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भारतीय संस्कृति के संप्रेषक थे रामकृष्ण परमहंस
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शामली। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज शामली में संत शिरोमणि रामकृष्ण परमहंस की जयंती धूमधाम से मनाई गई।
शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य आनंद प्रसाद ने सरस्वती वंदना और संत रामकृष्ण परमहंस के चित्र के संमुख पुष्पार्चन के साथ हुआ। मुख्य वक्ता आचार्य बिजेंद्र सिंह ने बताया कि संत रामकृष्ण परमहंस भारतीय संस्कृति एवं अध्यात्म ज्ञान के महान संप्रेषक थे। उनके ज्ञान का प्रकाश विश्व में ऐसा प्रशस्त हुआ कि स्वामी विवेकानंद जैसे उनके शिष्यों ने भारत की ज्ञान पताका गगन तक ऊंची फहरा दी।
आनंद प्रसाद ने बताया कि उन्होंने संपूर्ण विश्व में सामंजस्य स्थापित करते हुए एक ईश्वर की भक्ति करने की प्रेरणा दी। हरियाणा से आए प्रसिद्ध जादूगर संदीप सोनी ने ईश्वर भक्ति, देशभक्ति, कोरोना से बचाव और मनोरंजन से जुड़े अनेक जादू के कार्यक्रमों का हास्यपूर्ण प्रदर्शन करके सबको खूब गुदगुदाया। जादू का यह कार्यक्रम रेडक्रास संस्था ने प्रस्तुत किया।
मौके पर उप प्रधानाचार्य मलूक चंद, आचार्य अरविंद कुमार, वसीम खान, मधुबन शर्मा, अंकुर कुमार, प्रमोद, पुष्पेंद्र शर्मा, सोमदत्त आर्य, पवन कुमार, परितोष कुमार, अशोक सोम, सीताराम, सुभाषचंद्र, नितिन कुमार आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रीतम सिंह प्रीतम ने किया।
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सभी धर्मों को एक समान माना
शामली। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जूनियर हाई स्कूल शामली में शुक्रवार को संत रामकृष्ण परमहंस की जयंती मनाई गई। शुभारंभ प्रधानाचार्य संजय सैनी, मुख्य वक्ता राजीव शर्मा ने मां सरस्वती और रामकृष्ण परमहंस के चित्र पर पुष्पार्चन कर किया। मुख्य वक्ता राजीव शर्मा ने बताया कि रामकृष्ण परमहंस ने सभी धर्मों को एक समान माना और सभी धर्मों का आदर करने की बात कही। आचार्य रविंद्र कुमार ने बताया कि रामकृष्ण परमहंस मानवता के पुजारी थे। साधना के फलस्वरुप वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि संसार के सभी धर्म सच्चे हैं और उनमें कोई भी संदेह नहीं है। ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग केवल भक्ति भाव ही है। मौके पर आचार्य आशीष जैन, सुधीर, सुनील, शिवकुमार धीमान, मोहित, प्रवेश शर्मा, लक्ष्मी गर्ग, सविता, सारिका शर्मा, संगीता शर्मा, रमा शर्मा मौजूद रहे।
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शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य आनंद प्रसाद ने सरस्वती वंदना और संत रामकृष्ण परमहंस के चित्र के संमुख पुष्पार्चन के साथ हुआ। मुख्य वक्ता आचार्य बिजेंद्र सिंह ने बताया कि संत रामकृष्ण परमहंस भारतीय संस्कृति एवं अध्यात्म ज्ञान के महान संप्रेषक थे। उनके ज्ञान का प्रकाश विश्व में ऐसा प्रशस्त हुआ कि स्वामी विवेकानंद जैसे उनके शिष्यों ने भारत की ज्ञान पताका गगन तक ऊंची फहरा दी।
आनंद प्रसाद ने बताया कि उन्होंने संपूर्ण विश्व में सामंजस्य स्थापित करते हुए एक ईश्वर की भक्ति करने की प्रेरणा दी। हरियाणा से आए प्रसिद्ध जादूगर संदीप सोनी ने ईश्वर भक्ति, देशभक्ति, कोरोना से बचाव और मनोरंजन से जुड़े अनेक जादू के कार्यक्रमों का हास्यपूर्ण प्रदर्शन करके सबको खूब गुदगुदाया। जादू का यह कार्यक्रम रेडक्रास संस्था ने प्रस्तुत किया।
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मौके पर उप प्रधानाचार्य मलूक चंद, आचार्य अरविंद कुमार, वसीम खान, मधुबन शर्मा, अंकुर कुमार, प्रमोद, पुष्पेंद्र शर्मा, सोमदत्त आर्य, पवन कुमार, परितोष कुमार, अशोक सोम, सीताराम, सुभाषचंद्र, नितिन कुमार आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रीतम सिंह प्रीतम ने किया।
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सभी धर्मों को एक समान माना
शामली। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जूनियर हाई स्कूल शामली में शुक्रवार को संत रामकृष्ण परमहंस की जयंती मनाई गई। शुभारंभ प्रधानाचार्य संजय सैनी, मुख्य वक्ता राजीव शर्मा ने मां सरस्वती और रामकृष्ण परमहंस के चित्र पर पुष्पार्चन कर किया। मुख्य वक्ता राजीव शर्मा ने बताया कि रामकृष्ण परमहंस ने सभी धर्मों को एक समान माना और सभी धर्मों का आदर करने की बात कही। आचार्य रविंद्र कुमार ने बताया कि रामकृष्ण परमहंस मानवता के पुजारी थे। साधना के फलस्वरुप वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि संसार के सभी धर्म सच्चे हैं और उनमें कोई भी संदेह नहीं है। ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग केवल भक्ति भाव ही है। मौके पर आचार्य आशीष जैन, सुधीर, सुनील, शिवकुमार धीमान, मोहित, प्रवेश शर्मा, लक्ष्मी गर्ग, सविता, सारिका शर्मा, संगीता शर्मा, रमा शर्मा मौजूद रहे।