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कई वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं ईदरीश वेग विहार के नागरिक

Fri, 08 Oct 2021 01:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 08 Oct 2021 01:00 AM IST
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Residents of Idrish Veg Vihar are deprived of basic facilities
कांधला बस्ती की सड़कों में भरा पानी - फोटो : SHAMLI
मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं इदरीश वेग विहार निवासी
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शामली, कांधला। कस्बे की बस्ती इदरीश वेग विहार निवासी पानी, सड़क, बिजली के साथ ही अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। लोगों ने सुविधाएं दिलाने की मांग की है।
बस्तीवासी जावेद, शानू, रुकमदीन, आलम, जफर, रोजूदीन आदि ने बताया कि 2013 में सांप्रदायिक दंगे के दौरान कई परिवारों ने अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली थी। गांव फुगाना, लांक, बहावड़ी, सौरम, लिसाढ़ के साथ अन्य गांव के लोग कांधला के इदरीश विहार कालोनी में रहने लगे थे। बस्ती के लोगों के अनुसार इस बस्ती में सभी नवविर्माण होने के कारण यहां उस समय बिजली, पानी, सड़कों की कोई व्यवस्था नहीं थी। लेकिन रहने के लिए सुरक्षित आवासों की तलाश में यहां लोगों ने अपना निवास बना लिया था। लेकिन आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक यहां के वासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
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बस्ती के लोगों के लिए सड़क, पानी बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। बस्ती के बाहरी छोर के एक हिस्से में कस्बे से बिजली सप्लाई होती है। लेकिन बाकी हिस्से में कुछ घंटों के लिए जंगल की विद्युत की सप्लाई दी जाती है। जिसके कारण रोजमर्रा के कार्यों में परेशानी बनी रहती है। बस्ती में सड़कें खराब होने के कारण स्कूल की बसें भी स्कूल प्रबंधक भेजने से कतराते हैं। बस्ती के अधिकांश बच्चे या तो शिक्षा से वंचित हैं या फिर बस्ती में ही बने मदरसों में पढ़ने के लिए जाते हैं। कई परिवारों के राशन कार्ड न बनने के कारण वह सरकार से मिल रही सुविधाओं से वंचित हैं। बस्ती के लोगों ने जिलाधिकारी से समस्या के समाधान की मांग की है।
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क्या कहते हैं प्रधानपति
ग्राम प्रधान पति चमन सिद्दीकी ने बताया कि यह ग्राम पंचायत काफी बड़ी है। 2010-11 की जनगणना के अनुसार यहां की आबादी 9200 थी। उसी के आधार पर यहां का बजट बनता है, लेकिन अब आबादी करीब तीस हजार है नये बजट का इंतजार है। कार्य कराने के लिए योजना बना ली है। मनेरगा की मदद से यहां कच्चा कार्य कराया जाएगा। जिससे लोगों की परेशानी कम होगी। 2021 में जनगणना होनी थी। लेकिन कोविड के कारण जनगणना नहीं हो पाई जनगणना के बाद ही अब नया बजट पास होने के बाद विकास कार्य होगा।
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