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एक दिन की कोतवाल बनी छात्रा कोमल
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
Updated Fri, 08 Dec 2017 11:59 PM IST
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एक दिन की कोतवाली प्रभारी कोमल रानी से वार्ता करते एसपी।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली में कोतवाल की कुर्सी पर स्कूल ड्रेस में बैठी छात्रा। पुलिसकर्मी उन्हें सेल्यूट मार रहे थे। छात्रा पूरे रौब के साथ पूछ रही थी कि तुम्हारी ड्यूटी कहां है, कितनी विवेचनाओं का निस्तारण कर दिया। यह बात आपको फिल्मी लगेगी, लेकिन महिला सुरक्षा सप्ताह के तहत शुक्रवार को सुबह को कोतवाली में यही नजारा देखने को मिला। दरअसल, कक्षा 11 वीं की छात्रा कोमल को पुलिस अधिकारियों ने एक दिन के लिए कोतवाली प्रभारी बनाया था।
महिला सुरक्षा सप्ताह के तहत शामली पुलिस की यह नई पहल थी। उसके तहत गांव गोहरनी निवासी छात्रा कोमल को एक दिन का कोतवाली प्रभारी बनाया गया। कोमल शहर के हिंदू कन्या इंटर कॉलेज में कक्षा 11 वीं की छात्रा है। पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा के निर्देश पर कोमल को एक दिन के लिए शामली कोतवाली का इंचार्ज बनाकर वह सब बातें सिखाई और बताई गई, जो दिन भर पुलिसकर्मी करते हैं। इस दौरान पुलिस अधीक्षक भी कोतवाली पहुंचे। उन्होंने बताया कि महिला सुरक्षा सप्ताह के तहत छात्राओं को पुलिसिंग सिखाने तथा समाज में बेहिचक रहने की शैली सिखाई गई, ताकि किसी विपत्ति के समय वह खुद को असहाय न समझें और खुलकर मुकाबला कर सकें।
निरीक्षण किया, तो समस्याएं भी सुनीं
छात्रा कोमल शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे अपने भाई के साथ कोतवाली पहुंची। सवा आठ बजे जीरो परेड में पुलिसकर्मियों का परिचय लिया और कोतवाली का भ्रमण किया। 8.30 बजे गश्त और चेकिंग पर निकलने वाली पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई। नौ बजे हवालात और मालखाने का निरीक्षण किया। फिर दस बजे थाना परिसर में पहुंचने वाले लोगों की समस्याएं सुनीं। 11 बजे एंटी रोमियो स्कव़ॉड के साथ विद्यालयों के आसपास चेकिंग पर निकलीं। 12 बजे वाहन चेकिंग कराई और एक बजे फिर से गर्ल्स स्कूलों के आसपास एंटी रोमियो स्कवाड के साथ चेकिंग की। दो बजे लौटकर थाने पर सुनवाई की गई। चार बजे बाजार में गश्त की तथा छह बजे व्यापारियों के साथ वार्ता की।
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अपने ही स्कूल की छात्राओं से पूछे सवाल
वीवी इंटर कॉलेज में गोष्ठी के दौरान एक दिन की कोतवाल कोमल भी पहुंची। वहां उन्होंने छात्राओं को महिला सुरक्षा के संबंध में टिप्स भी दिए। पुलिस अधिकारियों के बीच कुर्सी पर बैठी कोमल को देखकर उसकी सहपाठी छात्राएं भी रोमांचित थीं।
कोमल बोली, अच्छी है पहल
छात्रा कोमल का कहना है कि पुलिस की यह पहल अच्छी है। इससे हमें वह मालूम चला कि पुलिस को दिनभर क्या-क्या कार्य करने होते हैं और शिकायत करने पहुंचे लोगों की किस तरह सुनवाई की जाती है। कोतवाली प्रभारी की जिम्मेदारी संभालकर मुझे आत्मबल मिला है।
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महिला सुरक्षा सप्ताह के तहत शामली पुलिस की यह नई पहल थी। उसके तहत गांव गोहरनी निवासी छात्रा कोमल को एक दिन का कोतवाली प्रभारी बनाया गया। कोमल शहर के हिंदू कन्या इंटर कॉलेज में कक्षा 11 वीं की छात्रा है। पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा के निर्देश पर कोमल को एक दिन के लिए शामली कोतवाली का इंचार्ज बनाकर वह सब बातें सिखाई और बताई गई, जो दिन भर पुलिसकर्मी करते हैं। इस दौरान पुलिस अधीक्षक भी कोतवाली पहुंचे। उन्होंने बताया कि महिला सुरक्षा सप्ताह के तहत छात्राओं को पुलिसिंग सिखाने तथा समाज में बेहिचक रहने की शैली सिखाई गई, ताकि किसी विपत्ति के समय वह खुद को असहाय न समझें और खुलकर मुकाबला कर सकें।
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निरीक्षण किया, तो समस्याएं भी सुनीं
छात्रा कोमल शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे अपने भाई के साथ कोतवाली पहुंची। सवा आठ बजे जीरो परेड में पुलिसकर्मियों का परिचय लिया और कोतवाली का भ्रमण किया। 8.30 बजे गश्त और चेकिंग पर निकलने वाली पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई। नौ बजे हवालात और मालखाने का निरीक्षण किया। फिर दस बजे थाना परिसर में पहुंचने वाले लोगों की समस्याएं सुनीं। 11 बजे एंटी रोमियो स्कव़ॉड के साथ विद्यालयों के आसपास चेकिंग पर निकलीं। 12 बजे वाहन चेकिंग कराई और एक बजे फिर से गर्ल्स स्कूलों के आसपास एंटी रोमियो स्कवाड के साथ चेकिंग की। दो बजे लौटकर थाने पर सुनवाई की गई। चार बजे बाजार में गश्त की तथा छह बजे व्यापारियों के साथ वार्ता की।
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अपने ही स्कूल की छात्राओं से पूछे सवाल
वीवी इंटर कॉलेज में गोष्ठी के दौरान एक दिन की कोतवाल कोमल भी पहुंची। वहां उन्होंने छात्राओं को महिला सुरक्षा के संबंध में टिप्स भी दिए। पुलिस अधिकारियों के बीच कुर्सी पर बैठी कोमल को देखकर उसकी सहपाठी छात्राएं भी रोमांचित थीं।
कोमल बोली, अच्छी है पहल
छात्रा कोमल का कहना है कि पुलिस की यह पहल अच्छी है। इससे हमें वह मालूम चला कि पुलिस को दिनभर क्या-क्या कार्य करने होते हैं और शिकायत करने पहुंचे लोगों की किस तरह सुनवाई की जाती है। कोतवाली प्रभारी की जिम्मेदारी संभालकर मुझे आत्मबल मिला है।