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Shamli News: केवाईसी न होने पर 1.53 लाख लाभार्थियों के राशन पर संकट के बादल
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शामली। खाद्य एवं रसद विभाग ने राशन कार्ड यूनिटों की ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित थी। अधिकारियों व राशन डीलरों के काफी प्रयासों के बाद भी जनपद में केवल 83.5 प्रतिशत ग्राहकों की ई-केवाईसी हो पाई है, जबकि 16.5 प्रतिशत यानी 1.53 लाख ग्राहक ई-केवाईसी से वंचित रह गए, अगर शासन ने तिथि नहीं बढ़ाई तो ई केवाईसी नहीं कराने वाले ग्राहक राशन से जुलाई माह से वंचित रह सकते हैं।
जनपद में दो लाख 20 हजार के लगभग पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय कार्डधारक हैं। इसमें नौ लाख 30 हजार यूनिट हैं। विभाग का कहना है कि सरकार ने वितरण प्रणाली में बदलाव किया है। इसमें पहले ई-पॉश मशीन से वितरण कराने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके बाद आधुनिक इलेक्ट्रानिक मशीन की शुरुआत की है। इस पर अनाज के साथ अंगूठा लगता है, तभी कोटेदार राशन दे सकता है। जिले में नौ लाख 30 हजार यूनिटों में से केवल लगभग 7 लाख 76 हजार यूनिटों का ही सत्यापन हो पाया और लगभग 1 लाख 53 हजार यूनिटों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई। अगर जुलाई माह में तिथि नहीं बढ़ी तो यह सभी पात्र जुलाई माह में राशन से वंचित रह जाएंगे।
-पांच साल से छोटे बच्चों की ई-केवाईसी बनी बाधा
झिंझाना। प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर समस्याएं सामने आई। सबसे बड़ी दिक्कत पांच साल से कम उम्र के बच्चों की ई-केवाईसी को लेकर रही, क्योंकि उनके आधार कार्ड में फिंगरप्रिंट नहीं होते। सरकार द्वारा फिंगरप्रिंट आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य किए जाने से इन बच्चों की यूनिट्स सिस्टम से हटनी शुरू हो गई हैं, जो बची हैं अंतिम तिथि के बाद पूरी तरह से हट जाएगी। राशन डीलर जावेद , जिजौला के डीलर फुरकान ने बताया कि बच्चों को आधार केंद्र भेजने पर जवाब मिलता हैं, कि पांच साल से छोटे बच्चों के फिंगर नहीं लिए जाते और राशन कार्ड की साइट पर बिना फिंगर के केवाईसी नहीं होती। इसके अलावा कैराना, कांधला, जलालाबाद, थानाभवन में अंतिम दिन केवाईसी कराने को राशन डीलर के यहां ग्राहक पहुंचे।
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वर्जन
जिन वृद्धोें के अंगूठे नहीं आ पाए ऐसे सभी ग्राहक ई-केवाईसी से वंचित रह गए। उपभोक्ताओं को यह अंतिम मौका दिया गया था, अगर शासन के द्वारा तिथि नहीं बढ़ाई गई तो इन्हें राशन से वंचित रहना पड़ेगा।
- अंकुर यादव, जिला पूर्ति अधिकारी, शामली।
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जनपद में दो लाख 20 हजार के लगभग पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय कार्डधारक हैं। इसमें नौ लाख 30 हजार यूनिट हैं। विभाग का कहना है कि सरकार ने वितरण प्रणाली में बदलाव किया है। इसमें पहले ई-पॉश मशीन से वितरण कराने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके बाद आधुनिक इलेक्ट्रानिक मशीन की शुरुआत की है। इस पर अनाज के साथ अंगूठा लगता है, तभी कोटेदार राशन दे सकता है। जिले में नौ लाख 30 हजार यूनिटों में से केवल लगभग 7 लाख 76 हजार यूनिटों का ही सत्यापन हो पाया और लगभग 1 लाख 53 हजार यूनिटों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई। अगर जुलाई माह में तिथि नहीं बढ़ी तो यह सभी पात्र जुलाई माह में राशन से वंचित रह जाएंगे।
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-पांच साल से छोटे बच्चों की ई-केवाईसी बनी बाधा
झिंझाना। प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर समस्याएं सामने आई। सबसे बड़ी दिक्कत पांच साल से कम उम्र के बच्चों की ई-केवाईसी को लेकर रही, क्योंकि उनके आधार कार्ड में फिंगरप्रिंट नहीं होते। सरकार द्वारा फिंगरप्रिंट आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य किए जाने से इन बच्चों की यूनिट्स सिस्टम से हटनी शुरू हो गई हैं, जो बची हैं अंतिम तिथि के बाद पूरी तरह से हट जाएगी। राशन डीलर जावेद , जिजौला के डीलर फुरकान ने बताया कि बच्चों को आधार केंद्र भेजने पर जवाब मिलता हैं, कि पांच साल से छोटे बच्चों के फिंगर नहीं लिए जाते और राशन कार्ड की साइट पर बिना फिंगर के केवाईसी नहीं होती। इसके अलावा कैराना, कांधला, जलालाबाद, थानाभवन में अंतिम दिन केवाईसी कराने को राशन डीलर के यहां ग्राहक पहुंचे।
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जिन वृद्धोें के अंगूठे नहीं आ पाए ऐसे सभी ग्राहक ई-केवाईसी से वंचित रह गए। उपभोक्ताओं को यह अंतिम मौका दिया गया था, अगर शासन के द्वारा तिथि नहीं बढ़ाई गई तो इन्हें राशन से वंचित रहना पड़ेगा।
- अंकुर यादव, जिला पूर्ति अधिकारी, शामली।