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Shamli News: सहारनपुर, मुजफरनगर पुलिस भी मामले की जांच में जुटी
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शामली/ कैराना। कैराना निवासी नोमान इलाही के पानीपत पुलिस द्वारा पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में पकड़े जाने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसी अलर्ट मोड पर हैं। दो दिन पहले स्थानीय पुलिस जन सेवा केंद्र संचालक को लेकर मुजफ्फरनगर पहुंची जहां पर एसपी मुजफ्फरनगर ने कई घंटे तक पूछताछ की थी। अब शामली, पानीपत के अलावा मुजफ्फरनगर पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी।
बुधवार को पानीपत पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में कैराना के बाजार बेगमपुर निवासी नोमान इलाही को गिरफ्तार किया था। पानीपत के थाना सेक्टर 29 में आरोपी के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पानीपत पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया था तथा बाद में पुलिस ने आरोपी को सात दिन के पुलिस कस्टडी रिमांड पर ले लिया था। रिमांड पर लेने के बाद पानीपत पुलिस को जानकारी मिली थी कि आरोपी मोबाइल व्हाट्सएप चैट द्वारा कैराना के एक जन सेवा केंद्र संचालक को क्यूआर कोड भेजकर अलग-अलग खातों में रुपये डलवाता था। इसके बाद पानीपत सीआईए फर्स्ट ने जन सेवा केंद्र संचालक से पूछताछ की थी तथा मनी ट्रांजेक्शन का डाटा लेकर पानीपत आने के लिए कहा था।
इसी के साथ डीआईजी सहारनपुर ने मामले की जांच करने के लिए एसपी मुजफ्फरनगर को निर्देशित किया था। बाद में स्थानीय पुलिस जन सेवा केंद्र संचालक को साथ लेकर मुजफ्फरनगर गई थी। एसपी मुजफ्फरनगर ने जन सेवा केंद्र संचालक से कई घंटे तक पूछताछ की तथा मनी ट्रांजेक्शन का डाटा भी चेक किया। जन सेवा केंद्र संचालक की कोई गलती नहीं पाई जाने पर उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया था कि जिस समय भी पुलिस बुलाए, तभी जाकर पुलिस जांच में सहयोग करें।
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बुधवार को पानीपत पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में कैराना के बाजार बेगमपुर निवासी नोमान इलाही को गिरफ्तार किया था। पानीपत के थाना सेक्टर 29 में आरोपी के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पानीपत पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया था तथा बाद में पुलिस ने आरोपी को सात दिन के पुलिस कस्टडी रिमांड पर ले लिया था। रिमांड पर लेने के बाद पानीपत पुलिस को जानकारी मिली थी कि आरोपी मोबाइल व्हाट्सएप चैट द्वारा कैराना के एक जन सेवा केंद्र संचालक को क्यूआर कोड भेजकर अलग-अलग खातों में रुपये डलवाता था। इसके बाद पानीपत सीआईए फर्स्ट ने जन सेवा केंद्र संचालक से पूछताछ की थी तथा मनी ट्रांजेक्शन का डाटा लेकर पानीपत आने के लिए कहा था।
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इसी के साथ डीआईजी सहारनपुर ने मामले की जांच करने के लिए एसपी मुजफ्फरनगर को निर्देशित किया था। बाद में स्थानीय पुलिस जन सेवा केंद्र संचालक को साथ लेकर मुजफ्फरनगर गई थी। एसपी मुजफ्फरनगर ने जन सेवा केंद्र संचालक से कई घंटे तक पूछताछ की तथा मनी ट्रांजेक्शन का डाटा भी चेक किया। जन सेवा केंद्र संचालक की कोई गलती नहीं पाई जाने पर उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया था कि जिस समय भी पुलिस बुलाए, तभी जाकर पुलिस जांच में सहयोग करें।
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