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Shamli News: घरों, धार्मिक स्थलों से उठ रहे धुएं को पराली समझ रहा सैटेलाइट, रिपोर्ट में खुलासा
Mon, 11 Nov 2024 12:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 11 Nov 2024 12:19 AM IST
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शामली। सैटेलाइट जहां जिले में पराली जलाने के मामलों को पकड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है। वहीं लोगों के घरों, धार्मिक स्थलों से निकल रहे धुएं को भी पराली जलाना ट्रेस कर रिपोर्ट कृषि विभाग के अधिकारियों को भेजी जा रही है। सैटेलाइट के भ्रमित करने के कारण विभागीय अधिकारी परेशान है। कृषि विभाग की अधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। मामलों की बानगी...
केस-1
कृषि विभाग के अधिकारियों को सैटेलाइट से सूचना प्राप्त हुई कि 25 अक्तूबर को जलालाबाद देहात क्षेत्र में पराली जलाई गई है। सूचना पाते ही अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। मगर आसपास कोई पराली या फिर अन्य में आग लगी नहीं मिली। एक घर के चूल्हे, धार्मिक स्थल से धुआं निकलना मिला।
केस-2
23 अक्तूबर को सोहजनी गांव में सैटेलाइट से पराली जलाने की सूचना मिली। अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच कराई तो आग जलती नहीं मिली। किसी घर के अंदर से धुआं निकलता मिला।
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केस-3
29 अक्तूबर को थानाभवन में पराली जलाने की सूचना मिली। टीम मौके पर पहुंची मगर पराली जलाने के मामले की पुष्टि नहीं हुई।
ये तीन उदारहण तो बानगी भर मात्र है।
देखने में आ रहा है कि पराली जलाने की जो सूचनाएं सैटेलाइट से मिल रही है, उनमें फर्जी सूचनाएं भी पाई जा रही है। घरों से उठने वाले धुएं को भी सैटेलाइट पराली जलाना समझकर भ्रमित कर रहा है। रिपोर्ट लखनऊ में अधिकारियों को भेजी गई है।
प्रमोद कुमार, कृषि उपनिदेशक शामली
जिले में पराली, कूड़ा जलाने के ये मामले आए सामने...जिन्हें सैटेलाइट से पकड़ा गया
: सिकंदरपुर के किसान योगेंद्र द्वारा खेत में पत्ती और कूड़ा करकट जलाया।
: कांधला के जाबिर ने अपने खेत में फसल अवशेष जलाया।
: जलालाबाद में रामचंद्र के खेत में फसल अवशेष जलाया गया
हसनपुर के अमीर आलम के खेत में कूड़ा जलता मिला
: उमरपुर के प्रदीप के खेत में कूड़ा करकट जलता मिला
:बाबरी में अज्ञात व्यक्ति द्वारा कूड़े के ढेर में आग लगाई
भाट्टू में अज्ञात व्यक्ति द्वारा तालाब के पास कूड़े में आग लगती मिली
किसानों ने निकाला अलग तरीका
सूत्रों के अनुसार पराली जलाने के लिए किसानों ने अलग तरीका निकाल लिया है। सैटेलाइट अधिकतर मामलों को दिन में ही ट्रेस करती है, जिस पर किसानों ने रात में खेतों में पराली जलाना शुरू कर दी है। हालांकि, निगरानी के लिए जिलेभर में 12 टीमें लगाई गई है जो किसानों पर शिकंजा कस रही है।
15 हजार रुपये के जुर्माने का है प्रावधान
जिला कृषि अधिकारी के अनुसार पराली जलाने पर सैटेलाइट से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। दो एकड़ से कम में पराली जलाने पर 2500 व इससे अधिक में 5000 और पांच एकड़ से अधिक में 15 हजार रुपये तक के जुर्माने का नियम है। कहा कि पराली जलाने से खेत की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है।
एक टन पराली जलाने से वातावरण को होने वाले नुकसान
जिला कृषि अधिकारी के अनुसार
• 3 किलोग्राम पर्टिकुलेट मैटर
• 60 किलोग्राम कार्बन मोनोऑक्साइड
• 1460 किलोग्राम डाई ऑक्साइड
• 199 किलोग्राम राख
• 2 किलोग्राम सल्फर डाईऑक्साइड निकलता है.
