman-2025-08-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Shamli: घर बैठे कमाई, कुछ रकम खातों में आई, फिर व्यापारी से कर ली 10.87 लाख की ठगी; ऐसे दिया झांसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli: घर बैठे कमाई, कुछ रकम खातों में आई, फिर व्यापारी से कर ली 10.87 लाख की ठगी; ऐसे दिया झांसा
Tue, 19 Aug 2025 05:22 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 19 Aug 2025 05:22 PM IST
सार
अक्षय वर्मा को टेलीग्राम पर कमाई का लालच दिया गया। इसके बाद ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट के नाम पर उनसे खातों में रकम डलवा ली गई। साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में जुट गई है।
विज्ञापन
साइबर क्राइम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले के बडियाल जाटान गांव निवासी अक्षय वर्मा साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने इन्वेस्टमेंट का लालच देकर उनसे 10.87 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की तहरीर पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
बिजनेसमैन अक्षय वर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके व्हाट्सएप नंबर पर इन्वेस्टमेंट के नाम पर एक लिंक भेजा गया। लिंक खोलने पर उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया। इस ग्रुप से जुड़े लोगों ने लगातार उन्हें इन्वेस्टमेंट करने के लिए उकसाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रुप में मेघा नाम की टेलीग्राम आईडी से बार-बार मैसेज कर होटल रिव्यू और ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट का झांसा दिया गया। भरोसा दिलाने के बाद पीड़ित से इंडियन ओवरसीज बैंक से चार अलग-अलग खातों में कुल 10.87 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। रकम जमा कराने के बाद जब अक्षय वर्मा ने अपने निवेश का रिटर्न मांगा तो ठगों ने टालमटोल शुरू कर दी और बाद में ग्रुप से निकालकर ब्लॉक कर दिया।
पीड़ित ने मामले की जानकारी साइबर थाने को दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर खातों और लेन-देन की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों का पता लगाने के लिए बैंक खातों और टेलीग्राम ग्रुप की तकनीकी जांच कराई जा रही है।
जिले में सबसे अधिक इन्वेस्टमेंट के नाम पर हो रही ठगी
अक्षय वर्मा के साथ इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व झिंझाना के बिजनेसमैन, कैराना के सादिक, मनोज से भी इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी की जा चुकी है। साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव भटनागर का कहना है कि जिले में सबसे अधिक इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी हो रही है। हर माह चार से पांच मामले सामने आ रहे हैं।
अक्षय वर्मा के साथ इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व झिंझाना के बिजनेसमैन, कैराना के सादिक, मनोज से भी इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी की जा चुकी है। साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव भटनागर का कहना है कि जिले में सबसे अधिक इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी हो रही है। हर माह चार से पांच मामले सामने आ रहे हैं।
इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर इस तरह ठगी करते हैं साइबर ठग
साइबर अपराधी टेलीग्राम या वाट्सएप पर ग्रुप या चैनल बनाते हैं। लोगों को पार्ट-टाइम जॉब या घर बैठे पैसे कमाने के फर्जी ऑफर देकर जोड़ते हैं। टास्क कंप्लीट करें और भुगतान प्राप्त करें जैसे झूठे वादे करते हैं।
साइबर अपराधी टेलीग्राम या वाट्सएप पर ग्रुप या चैनल बनाते हैं। लोगों को पार्ट-टाइम जॉब या घर बैठे पैसे कमाने के फर्जी ऑफर देकर जोड़ते हैं। टास्क कंप्लीट करें और भुगतान प्राप्त करें जैसे झूठे वादे करते हैं।
शुरुआत में छोटे-छोटे टास्क देकर कुछ पैसा ट्रांसफर किया जाता है ताकि भरोसा बढ़ाया जा सके। बाद में बड़े टास्क करने के लिए एडवांस में पैसा जमा करने को कहा जाता है। एडवांस पैसा मिलने के बाद अपराधी ग्रुप डिलीट कर देते हैं या ब्लॉक कर देते हैं। इसमें 500 के छोटे टास्क देकर 50-100 का रिटर्न देना या फिर फिर 5000 जमा कराने का लालच देकर पैसे लेकर गायब हो जाते हैं।
पुलिस की लोगों से अपील
एसपी रामसेवक गौतम ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति, वेबसाइट या एप पर भरोसा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करें। अज्ञात लिंक, ईमेल, या मैसेज पर क्लिक न करें। किसी भी संदिग्ध टेलीग्राम चैनल या ग्रुप में शामिल न हों साइबर अपराध के मामलों में तुरंत 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें। किसी भी फर्जी कॉल, ईमेल, या मैसेज के झांसे में न आएं।
एसपी रामसेवक गौतम ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति, वेबसाइट या एप पर भरोसा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करें। अज्ञात लिंक, ईमेल, या मैसेज पर क्लिक न करें। किसी भी संदिग्ध टेलीग्राम चैनल या ग्रुप में शामिल न हों साइबर अपराध के मामलों में तुरंत 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें। किसी भी फर्जी कॉल, ईमेल, या मैसेज के झांसे में न आएं।