फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Scientists of Forest Research Center Dehradun inspect Mammore Lake

वन अनुसंधान केन्द्र देहारादुन के वैज्ञानिको ने मामौर झील का किया निरीक्षण

Thu, 23 Jan 2020 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jan 2020 12:06 AM IST
विज्ञापन
Scientists of Forest Research Center Dehradun inspect Mammore Lake
कैराना मामौर झील पर वेट लैंड बनाने हेतू निरीक्षण करते वन अनुसंधान केन्द्र के वैज्ञानिक व वन रेंज? - फोटो : SHAMLI
वन अनुसंधान केंद्र देहरादून के वैज्ञानिकों ने मामौर झील का किया निरीक्षण
विज्ञापन

कैराना (शामली)। मामौर झील पर वेट लैंड बनाने, पौधरोपण करने एवं पक्षियों को रखने के लिए देहरादून वन अनुसंधान केंद्र से पहुंचे वैज्ञानिकों की टीम और वन विभाग के अधिकारियों ने मामौर झील का निरीक्षण किया।
बुधवार को वन अनुसंधान केंद्र देहरादून से वैज्ञानिक मनीष देव अपनी तीन सदस्य टीम के साथ मामौर झील पर पहुंचे। टीम के साथ वन रेंजर धर्मवृत्त आर्य भी थे। टीम ने मामौर झील का गहनता के साथ निरीक्षण किया। वन रेंजर धर्मवत्त आर्य ने बताया कि जल संचय नीति के तहत जल संरक्षण अभियान एवं वृक्षारोपण की वृहद कार्य योजना के तहत झील का निरीक्षण किया गया। यमुना के पांच किलोमीटर के दायरे में वेट लैंड का संवर्धन एवं संरक्षण किया जाएगा। वेट लैंड के लिए मामौर झील उपयुक्त पाई गई है। वेट लैंड के चारों और घूमने का रास्ता बनाया जाएगा जिस पर खड़े होकर लोग वेट लैंड में पक्षियों की चहचहाट सुन सकेंगे। वृहद कार्य योजना (डीपीआर) के निर्देशों के क्रम में मामौर झील पर वेट लैंड बनाने के लिए चारों ओर रास्ते के अलावा वेट लैंड के चारों और एक लाइन में हाइट्स प्रजाति जैसे पीपल बरगद के पेड़ लगाए जाएंगे। वेट लैंड के अंदर चार या पांच आईलैंड होंगे, जिनमें अर्जुन, बबूल एवं खजूर के पौधे लगाए जाएंगे ताकि इन वृक्षों पर पक्षी विचरण कर सकें।
विज्ञापन

-झील के गन्दे पानी के शुद्धिकरण हेतु जमीन देखी
वन रेंजर धर्मवृत्त आर्य ने बताया कि कैराना से नाले द्वारा झील में आने वाले गंदे पानी के शुद्धिकरण (एसटीपी) की स्थापना सिंचाई विभाग द्वारा कराई जाएगी। जिसके लिए सिंचाई विभाग ने मवी के किसान की एक हेक्टेयर जमीन देखी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
मामौर झील पर वेट लैंड बनाने के लिए देहरादून से वन अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक मनीष देव आये थे। उन्हें जमीन वेट लैंड के लिए अच्छी लगी। जल्द ही प्रस्ताव बना कर शासन को भेजा जाएगा।
- धर्मवृत्त आर्य, वन रेंजर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed