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शामली को रोडवेज डिपो की कार्यशाला का इंतजार
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शामली को रोडवेज डिपो की कार्यशाला का इंतजार
शामली। जिले के जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों के प्रयास के बावजूद भी जिला मुख्यालय पर यूपी रोडवेज की कार्यशाला के खरीदी गई नौ बीघा भूमि का बजट नहीं मिल पाया है। जिले के आम नागरिक मुख्यमंत्री के शामली आने पर मुख्यालय लंबी समय शामली रोडवेज की कार्यशाला और आधुनिक बस अड्डे के भूमि खरीदने के लिए बजट जारी करने की उम्मीद कर रहे हैं। पिछले 43 सालों से शामली में यूपी रोडवेज की कार्यशाला भवन की मांग चल रही है। इस दौरान वर्ष 1978 में लोनी और 1988 में बड़ौत में यूपी रोडवेज डिपो की कार्यशाला बन गई।
जिला मुख्यालय घोषित होने के बाद यहां के व्यापारियों के लिए डिपो कार्यशाला की भूमि तलाश की गई। उप्र रोडवेज के प्रदेश मुख्यालय से डिपो की कार्यशाला के लिए भूमि खरीदने के लिए 47 लाख रुपये की धनराशि अवमुुक्त की गई थी। 2015-16 में तत्कालीन डीएम ओपी वर्मा ने मुजफ्फरनगर रोड पर फतेहपुर गांव की नौ बीघा यूपी रोडवेज की आवंटित करके कब्जा करा दिया था। वर्ष 2018 में तत्कालीन डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने यूपी रोडवेज के नाम डिपो की कार्यशाला की भूमि को नाम रिकार्ड में दर्ज करा दिया था।
डेढ़ साल पूर्व सहारनपुर के तत्कालीन आरएम नीरज सक्सेना ने डिपो की कार्यशाला का नौ करोड़ रुपये की लागत का एस्टीमेट तैयार कर शासन को भिजवाया था। शासन से अभी तक धनराशि आवंटित नहीं हुई है। सीएम योगी इसी सप्ताह शामली जिले के कैराना क्षेत्र के ऊंचागांव-गुर्जरपुर में पीएसी कैंप एवं फायरिंग रेंज के की आधारशिला रखने आ रहे हैं। जिले की जनता रोडवेज डिपो की कार्यशाला और आधुनिक रोडवेज बस अड्डे की स्थापना के लिए धनराशि आवंटित होने की उम्मीद संजोए हैं।
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व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने इस तरह किए प्रयास
शामली। भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने मुख्यमंत्री से मिलकर शामली में रोडवेज डिपो कार्यशाला निर्माण का मुद्दा उठाते हुए बजट जारी करने की मांग की। पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग प्रदेश के तत्कालीन परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र देव सिंह व निगम के एमडी धीरज शाहू, राजशेखर से मिलकर शामली डिपो की कार्यशाला के बजट जारी करने तत्काल 100 बसें उपलब्ध कराने का ज्ञापन दे चुके हैं। गन्ना मंत्री सुरेश राणा शामली में डिपो की कार्यशाला के लिए मुख्यमंत्री और परिवहन राज्यमंत्री अशोक कटारिया को पत्र लिख चुके हैं। कैराना सांसद प्रदीप चौधरी लखनऊ में प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री अशोक कटारिया से मिलकर शामली रोडवेज की कार्यशाला निर्माण के लिए बजट जारी करने का अनुरोध किया था।
अनुबंधित और दूसरे जिलों की बसों के सहारे है शामली के यात्री
जिले में डिपो कार्यशाला न होने से पड़ोसी जनपद के डिपो मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर, लोनी, बड़ौत, गढ़मुक्तेश्वर, करनाल, साहिबाबाद, फतेहाबाद, रोहतक, भिवानी, जींद आदि डिपो की बसों के सहारे पर सवारियां सफर करती है। मात्र 23 अनुबंधित बसों का संचालन हो रहा है। दिल्ली रोड पर अजंता के सामने नगर पालिका परिषद के किराए के भवन में शामली रोडवेज बस अड्डा चल रहा है। जगह कम होने से निगम और अनुबंधित बसें सड़क पर सवारियां उतारती और चढ़ाती है। तत्कालीन प्रदेश के परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने शामली रोडवेज बस अड्डे के लिए भूमि तलाश करने के लिए निर्देश दे चुके हैं।
एआरएम इस संबंध में जिला प्रशासन को बस अड्डे के लिए भूमि का प्रस्ताव दे चुके हैं। शामली रोडवेज बस अड्डे के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र चौहान का कहना है कि शामली में अनुबंधित बसो का डिपो है। यहां 23 अनुबंधित बसें चल रही है। शामली में निगम का डिपो की स्थापना के बाद के पड़ोसी जिलों और दूसरे राज्यों की बसों के संचालन होने से सवारियों को सुविधाएं मिलेगी। यूपी रोडवेज की आय में बढ़ोत्तरी होगी।
