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Shamli News: हरियाणा सरकार की रोक से बॉर्डर पर अटके धान के वाहन

Thu, 06 Nov 2025 12:53 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 06 Nov 2025 12:53 AM IST
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rice news
बिडौली में यमुना पुल पर रोके गए धान से लदे ट्रक। संवाद
बिडौली (शामली)। हरियाणा सरकार और यूपी के किसानों के बीच धान खरीद को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को भी हरियाणा की ओर से यूपी से जाने वाली धान से भरी ट्रॉलियों और ट्रकों के प्रवेश पर रोक जारी रही।
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हरियाणा-यूपी बॉर्डर स्थित मंगलौरा पुलिस चौकी पर पुलिस ने सख्ती बरकरार रखते हुए यूपी के किसानों को राज्य में प्रवेश नहीं करने दिया, जिससे उनको परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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यूपी के किसानों का कहना है कि वे हरियाणा की मंडियों में पिछले वर्षों से अपनी फसल बेचते आ रहे हैं। वहां के आढ़तियों (कमीशन एजेंटों) से किसान पहले ही एडवांस पैसे लेकर अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करते हैं, यहां तक कि कई किसान अपने बच्चों की शादियों तक के खर्च इन्हीं आढ़तियों से उठाए गए पैसों से करते हैं। किसान बताते हैं कि यूपी में धान की पर्याप्त मंडियां न होने के कारण उन्हें हरियाणा की मंडियों पर निर्भर रहना पड़ता है। अगर जल्द ही रोक नहीं हटाई गई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। धान को लेकर किसान असमंजस में हैं। उधर, हरियाणा प्रशासन का कहना है कि यह आदेश राज्यस्तर से आया है और जब तक उच्चाधिकारियों से निर्देश नहीं मिलते, तब तक यूपी से आने वाले धान को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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उधर, एसडीएम ऊन संदीप त्रिपाठी का कहना है कि जिले में धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। किसान क्रय केंद्रों पर अपना धान बेच सकते हैं।
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ये बोले किसान
भोगी माजरा निवासी किसान जगदीश ने बताया कि उसने अपनी पांच बीघा जमीन में धान की खेती की थी, जिसे काटकर बेचने के लिए हरियाणा जा रहा था लेकिन पुलिस ने बॉर्डर पर रोक लगा दी। उसने हरियाणा के आढ़तियों से एडवांस पैसा ले रखा है, इसलिए उसे वहीं फसल बेचनी है। अब एंट्री न मिलने से भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

प्रेम कुमार व एक अन्य किसान ने बताया कि वे दो दिन से हरियाणा बॉर्डर पर फंसे हैं। पुलिस उन्हें हरियाणा में घुसने नहीं दे रही है। उनकी ट्रॉली में रखा धान खराब होने लगा है। किसान यूनियन के नेता, जो खुद को किसानों का मसीहा बताते हैं, आज घरों में आराम से बैठे हैं। हमारी आवाज कोई नहीं उठा रहा।



हरियाणा सरकार ने रोक नहीं हटाई तो आंदोलन की रणनीति होगी तय

एक तरफ केंद्र सरकार कहती है कि किसान को अपनी फसल कहीं भी बेचने की स्वतंत्रता है, वहीं दूसरी ओर हरियाणा सरकार ने यूपी से आने वाले किसानों के धान पर बॉर्डर पर रोक लगा रखी है। यह स्थिति ऐसे लग रही है जैसे दो देशों के बीच सीमा खींच दी गई हो। किसानों को अपनी मेहनत की फसल बेचने से रोका जा रहा है, यह पूरी तरह अन्याय है। अगर हरियाणा सरकार ने जल्द ही इस रोक को नहीं हटाया, तो हम यह मुद्दा अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचाएंगे और आगे की रणनीति तय की जाएगी।
- मास्टर जाहिद, उत्तर प्रदेश संगठन मंत्री, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत)
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