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तेज हवा के साथ बारिश ने किया जनजीवन अस्तव्यस्त
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शामली तेज हवा में गिरी गन्ने की फसल।
- फोटो : SHAMLI
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तेज हवा के साथ बारिश ने किया जनजीवन अस्तव्यस्त
शामली। बारिश के साथचली तेज हवा ने सर्दी को बढ़ा दिया है। बृहस्पतिवार की सुबह साढ़े तीन बजे शुरु हुई बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। 10 बजे तक बारिश हुई। पूरे दिन बादल छाए रहे। शाम तक 32 किमी प्रति घंटे की गति से हवा चलने चली, जिससे शामली कड़ाके की सर्दी के आगोश में रहा। पिछले 24 घंटे में दिन का तापमान छह डिग्री सेल्सियस पारा लुढ़क गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार शुक्रवार को भी बूंदाबांदी की संभावना है।
मौसम ने बुधवार रात करवट बदली। बृहस्पतिवार की सुबह करीब साढ़े तीन बजे बादलों की तेज गड़गड़ाहट व हवा के साथ अचानक वर्षा शुरू हुई। भारी बारिश से जहां एक और ठंड बढ़ गई। वहीं जीवन अस्तव्यस्त हो गया और लोग अपने अपने घरों में कैद हो गए। पिछले 24 घंटे में दिन का तापमान छह डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया। बृहस्पतिवार को दिन का तापमान 13 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के नोडल अधिकारी डॉ. उदय प्रताप शाही के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली, सहारनपुर, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर समेत कई जिल प्रभावित हैं। अभी भी बारिश के साथ 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। चार फरवरी तक मौसम खराब होने अनुमान है। जिसमें बूंदाबांदी के साथ ओला पड़ने के आसार बन रहे हैं।
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बारिश और हवा से फसलों को नुकसान
बेमौसम हुई बरसात से खेतों में पानी लबालब भर गया। बार-बार हो रही बारिश से गेहूं की पत्ती पीली पड़ने की आशंका बढ़ गई है। हवा से सरसों और गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है। फसल खेत में गिर गई। मौसम विभाग की मानें तो शुक्रवार को भी बारिश की आशंका जताई जा रही है। लगातार बारिश पड़ती रही तो किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। किसान जगजीत सिंह, वीरेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, प्रीतम कुमार, रामपाल सिंह आदि ने बताया कि बेमौसम भारी बरसात होने से एक तो गन्ने की कटाई बंद हो गई। जिससे पशुओं के लिए चारे की समस्या खड़ी हो गई है। किसानों का कहना है कि जनवरी में दो बार भारी बारिश पड़ने तथा फरवरी के शुरू होते ही बारिश पड़ने से खेतों में खड़ी आलू, सरसों, गेहूं की फसल को लगातार नुकसान हो रहा है।
हवा के चलते बिजली आपूर्ति रही बाधित
तेज बारिश के चलते रात में ही शहर और देहात क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। घंटों तक बिजली न आने से लोगों के जरूरी कार्य प्रभावित हुए। तेज हवा के चलते कुछ इलाकों में तार टूटने की सूचनाएं भी मिलीं। शाम तक तेज हवा के चलते लोग परेशान रहे।
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शामली। बारिश के साथचली तेज हवा ने सर्दी को बढ़ा दिया है। बृहस्पतिवार की सुबह साढ़े तीन बजे शुरु हुई बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। 10 बजे तक बारिश हुई। पूरे दिन बादल छाए रहे। शाम तक 32 किमी प्रति घंटे की गति से हवा चलने चली, जिससे शामली कड़ाके की सर्दी के आगोश में रहा। पिछले 24 घंटे में दिन का तापमान छह डिग्री सेल्सियस पारा लुढ़क गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार शुक्रवार को भी बूंदाबांदी की संभावना है।
मौसम ने बुधवार रात करवट बदली। बृहस्पतिवार की सुबह करीब साढ़े तीन बजे बादलों की तेज गड़गड़ाहट व हवा के साथ अचानक वर्षा शुरू हुई। भारी बारिश से जहां एक और ठंड बढ़ गई। वहीं जीवन अस्तव्यस्त हो गया और लोग अपने अपने घरों में कैद हो गए। पिछले 24 घंटे में दिन का तापमान छह डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया। बृहस्पतिवार को दिन का तापमान 13 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के नोडल अधिकारी डॉ. उदय प्रताप शाही के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली, सहारनपुर, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर समेत कई जिल प्रभावित हैं। अभी भी बारिश के साथ 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। चार फरवरी तक मौसम खराब होने अनुमान है। जिसमें बूंदाबांदी के साथ ओला पड़ने के आसार बन रहे हैं।
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बारिश और हवा से फसलों को नुकसान
बेमौसम हुई बरसात से खेतों में पानी लबालब भर गया। बार-बार हो रही बारिश से गेहूं की पत्ती पीली पड़ने की आशंका बढ़ गई है। हवा से सरसों और गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है। फसल खेत में गिर गई। मौसम विभाग की मानें तो शुक्रवार को भी बारिश की आशंका जताई जा रही है। लगातार बारिश पड़ती रही तो किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। किसान जगजीत सिंह, वीरेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, प्रीतम कुमार, रामपाल सिंह आदि ने बताया कि बेमौसम भारी बरसात होने से एक तो गन्ने की कटाई बंद हो गई। जिससे पशुओं के लिए चारे की समस्या खड़ी हो गई है। किसानों का कहना है कि जनवरी में दो बार भारी बारिश पड़ने तथा फरवरी के शुरू होते ही बारिश पड़ने से खेतों में खड़ी आलू, सरसों, गेहूं की फसल को लगातार नुकसान हो रहा है।
हवा के चलते बिजली आपूर्ति रही बाधित
तेज बारिश के चलते रात में ही शहर और देहात क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। घंटों तक बिजली न आने से लोगों के जरूरी कार्य प्रभावित हुए। तेज हवा के चलते कुछ इलाकों में तार टूटने की सूचनाएं भी मिलीं। शाम तक तेज हवा के चलते लोग परेशान रहे।

शामली तेज हवा में गिरी गन्ने की फसल।- फोटो : SHAMLI