{"_id":"679a438a167a096f98060b2f","slug":"shamli-brother-was-returning-after-distributing-wedding-cards-of-two-sisters-died-in-an-accident-2025-01-29","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Shamli: दो बहनों की शादी के कार्ड बांटकर लौट रहा था भाई, दुर्घटना में मौत... शव देखकर बेसुध हुईं बहनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli: दो बहनों की शादी के कार्ड बांटकर लौट रहा था भाई, दुर्घटना में मौत... शव देखकर बेसुध हुईं बहनें
Wed, 29 Jan 2025 08:35 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Wed, 29 Jan 2025 08:35 PM IST
सार
गांव नानूपुरी निवासी 30 साल का जितेंद्र घर में अकेला कमाने वाला था। 18 फरवरी को उसकी दो सगी बहनों की शादी होनी तय हुई है। इस हादसे में एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है।
विज्ञापन
जितेंद्र की मौत के बाद विलाप करतीं दोनों बहनें और अन्य परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कांधला थानाक्षेत्र में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर गांव नानूपुरी निवासी बाइक सवार जितेंद्र की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर घायल हो गया। मृतक 18 फरवरी को अपनी दो सगी बहनों की शादी के कार्ड बांटकर घर लौट रहा था। युवक की मौत से शादी की खुशियां गम में बदल गईं।
विज्ञापन
जितेंद्र की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
गांव नानूपुरी निवासी जितेंद्र (30) पुत्र रामधन मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता था। उसकी दो सगी बहनों की शादी 18 फरवरी को होनी तय हुई है। मंगलवार को जितेंद्र अपने रिश्तेदार बागपत निवासी मोना के साथ बाइक पर शादी के कार्ड बांटने थानाभवन गया था। कार्ड देने के बाद दोनों बाइक से मंगलवार देर रात घर लौट रहे थे। दोनों युवक नानूपुरी गेट के निकट पहुंचे तो पीछे से तेज गति से आ रहे अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। दोनों युवक सड़क किनारे जा गिरे। हादसे में जितेंद्र की मौके पर मौत हो गई और मोना गंभीर रूप से घायल हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूचना पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे और घायल को कस्बा स्थित निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे शव का परिजनों ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। बुधवार को ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर अज्ञात वाहन चालक की तलाश कर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। मृतक युवक के चाचा तीर्थपाल की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
चला गया परिवार का एकमात्र सहारा
जितेंद्र की मौत के बाद घर में उसके माता-पिता, पत्नी कुसम, तीन वर्षीय बेटा रक्षित व दो वर्षीय बेटी विधि रह गई है। वह परिवार में अकेला कमाने वाला था। अब परिवार के सामने जीवन यापन करने की समस्या बन गई है। दोनों बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। वे कह रही थी कि भइया तू क्यों चला गया।
जितेंद्र की मौत के बाद घर में उसके माता-पिता, पत्नी कुसम, तीन वर्षीय बेटा रक्षित व दो वर्षीय बेटी विधि रह गई है। वह परिवार में अकेला कमाने वाला था। अब परिवार के सामने जीवन यापन करने की समस्या बन गई है। दोनों बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। वे कह रही थी कि भइया तू क्यों चला गया।