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कलक्ट्रेट में रालोद का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Wed, 14 Dec 2016 12:07 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। रालोद कार्यकर्ताओं ने किसान, मजदूर, व्यापारी और आमजन की समस्याओं का समाधान कराने के लिए कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा।
मंगलवार दोपहर करीब दो बजे रालोद कार्यकर्ता इकट्ठा होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम संबोधित सात सूत्री ज्ञापन डीएम सुजीत कुमार को सौंपा। कहा कि विदेश से गेहूं आयात शुल्क समाप्त करके किसानों पर वज्रपात किया गया है। वहीं, किसानों को बीते वर्ष का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान अब तक नहीं हुआ।
धान की फसल का वाजिब दाम नहीं मिला। ऐसे में नोटबंदी के कारण किसानों को गेहूं की बुवाई करने में दिक्कत हो रही है। लिहाजा किसानों को गेहूं का बीज और खाद तत्काल उपलब्ध कराया जाए। चालू पेराई सत्र में चीनी मिल शुरू हुए एक महीना बीत गया है, लेकिन अब तक मिलों ने भुगतान शुरू नहीं किया है, जबकि 14 दिन के भीतर भुगतान होना चाहिए। केंद्र सरकार के एसएमपी और प्रदेश सरकार के एसएपी को हटाकर देशभर के लिए 450 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित किया जाए।
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बैंकों से प्रतिदिन 24 हजार रुपये और विवाह के लिए ढाई लाख रुपये निकालने की सीमा को निरस्त कर स्वेच्छा से जरूरत के हिसाब कैश निकालने की सुविधा दिलाई जाए। मौके पर रालोद जिलाध्यक्ष ऋषिराज राझड़, युवा जिलाध्यक्ष रजनीश कोरी, जिला पंचायत सदस्य देशराज भनेडा व मुकेश सैनी, रंधावा मलिक, कंवरपाल मालेंडी, अनवार, आशुतोष, सुनील, प्रमेंद्र सिंह नंबरदार, जावेद जंग, प्रमोद पटवारी, वाजिद अली, मंगल सिंह पंवार, हाजी दिलदार, सत्यवीर, योगेंद्र, सतेंद्र, विक्रांत जावला, अमृत पंवार, अरुण मान आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार दोपहर करीब दो बजे रालोद कार्यकर्ता इकट्ठा होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम संबोधित सात सूत्री ज्ञापन डीएम सुजीत कुमार को सौंपा। कहा कि विदेश से गेहूं आयात शुल्क समाप्त करके किसानों पर वज्रपात किया गया है। वहीं, किसानों को बीते वर्ष का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान अब तक नहीं हुआ।
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धान की फसल का वाजिब दाम नहीं मिला। ऐसे में नोटबंदी के कारण किसानों को गेहूं की बुवाई करने में दिक्कत हो रही है। लिहाजा किसानों को गेहूं का बीज और खाद तत्काल उपलब्ध कराया जाए। चालू पेराई सत्र में चीनी मिल शुरू हुए एक महीना बीत गया है, लेकिन अब तक मिलों ने भुगतान शुरू नहीं किया है, जबकि 14 दिन के भीतर भुगतान होना चाहिए। केंद्र सरकार के एसएमपी और प्रदेश सरकार के एसएपी को हटाकर देशभर के लिए 450 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित किया जाए।
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बैंकों से प्रतिदिन 24 हजार रुपये और विवाह के लिए ढाई लाख रुपये निकालने की सीमा को निरस्त कर स्वेच्छा से जरूरत के हिसाब कैश निकालने की सुविधा दिलाई जाए। मौके पर रालोद जिलाध्यक्ष ऋषिराज राझड़, युवा जिलाध्यक्ष रजनीश कोरी, जिला पंचायत सदस्य देशराज भनेडा व मुकेश सैनी, रंधावा मलिक, कंवरपाल मालेंडी, अनवार, आशुतोष, सुनील, प्रमेंद्र सिंह नंबरदार, जावेद जंग, प्रमोद पटवारी, वाजिद अली, मंगल सिंह पंवार, हाजी दिलदार, सत्यवीर, योगेंद्र, सतेंद्र, विक्रांत जावला, अमृत पंवार, अरुण मान आदि मौजूद रहे।