पराली जलाने से मानव स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान
• संस लेने में दिक्कत
• नाक में तकलीफ
• आंखों में जलन
• गले की समस्या
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केस-1
कृषि विभाग के अधिकारियों को सैटेलाइट से सूचना प्राप्त हुई कि 25 अक्तूबर को जलालाबाद देहात क्षेत्र में पराली जलाई गई है। सूचना पाते ही अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। मगर आसपास कोई पराली या फिर अन्य में आग लगी नहीं मिली। एक घर के चूल्हे, धार्मिक स्थल से धुआं निकलना मिला।
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केस-2
23 अक्तूबर को सोहजनी गांव में सैटेलाइट से पराली जलाने की सूचना मिली। अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच कराई तो आग जलती नहीं मिली। किसी घर के अंदर से धुआं निकलता मिला।
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केस-3
29 अक्तूबर को थानाभवन में पराली जलाने की सूचना मिली। टीम मौके पर पहुंची मगर पराली जलाने के मामले की पुष्टि नहीं हुई।
ये तीन उदारहण तो बानगी भर मात्र है।
देखने में आ रहा है कि पराली जलाने की जो सूचनाएं सैटेलाइट से मिल रही है, उनमें फर्जी सूचनाएं भी पाई जा रही है। घरों से उठने वाले धुएं को भी सैटेलाइट पराली जलाना समझकर भ्रमित कर रहा है। रिपोर्ट लखनऊ में अधिकारियों को भेजी गई है।
प्रमोद कुमार, कृषि उपनिदेशक शामली
जिले में पराली, कूड़ा जलाने के ये मामले आए सामने...जिन्हें सैटेलाइट से पकड़ा गया
: सिकंदरपुर के किसान योगेंद्र द्वारा खेत में पत्ती और कूड़ा करकट जलाया।
: कांधला के जाबिर ने अपने खेत में फसल अवशेष जलाया।
: जलालाबाद में रामचंद्र के खेत में फसल अवशेष जलाया गया
हसनपुर के अमीर आलम के खेत में कूड़ा जलता मिला
: उमरपुर के प्रदीप के खेत में कूड़ा करकट जलता मिला
:बाबरी में अज्ञात व्यक्ति द्वारा कूड़े के ढेर में आग लगाई
भाट्टू में अज्ञात व्यक्ति द्वारा तालाब के पास कूड़े में आग लगती मिली
किसानों ने निकाला अलग तरीका
सूत्रों के अनुसार पराली जलाने के लिए किसानों ने अलग तरीका निकाल लिया है। सैटेलाइट अधिकतर मामलों को दिन में ही ट्रेस करती है, जिस पर किसानों ने रात में खेतों में पराली जलाना शुरू कर दी है। हालांकि, निगरानी के लिए जिलेभर में 12 टीमें लगाई गई है जो किसानों पर शिकंजा कस रही है।
15 हजार रुपये के जुर्माने का है प्रावधान
जिला कृषि अधिकारी के अनुसार पराली जलाने पर सैटेलाइट से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। दो एकड़ से कम में पराली जलाने पर 2500 व इससे अधिक में 5000 और पांच एकड़ से अधिक में 15 हजार रुपये तक के जुर्माने का नियम है। कहा कि पराली जलाने से खेत की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है।
एक टन पराली जलाने से वातावरण को होने वाले नुकसान
जिला कृषि अधिकारी के अनुसार
• 3 किलोग्राम पर्टिकुलेट मैटर
• 60 किलोग्राम कार्बन मोनोऑक्साइड
• 1460 किलोग्राम डाई ऑक्साइड
• 199 किलोग्राम राख
• 2 किलोग्राम सल्फर डाईऑक्साइड निकलता है.
पराली जलाने से मानव स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान
• संस लेने में दिक्कत
• नाक में तकलीफ
• आंखों में जलन
• गले की समस्या