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रेललाइन का रूट बदला तो आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Mon, 29 Aug 2016 12:11 AM IST
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कांधला क्षेत्र के गांव नाला में पंचायत में अपने विचार रखता वक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली के कांधला में मेरठ-पानीपत रेल लाइन बिछाने को लेकर दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने पंचायत की। निर्णय लिया कि अगर पूर्व में हुए सर्वे को बदलने की कोशिश की गई, तो दिल्ली से लखनऊ तक लड़ाई लड़ी जाएगी।
रविवार को क्षेत्र के गांव नाला के प्राइमरी स्कूल एक में गंगेरु, डुंडूखेड़ा, खे़डकुर्तान, इस्सोपुटील, भनेड़ा, कनियान, डांगरौल, दुर्गनपुर खेड़ा, राजपुगढी सहित अन्य कई गांवों के ग्रामीणों ने पंचायत का आयोजन किया।
पंचायत में नगर पंचायत के चेयमैन उदयवीर सिंह पंवार ने कहा कि रेलवे लाइन का मुद्दा बेहद ही संजीदा है। पिछले काफी समय से मामले को लेकर क्षेत्र में हलचल बनी हुई है। कुछ लोग अपनी राजनीति के लिए लाइन में रोड़ा अटका रहे हैं, वो आज जनता की वजह से ही सरकार में बैठे हुए हैं।
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उन्होंने सुझाव दिया कि आरटीआई के माध्यम से रेलवे विभाग से इस मामले की जानकारी जुटाई जा सकती है। इस्सोपुटील के पूर्व प्रधान पप्पू ने कहा कि आज हमारे पास समय है। अगर रेलवे लाइन हमारे क्षेत्र से नहीं गुजरी, तो हम अपने आने वाली पीढ़ी को कोई जवाब नहीं दे सकेंगे।
रेलवे लाइन को लेकर दिल्ली से लेकर लखनऊ तक लड़ाई लड़ी जाएगी, लेकिन इससे पीछे नहीं हटा जाएगा। अध्यक्षता चौधरी करण सिंह गंगेरु और संचालन किसान नेता सुनील पंवार ने किया। पंचायत में सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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रविवार को क्षेत्र के गांव नाला के प्राइमरी स्कूल एक में गंगेरु, डुंडूखेड़ा, खे़डकुर्तान, इस्सोपुटील, भनेड़ा, कनियान, डांगरौल, दुर्गनपुर खेड़ा, राजपुगढी सहित अन्य कई गांवों के ग्रामीणों ने पंचायत का आयोजन किया।
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पंचायत में नगर पंचायत के चेयमैन उदयवीर सिंह पंवार ने कहा कि रेलवे लाइन का मुद्दा बेहद ही संजीदा है। पिछले काफी समय से मामले को लेकर क्षेत्र में हलचल बनी हुई है। कुछ लोग अपनी राजनीति के लिए लाइन में रोड़ा अटका रहे हैं, वो आज जनता की वजह से ही सरकार में बैठे हुए हैं।
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उन्होंने सुझाव दिया कि आरटीआई के माध्यम से रेलवे विभाग से इस मामले की जानकारी जुटाई जा सकती है। इस्सोपुटील के पूर्व प्रधान पप्पू ने कहा कि आज हमारे पास समय है। अगर रेलवे लाइन हमारे क्षेत्र से नहीं गुजरी, तो हम अपने आने वाली पीढ़ी को कोई जवाब नहीं दे सकेंगे।
रेलवे लाइन को लेकर दिल्ली से लेकर लखनऊ तक लड़ाई लड़ी जाएगी, लेकिन इससे पीछे नहीं हटा जाएगा। अध्यक्षता चौधरी करण सिंह गंगेरु और संचालन किसान नेता सुनील पंवार ने किया। पंचायत में सैकड़ों लोग मौजूद रहे।