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शामली। जिले के जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों के प्रयास के बावजूद भी जिला मुख्यालय पर यूपी रोडवेज की कार्यशाला के खरीदी गई नौ बीघा भूमि का बजट नहीं मिल पाया है। जिले के आम नागरिक मुख्यमंत्री के शामली आने पर मुख्यालय लंबी समय शामली रोडवेज की कार्यशाला और आधुनिक बस अड्डे के भूमि खरीदने के लिए बजट जारी करने की उम्मीद कर रहे हैं। पिछले 43 सालों से शामली में यूपी रोडवेज की कार्यशाला भवन की मांग चल रही है। इस दौरान वर्ष 1978 में लोनी और 1988 में बड़ौत में यूपी रोडवेज डिपो की कार्यशाला बन गई।
जिला मुख्यालय घोषित होने के बाद यहां के व्यापारियों के लिए डिपो कार्यशाला की भूमि तलाश की गई। उप्र रोडवेज के प्रदेश मुख्यालय से डिपो की कार्यशाला के लिए भूमि खरीदने के लिए 47 लाख रुपये की धनराशि अवमुुक्त की गई थी। 2015-16 में तत्कालीन डीएम ओपी वर्मा ने मुजफ्फरनगर रोड पर फतेहपुर गांव की नौ बीघा यूपी रोडवेज की आवंटित करके कब्जा करा दिया था। वर्ष 2018 में तत्कालीन डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने यूपी रोडवेज के नाम डिपो की कार्यशाला की भूमि को नाम रिकार्ड में दर्ज करा दिया था।
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डेढ़ साल पूर्व सहारनपुर के तत्कालीन आरएम नीरज सक्सेना ने डिपो की कार्यशाला का नौ करोड़ रुपये की लागत का एस्टीमेट तैयार कर शासन को भिजवाया था। शासन से अभी तक धनराशि आवंटित नहीं हुई है। सीएम योगी इसी सप्ताह शामली जिले के कैराना क्षेत्र के ऊंचागांव-गुर्जरपुर में पीएसी कैंप एवं फायरिंग रेंज के की आधारशिला रखने आ रहे हैं। जिले की जनता रोडवेज डिपो की कार्यशाला और आधुनिक रोडवेज बस अड्डे की स्थापना के लिए धनराशि आवंटित होने की उम्मीद संजोए हैं।
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व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने इस तरह किए प्रयास
शामली। भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने मुख्यमंत्री से मिलकर शामली में रोडवेज डिपो कार्यशाला निर्माण का मुद्दा उठाते हुए बजट जारी करने की मांग की। पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग प्रदेश के तत्कालीन परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र देव सिंह व निगम के एमडी धीरज शाहू, राजशेखर से मिलकर शामली डिपो की कार्यशाला के बजट जारी करने तत्काल 100 बसें उपलब्ध कराने का ज्ञापन दे चुके हैं। गन्ना मंत्री सुरेश राणा शामली में डिपो की कार्यशाला के लिए मुख्यमंत्री और परिवहन राज्यमंत्री अशोक कटारिया को पत्र लिख चुके हैं। कैराना सांसद प्रदीप चौधरी लखनऊ में प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री अशोक कटारिया से मिलकर शामली रोडवेज की कार्यशाला निर्माण के लिए बजट जारी करने का अनुरोध किया था।
अनुबंधित और दूसरे जिलों की बसों के सहारे है शामली के यात्री
जिले में डिपो कार्यशाला न होने से पड़ोसी जनपद के डिपो मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर, लोनी, बड़ौत, गढ़मुक्तेश्वर, करनाल, साहिबाबाद, फतेहाबाद, रोहतक, भिवानी, जींद आदि डिपो की बसों के सहारे पर सवारियां सफर करती है। मात्र 23 अनुबंधित बसों का संचालन हो रहा है। दिल्ली रोड पर अजंता के सामने नगर पालिका परिषद के किराए के भवन में शामली रोडवेज बस अड्डा चल रहा है। जगह कम होने से निगम और अनुबंधित बसें सड़क पर सवारियां उतारती और चढ़ाती है। तत्कालीन प्रदेश के परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने शामली रोडवेज बस अड्डे के लिए भूमि तलाश करने के लिए निर्देश दे चुके हैं।
एआरएम इस संबंध में जिला प्रशासन को बस अड्डे के लिए भूमि का प्रस्ताव दे चुके हैं। शामली रोडवेज बस अड्डे के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र चौहान का कहना है कि शामली में अनुबंधित बसो का डिपो है। यहां 23 अनुबंधित बसें चल रही है। शामली में निगम का डिपो की स्थापना के बाद के पड़ोसी जिलों और दूसरे राज्यों की बसों के संचालन होने से सवारियों को सुविधाएं मिलेगी। यूपी रोडवेज की आय में बढ़ोत्तरी होगी।