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सीएचसी में मरीजों की संख्या में आई कमी
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शामली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में लगने वाली मरीजों की भीड़ कम होने लगी है। शुक्रवार को मरीजों की संख्या में कमी आई है। चिकित्सक मरीजों की संख्या में कमी की वजह कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक होना मान रहे हैं।
सीएचसी शामली में रोजाना औसतन 1200 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचकर उपचार करा रहे थे। शुक्रवार को मरीजों की संख्या में और ज्यादा कमी देखने को मिली। सीएचसी में मरीजों की न तो पर्ची बनवाने की लाइन लगी थी और न ही ओपीडी में भीड़ लगी थी। दवा लेने वालों की भी लाइन नहीं थी। भीड़भाड़ के बजाए मरीज आराम से सीएचसी में उपचार कराकर लौट रहे थे। सीएचसी में बृहस्पतिवार को करीब 950 मरीजों ने पर्ची बनवाई थी, जबकि शुक्रवार को एक बजे तक करीब 700 पर्ची ही बनी थी। कोरोना से बचाव को लेकर बुखार के मरीजों के लिए बनाए गए फ्लू कार्नर पर भी भीड़ नहीं थी। शुक्रवार को करीब 30 मरीजों की जांच व उपचार हुआ जबकि एक दिन पहले 105 मरीज पहुंचे थे। सीएचसी के डॉ. अनुपम सक्सेना ने बताया कि रोजाना औसतन 100 से अधिक मरीज उनके यहां आ रहे थे, लेकिन शुक्रवार को करीब 60 मरीज ही आए हैं।
मेडिकल ऑफिसर डा. विजेंद्र कुमार ने भी मरीजों की संख्या में कमी आना बताया है। ओपीडी में अधिकतर नए मरीज ही आए है। पुराने पर्ची पर उपचार कराने वाले मरीज बहुत कम रहे। चिकित्सकों का मानना है कि कोरोना से बचाव के लिए लोग जागरूक हो रहे हैं। मरीजों के साथ आने वाले तीमारदार भी कम हुए हैं। अस्पताल में अनावश्यक लोग भी आने कम हो गए है। मरीज ही अस्पताल पहुंचे है। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रमेश चंद्रा ने बताया कि शुक्रवार को मरीजों की संख्या कम रही है।
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कोट
कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव को लेकर लोगों में जागरूकता आई है। इसी के चलते सीएचसी में मरीजों की संख्या में कमी आई है। बहुत जरूरी होने पर ही मरीज उपचार कराने आए है। अनावश्यक रूप से लोग घर से बाहर निकलने से बच रहे है। - डा. संजय भटनागर, सीएमओ।
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सीएचसी शामली में रोजाना औसतन 1200 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचकर उपचार करा रहे थे। शुक्रवार को मरीजों की संख्या में और ज्यादा कमी देखने को मिली। सीएचसी में मरीजों की न तो पर्ची बनवाने की लाइन लगी थी और न ही ओपीडी में भीड़ लगी थी। दवा लेने वालों की भी लाइन नहीं थी। भीड़भाड़ के बजाए मरीज आराम से सीएचसी में उपचार कराकर लौट रहे थे। सीएचसी में बृहस्पतिवार को करीब 950 मरीजों ने पर्ची बनवाई थी, जबकि शुक्रवार को एक बजे तक करीब 700 पर्ची ही बनी थी। कोरोना से बचाव को लेकर बुखार के मरीजों के लिए बनाए गए फ्लू कार्नर पर भी भीड़ नहीं थी। शुक्रवार को करीब 30 मरीजों की जांच व उपचार हुआ जबकि एक दिन पहले 105 मरीज पहुंचे थे। सीएचसी के डॉ. अनुपम सक्सेना ने बताया कि रोजाना औसतन 100 से अधिक मरीज उनके यहां आ रहे थे, लेकिन शुक्रवार को करीब 60 मरीज ही आए हैं।
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मेडिकल ऑफिसर डा. विजेंद्र कुमार ने भी मरीजों की संख्या में कमी आना बताया है। ओपीडी में अधिकतर नए मरीज ही आए है। पुराने पर्ची पर उपचार कराने वाले मरीज बहुत कम रहे। चिकित्सकों का मानना है कि कोरोना से बचाव के लिए लोग जागरूक हो रहे हैं। मरीजों के साथ आने वाले तीमारदार भी कम हुए हैं। अस्पताल में अनावश्यक लोग भी आने कम हो गए है। मरीज ही अस्पताल पहुंचे है। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रमेश चंद्रा ने बताया कि शुक्रवार को मरीजों की संख्या कम रही है।
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कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव को लेकर लोगों में जागरूकता आई है। इसी के चलते सीएचसी में मरीजों की संख्या में कमी आई है। बहुत जरूरी होने पर ही मरीज उपचार कराने आए है। अनावश्यक रूप से लोग घर से बाहर निकलने से बच रहे है। - डा. संजय भटनागर, सीएमओ।