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कैराना पलायन व मुजफ्फरनगर दंगे का मुद्दा उठाया, पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाया

Tue, 09 Nov 2021 12:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Nov 2021 12:12 AM IST
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Raised the issue of migration and riots
कैराना में पलायन के बाद वापस लौटे व्यापारी विजय मित्तल के आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ? - फोटो : SHAMLI
पलायन और दंगे का मुद्दा उठाया, पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाया
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शामली। विधानसभा चुनाव 2022 से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैराना पलायन और मुजफ्फरनगर दंगे का मुद्दा उठाते हुए भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। सपा को पलायन और दंगे का दोषी बताते हुए जमकर प्रहार किए। उनके संबोधन में हिंदुत्व का एजेंडा भी साफ नजर आया।
किसान आंदोलन से सपा व रालोद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक नई ताकत के रुप में सामने आईं हैं। विधानसभा चुनाव से पूर्व सपा व रालोद का गठबंधन भी तय माना जा रहा है। इसके संकेत दोनों दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी दे चुके हैं। भाजपा की ताकत बढ़ाने और विधानसभा चुनाव के मद्देनजर माहौल बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कैराना आए। पलायन का गढ़ रहे कैराना में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा को राजनीतिक मायने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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पीएसी बटालियन व फायरिंग रेंज की आधारशिला समारोह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैराना को तरजीह देते हुए लगभग तीन घंटे गुजारे। पहले पलायन के बाद कैराना लौटे परिजनों से मुलाकात कर उनका दर्द सुनकर जख्मों पर मरहम लगाया। जाते वक्त पीड़ितों को मुआवजा देने का एलान किया और उनका हौंसला बढ़ाते हुए कहा कि डरना मत सरकार साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने साफ कह दिया है कि पलायन कराने वाले आज खुद पलायन कर गए हैं। योगी ने आधा घंटे के भाषण में सपा सरकार ही नहीं बल्कि अप्रत्यक्ष रुप से बसपा और दूसरों दलों को भी बिगड़ी कानून व्यवस्था, मुजफ्फरनगर, शामली का दंगे और कैराना पलायन के जख्म कुरेदते हुए कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया। सुरक्षा देने की जिम्मेदारी का आश्वासन देने के साथ ही चेतावनी भरे लहजे में स्पष्ट कहा कि अब बहन बेटी की ओर कोई भी आंख नहीं उठा पाएगा।
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योगी ने किसान आंदोलन और उसके मुद्दों पर कुछ नहीं बोला, लेकिन किसानों को रिझाने के लिए केंद्र सरकार की खेती और किसान से संबंधित योजनाओं का जरूर जिक्र किया। वहीं किसानों की कर्ज माफी का उल्लेख भी उन्होंने संबोधन में करते हुए किसान बेल्ट में अपनी बात रखी। उन्होंने सवाल पूछा क्या पूर्व सरकारों में किसान के कर्ज माफ हुए, सम्मान निधि मिली।

योगी अपने चिपरिचित अंदाज में हिंदुत्व का मुद्दा उठाना भी नहीं भूले। जम्मू काश्मीर में धारा 370 खत्म करने, अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों पर हैलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की बात कहकर भाजपा के पक्ष में ध्रुवीकरण का प्रयास किया।
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